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बुंदेलखंड में की जाए कृत्रिम वर्षा
झांसी/ब्यूरो
Updated Sun, 14 Feb 2016 12:46 AM IST
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झांसी। सूखे की मार से कराह रहे किसानों को राहत देने के लिए कृषि विभाग ने कृत्रिम वर्षा का सुझाव दिया। यह सुझाव मुख्य सचिव द्वारा उपाय पूछे जाने पर दिया गया।
तर्क दिया गया कि महाराष्ट्र में इस तरह का प्रयोग किया गया था, जो सफल रहा। बुंदेलखंड में भी यह प्रयोग किया जा सकता है।
गेहूं की फसल को बचाने के लिए अभी पानी की दरकार है। नहरों से पानी देना संभव नहीं है। मुख्य सचिव ने कृषि विभाग के अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने कृत्रिम वर्षा का सुझाव दिया। मुख्य सचिव ने एक सप्ताह में इस पर प्रोेजेक्ट बनाकर भेजने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि पूर्व में भी प्रशासन के आला अफसरों ने कृत्रिम वर्षा का प्रोजेक्ट बनाया था। यह योजना पर काम भी शुरू हुआ था, लेकिन कागजों में ही बादल बन पाए थे।
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वहीं, जिलाधिकारी अनुराग यादव ने गांव-गांव में छोटे-छोटे तालाब बनवाने का प्रस्ताव रखा। उनका तर्क था कि बारिश में तालाब भर जाएंगे, जिससे भूगर्भ जल स्तर अच्छा रहेगा। मुख्य सचिव ने उनके प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
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तर्क दिया गया कि महाराष्ट्र में इस तरह का प्रयोग किया गया था, जो सफल रहा। बुंदेलखंड में भी यह प्रयोग किया जा सकता है।
गेहूं की फसल को बचाने के लिए अभी पानी की दरकार है। नहरों से पानी देना संभव नहीं है। मुख्य सचिव ने कृषि विभाग के अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने कृत्रिम वर्षा का सुझाव दिया। मुख्य सचिव ने एक सप्ताह में इस पर प्रोेजेक्ट बनाकर भेजने के निर्देश दिए।
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गौरतलब है कि पूर्व में भी प्रशासन के आला अफसरों ने कृत्रिम वर्षा का प्रोजेक्ट बनाया था। यह योजना पर काम भी शुरू हुआ था, लेकिन कागजों में ही बादल बन पाए थे।
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वहीं, जिलाधिकारी अनुराग यादव ने गांव-गांव में छोटे-छोटे तालाब बनवाने का प्रस्ताव रखा। उनका तर्क था कि बारिश में तालाब भर जाएंगे, जिससे भूगर्भ जल स्तर अच्छा रहेगा। मुख्य सचिव ने उनके प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।