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उत्तम क्षमा गहो रे भाई, इहभव जस परभव सुखदाई
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झांसी। आत्म अनुसंधान और जैन समाज के प्रमुख पर्व पर्यूषण का बुधवार को आगाज हो गया। पहले दिन श्रावक-श्राविकाओं ने उत्तम क्षमा धर्म की पूजा की। इसके साथ ही कई श्रावक-श्राविकाओं ने व्रत, नियम और संयम के जरिए धर्म की आराधना की। नगर के पंचायती बड़ा जैन मंदिर में सामूहिक पूजन के दौरान आर्यिका विभाश्री माताजी ने श्रावकों को उत्तम क्षमा धर्म का महत्व बताया। इसके साथ ही चंद्रप्रभु जिनालय, नगरा जैन मंदिर में भी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
बड़ा जैन पंचायती मंदिर में पूज्य विभाश्री माताजी ने कहा कि पर्व वह होता है जो हमारी सोई हुई आत्मा को जगा देता है। जो हमें अंधकार से उठाकर के प्रकाश में ले जाता है। हम यह सोचते हैं कि क्रोध आए तो क्षमा मांग लेना, यह उत्तम क्षमा धर्म है। बल्कि जैन आगम में क्रोध आने पा, क्रोध निकालने पर, दूसरे के द्वारा पीड़ित किये जाने पर क्षमा मांगने को क्षमा धर्म नहीं कहा गया। जैन ग्रंथों के आधार पर कलुषता उत्पन्न ही न हो वह क्षमा धर्म है।
इससे पूर्व शांतिधारा का सौभाग्य सुकमाल जैन, सुभाष जैन, अमित जैन, आलोक जैन, राजेंद्र जैन, देवेंद्र जैन को प्राप्त हुआ। माताजी का पाद प्रक्षालन दीप्ति जैन, संगीता जैन और शास्त्र भेंट दिनेश जैन डीके ने किया। इस दौरान देव शास्त्र गुरु, भगवान आदिनाथ, पद्मप्रभु भगवान, सोलहकारण, दशलक्षण धर्म की पूजा स्वतंत्र भैया जी टीकमगढ़ और सोनी जैन सिरसागंज की संगीतमय स्वर लहरियों के मध्य संपन्न हुई। इस मौके पर पंचायत अध्यक्ष अजित जैन, राजीव जैन, सुनील जैन, गौरव जैन, प्रवीण जैन, अशोक जैन लाला, रमेश जैन, सिंघई संजय जैन, खुशाल जैन, संजय जैन, प्रदीप जैन, अलंकार जैन, मनोज सिंघई, डॉ. राजीव जैन, अंजलि जैन, पिंकी जैन, मेघा जैन, कल्पना जैन सपना जैन, रंजना जैन, दीपमाला जैन मौजूद रहे।
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उधर, सिविल लाइंस स्थित चंदप्रभु जिनालय में भी उत्तम क्षमा धर्म की आराधना की गई। सांगानेर से पधारे पंडित शुभम जैन शास्त्री ने कहा कि आत्मा क्षमा भावी ही है। धर्म को क्रिया से नहीं मन के भावों से जोड़कर अपनाना चाहिए।
सुबह भगवान आदिनाथ का अभिषेक और दशलक्षण धर्म की पूजा की गई। इस मौके पर निलय जैन, पदम जैन, अशोक जैन, राजीव जैन, अशोक जैन, प्रदीप जैन, डॉ. यूके जैन, डॉ. प्रवीण कुमार जैन, जयंत मनी जैन मानिक चंद जैन, रविंद्र जैन, प्रभात जैन मौजूद रहे। महावीर दिगंबर जैन मंदिर नगरा, गुदरी जैन मंदिर, सदर बाजार जैन मंदिर, कैलाश रेजीडेंसी जैन मंदिर, राजगढ़ जैन मंदिर और करगुवां जैन मंदिर में भी उत्तम क्षमा धर्म की पूजा की गई।
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आज होगी मार्दव धर्म की पूजा
झांसी। पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की पूजा की गई। सौरभ जैन सर्वज्ञ ने बताया कि उत्तम मार्दव धर्म पर मान कषाय को दूर करने का संकल्प श्रावक-श्राविकाएं लेंगे। इस मौके पर बड़ा जैन मंदिर में सुबह अभिषेक, सामूहिक पूजन, आर्यिका विभाश्री माताजी के प्रवचन और दोपहर में तत्वार्थ सूत्र का वाचन और शाम को आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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बड़ा जैन पंचायती मंदिर में पूज्य विभाश्री माताजी ने कहा कि पर्व वह होता है जो हमारी सोई हुई आत्मा को जगा देता है। जो हमें अंधकार से उठाकर के प्रकाश में ले जाता है। हम यह सोचते हैं कि क्रोध आए तो क्षमा मांग लेना, यह उत्तम क्षमा धर्म है। बल्कि जैन आगम में क्रोध आने पा, क्रोध निकालने पर, दूसरे के द्वारा पीड़ित किये जाने पर क्षमा मांगने को क्षमा धर्म नहीं कहा गया। जैन ग्रंथों के आधार पर कलुषता उत्पन्न ही न हो वह क्षमा धर्म है।
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इससे पूर्व शांतिधारा का सौभाग्य सुकमाल जैन, सुभाष जैन, अमित जैन, आलोक जैन, राजेंद्र जैन, देवेंद्र जैन को प्राप्त हुआ। माताजी का पाद प्रक्षालन दीप्ति जैन, संगीता जैन और शास्त्र भेंट दिनेश जैन डीके ने किया। इस दौरान देव शास्त्र गुरु, भगवान आदिनाथ, पद्मप्रभु भगवान, सोलहकारण, दशलक्षण धर्म की पूजा स्वतंत्र भैया जी टीकमगढ़ और सोनी जैन सिरसागंज की संगीतमय स्वर लहरियों के मध्य संपन्न हुई। इस मौके पर पंचायत अध्यक्ष अजित जैन, राजीव जैन, सुनील जैन, गौरव जैन, प्रवीण जैन, अशोक जैन लाला, रमेश जैन, सिंघई संजय जैन, खुशाल जैन, संजय जैन, प्रदीप जैन, अलंकार जैन, मनोज सिंघई, डॉ. राजीव जैन, अंजलि जैन, पिंकी जैन, मेघा जैन, कल्पना जैन सपना जैन, रंजना जैन, दीपमाला जैन मौजूद रहे।
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उधर, सिविल लाइंस स्थित चंदप्रभु जिनालय में भी उत्तम क्षमा धर्म की आराधना की गई। सांगानेर से पधारे पंडित शुभम जैन शास्त्री ने कहा कि आत्मा क्षमा भावी ही है। धर्म को क्रिया से नहीं मन के भावों से जोड़कर अपनाना चाहिए।
सुबह भगवान आदिनाथ का अभिषेक और दशलक्षण धर्म की पूजा की गई। इस मौके पर निलय जैन, पदम जैन, अशोक जैन, राजीव जैन, अशोक जैन, प्रदीप जैन, डॉ. यूके जैन, डॉ. प्रवीण कुमार जैन, जयंत मनी जैन मानिक चंद जैन, रविंद्र जैन, प्रभात जैन मौजूद रहे। महावीर दिगंबर जैन मंदिर नगरा, गुदरी जैन मंदिर, सदर बाजार जैन मंदिर, कैलाश रेजीडेंसी जैन मंदिर, राजगढ़ जैन मंदिर और करगुवां जैन मंदिर में भी उत्तम क्षमा धर्म की पूजा की गई।
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आज होगी मार्दव धर्म की पूजा
झांसी। पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की पूजा की गई। सौरभ जैन सर्वज्ञ ने बताया कि उत्तम मार्दव धर्म पर मान कषाय को दूर करने का संकल्प श्रावक-श्राविकाएं लेंगे। इस मौके पर बड़ा जैन मंदिर में सुबह अभिषेक, सामूहिक पूजन, आर्यिका विभाश्री माताजी के प्रवचन और दोपहर में तत्वार्थ सूत्र का वाचन और शाम को आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।