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जगन्नाथ स्वामी का बांटा भात, लगे जयकारे
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भगवान जगन्नाथ भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के सात घर लौटने की खुशी में गंधीगर टपरा पर भात वितरण किय?
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जगन्नाथ स्वामी का बांटा भात, लगे जयकारे
झांसी। मौसी के घर नौ दिन रहने के बाद भगवान जगन्नाथ स्वामी अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रविवार को वापस अपने घर लौटे। इस खुशी में महानगर के भक्तों ने श्री भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर समिति के संयोजन में लोगों को भात वितरण किया और जय जगन्नाथ के जयकारे लगाए।
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया पर भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा पुरी धाम के साथ ही देश के अन्य कई शहरों में धूमधाम से निकाली जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पुरी में भगवान जगन्नाथ स्वामी अपनी मौसी के घर जाते हैं। वहां से वापस होकर वह अपने घर यानी मुख्य मंदिर में लौटते हैं। इसी खुशी में उनके भक्त जगह - जगह प्रसाद में भात का वितरण करते हैं। रविवार को भात का वितरण गंधीगर के टपरा पर हुआ। श्रद्धालुओं ने मृदंग, ढोल की ताल पर भजन गाए और भक्ति रस में विभोर होकर नृत्य किया। लोग जय जगन्नाथ के जयकारे में डूब गए। इस अवसर पर शिवा नौराही, संजय नौराही, राकेश लाक्षाकार, राघव वर्मा, रवीश त्रिपाठी, पीयूष रावत, आलोक वर्मा, मनमोहन गेड़ा, मुकेश वर्मा, भरत सेठ, आलोक उपाध्याय, अतुल किलपन, राकेश गेड़ा आदि मौजूद रहे।
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झांसी। मौसी के घर नौ दिन रहने के बाद भगवान जगन्नाथ स्वामी अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रविवार को वापस अपने घर लौटे। इस खुशी में महानगर के भक्तों ने श्री भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर समिति के संयोजन में लोगों को भात वितरण किया और जय जगन्नाथ के जयकारे लगाए।
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया पर भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा पुरी धाम के साथ ही देश के अन्य कई शहरों में धूमधाम से निकाली जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पुरी में भगवान जगन्नाथ स्वामी अपनी मौसी के घर जाते हैं। वहां से वापस होकर वह अपने घर यानी मुख्य मंदिर में लौटते हैं। इसी खुशी में उनके भक्त जगह - जगह प्रसाद में भात का वितरण करते हैं। रविवार को भात का वितरण गंधीगर के टपरा पर हुआ। श्रद्धालुओं ने मृदंग, ढोल की ताल पर भजन गाए और भक्ति रस में विभोर होकर नृत्य किया। लोग जय जगन्नाथ के जयकारे में डूब गए। इस अवसर पर शिवा नौराही, संजय नौराही, राकेश लाक्षाकार, राघव वर्मा, रवीश त्रिपाठी, पीयूष रावत, आलोक वर्मा, मनमोहन गेड़ा, मुकेश वर्मा, भरत सेठ, आलोक उपाध्याय, अतुल किलपन, राकेश गेड़ा आदि मौजूद रहे।
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