{"_id":"610d90948ebc3ebda642cd47","slug":"betwa-boomed-due-to-rain-twenty-gates-of-matatila-dam-opened-jhansi-news-jhs2013347187","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजघाट से छूटा दो लाख क्यूसेक पानी, उफान पर बेतवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजघाट से छूटा दो लाख क्यूसेक पानी, उफान पर बेतवा
विज्ञापन
ललितपुर/झांसी। भोपाल समेत मध्य प्रदेश के कई इलाकों में हो रही तेज बारिश से बेतवा उफना गई है। शुक्रवार को राजघाट बांध से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे माताटीला बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। स्थिति को देख माताटीला बांध के बीस गेट खोल दिए गए हैं। अभी और पानी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने बेतवा नदी के आसपास के गांवों के लोगों को अलर्ट कर दिया है।
दोपहर के समय राजघाट बांध में पानी का जलस्तर 367.75 मीटर पहुंचने के बाद पानी की निकासी की गई। इससे माताटीला भी लबालब हो गया। बांध में तेजी से बढ़ रहे पानी को देख बीस गेट खोले गए, जिनमें से सोलह गेट इस सीजन में पहली बार दस फुट की ऊंचाई से खोले गए। चार गेटों को आठ फुट की ऊंचाई पर खोला गया है। अधिशासी अभियंता मोहम्मद फरीद का कहना है कि देर शाम तक माताटीला बांध से तीन लाख क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा जा चुका था। देर-रात राजघाट से और पानी छोड़ने की संभावना जताई जा रही है। शनिवार सुबह तक करीब एक लाख क्यूसेक पानी और बढ़ोतरी की संभावना है।
सिंध का जलस्तर घटा
सिंध नदी का जलस्तर पंद्रह फुट नीचे आने के बाद भी वाहनों को धीमी गति से पुराने पुल से ही निकाला गया। ट्रेनों की गति भी धीमी रही।
सुकुवां और अन्य बांधों से भी छोड़ा जा रहा पानी
माताटीला के गेट खुलने से सुकुवां ढुकुवां बांध में भी पानी बढ़ गया है। शुक्रवार को ढुकुवां बांध से 1.32 लाख क्यूसेक, पारीछा बांध से 4 हजार क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा गया। पानी छोड़ने के बाद बेतवा नदी उफनानी शुरू हो गई। हालांकि, अभी नदी खतरे के निशान से करीब सात मीटर नीचे बह रही है। नोट घाट पर देर-शाम बेतवा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205 मीटर की जगह 198.62 मीटर पर बह रहा था। उधर, धसान नदी में पहाड़ी जलाशय से 4 हजार क्यूसेक, लहचूरा जलाशय से 4800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
विज्ञापन
लबालब हुए तीन जलाशय
मप्र समेत झांसी के आसपास इलाकों में हुई झमाझम बारिश के चलते तीन जलाशय लबालब हो चुके हैं। सिंचाई विभाग के मुताबिक डोंगरी जलाशय, रेलवे जलाशय एवं पहूंज जलाशय अपनी क्षमता के मुताबिक भर लिए गए हैं।
विज्ञापन
दोपहर के समय राजघाट बांध में पानी का जलस्तर 367.75 मीटर पहुंचने के बाद पानी की निकासी की गई। इससे माताटीला भी लबालब हो गया। बांध में तेजी से बढ़ रहे पानी को देख बीस गेट खोले गए, जिनमें से सोलह गेट इस सीजन में पहली बार दस फुट की ऊंचाई से खोले गए। चार गेटों को आठ फुट की ऊंचाई पर खोला गया है। अधिशासी अभियंता मोहम्मद फरीद का कहना है कि देर शाम तक माताटीला बांध से तीन लाख क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा जा चुका था। देर-रात राजघाट से और पानी छोड़ने की संभावना जताई जा रही है। शनिवार सुबह तक करीब एक लाख क्यूसेक पानी और बढ़ोतरी की संभावना है।
विज्ञापन
सिंध का जलस्तर घटा
सिंध नदी का जलस्तर पंद्रह फुट नीचे आने के बाद भी वाहनों को धीमी गति से पुराने पुल से ही निकाला गया। ट्रेनों की गति भी धीमी रही।
सुकुवां और अन्य बांधों से भी छोड़ा जा रहा पानी
माताटीला के गेट खुलने से सुकुवां ढुकुवां बांध में भी पानी बढ़ गया है। शुक्रवार को ढुकुवां बांध से 1.32 लाख क्यूसेक, पारीछा बांध से 4 हजार क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा गया। पानी छोड़ने के बाद बेतवा नदी उफनानी शुरू हो गई। हालांकि, अभी नदी खतरे के निशान से करीब सात मीटर नीचे बह रही है। नोट घाट पर देर-शाम बेतवा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205 मीटर की जगह 198.62 मीटर पर बह रहा था। उधर, धसान नदी में पहाड़ी जलाशय से 4 हजार क्यूसेक, लहचूरा जलाशय से 4800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
विज्ञापन
लबालब हुए तीन जलाशय
मप्र समेत झांसी के आसपास इलाकों में हुई झमाझम बारिश के चलते तीन जलाशय लबालब हो चुके हैं। सिंचाई विभाग के मुताबिक डोंगरी जलाशय, रेलवे जलाशय एवं पहूंज जलाशय अपनी क्षमता के मुताबिक भर लिए गए हैं।