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इतिहास का काला अध्याय है छह दिसंबर
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Mon, 07 Dec 2015 01:20 AM IST
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झांसी। अयोध्या के विवादित ढांचे के विध्वंस की तेइसवीं बरसी पर रविवार को विभिन्न संगठनों द्वारा कलंक दिवस मनाया गया।
मुस्लिम महासभा द्वारा काला दिवस मनाया गया। इस मौके पर महासभा के प्रभारी शकील खान के नेतृत्व में गांधी उद्यान में हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने छह दिसंबर 1992 की घटना को देश का भाईचारा, अमन-चैन व सौहार्द को मिटाने वाली घटना बताया। विशिष्ट अतिथि डा. इमदाद अली, हबीबुर्रहमान व इदरीश खान रहे। इस मौके पर अबरार अली, लाट साहब, जहीर अली, मो. हनीफ मंसूरी, सैयद मो. कामिल, हबीब मस्तान, हमीद खान आदि मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता करते हुए महानगर अध्यक्ष अशरफ इकबाल ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में आरएसएस का मंदिर निर्माण का बयान भड़काऊ व सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाने वाला है। मुख्य अतिथि डा. इमदाद अली ने कहा कि सभी को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का इंतजार करना चाहिए। इस मौके पर शकील अली गुड्डू, सलमान राईन, डा. नसीम अहमद, माजिद खान, निसार उल हक, मो. आजम, फहीम हुसैन जैदी, महेंद्र कुमार, राजेंद्र, हीरालाल वर्मा, उस्मान, राजा मोसिन, महमूद कुरैशी आदि मौजूद रहे। संचालन अब्दुल समद व आभार इरफान अहमद ने जताया।
पसमांदा मुस्लिम समाज की राष्ट्रीय महासचिव अहमद खां मंसूरी के मुख्य आतिथ्य व मंडल उपाध्यक्ष गफ्फार खां मंसूरी की अध्यक्षता में जानकीपुरम सिविल लाइन में बैठक हुई, जिसमें छह दिसंबर को इतिहास का काला अध्याय बताया। इस मौके पर आलमगीर, नफीस, अलाउद्दीन कुरैशी, अशरफ कुरैशी, हमीद, शादाब, फीरोज मलिक आदि मौजूद रहे। संचालन जैनुल आब्दीन व आभार शेर खां ने जताया।
ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश की ओरछा गेट स्थित कार्यालय पर राष्ट्रीय महासचिव मो. कलाम कुरैशी के मुख्य आतिथ्य व चौधरी मो. नफीस की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में वक्ताओं ने छह दिसंबर को इतिहास का सबसे काला दिन बताया। इस मौके पर छोटू कुरैशी, अतीक कुरैशी, पहलवान कुरैशी, नसीद अंसारी, शहरी गौरी, डा. कामिल, वकील कुरैशी, आरिफ कुरैशी आदि मौजूद रहे। संचालन निजामुद्दीन कुरैशी ने किया। आभार चौधरी रहीस कुरैशी ने जताया।
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मुस्लिम महासभा द्वारा काला दिवस मनाया गया। इस मौके पर महासभा के प्रभारी शकील खान के नेतृत्व में गांधी उद्यान में हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने छह दिसंबर 1992 की घटना को देश का भाईचारा, अमन-चैन व सौहार्द को मिटाने वाली घटना बताया। विशिष्ट अतिथि डा. इमदाद अली, हबीबुर्रहमान व इदरीश खान रहे। इस मौके पर अबरार अली, लाट साहब, जहीर अली, मो. हनीफ मंसूरी, सैयद मो. कामिल, हबीब मस्तान, हमीद खान आदि मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता करते हुए महानगर अध्यक्ष अशरफ इकबाल ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में आरएसएस का मंदिर निर्माण का बयान भड़काऊ व सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाने वाला है। मुख्य अतिथि डा. इमदाद अली ने कहा कि सभी को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का इंतजार करना चाहिए। इस मौके पर शकील अली गुड्डू, सलमान राईन, डा. नसीम अहमद, माजिद खान, निसार उल हक, मो. आजम, फहीम हुसैन जैदी, महेंद्र कुमार, राजेंद्र, हीरालाल वर्मा, उस्मान, राजा मोसिन, महमूद कुरैशी आदि मौजूद रहे। संचालन अब्दुल समद व आभार इरफान अहमद ने जताया।
पसमांदा मुस्लिम समाज की राष्ट्रीय महासचिव अहमद खां मंसूरी के मुख्य आतिथ्य व मंडल उपाध्यक्ष गफ्फार खां मंसूरी की अध्यक्षता में जानकीपुरम सिविल लाइन में बैठक हुई, जिसमें छह दिसंबर को इतिहास का काला अध्याय बताया। इस मौके पर आलमगीर, नफीस, अलाउद्दीन कुरैशी, अशरफ कुरैशी, हमीद, शादाब, फीरोज मलिक आदि मौजूद रहे। संचालन जैनुल आब्दीन व आभार शेर खां ने जताया।
ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश की ओरछा गेट स्थित कार्यालय पर राष्ट्रीय महासचिव मो. कलाम कुरैशी के मुख्य आतिथ्य व चौधरी मो. नफीस की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में वक्ताओं ने छह दिसंबर को इतिहास का सबसे काला दिन बताया। इस मौके पर छोटू कुरैशी, अतीक कुरैशी, पहलवान कुरैशी, नसीद अंसारी, शहरी गौरी, डा. कामिल, वकील कुरैशी, आरिफ कुरैशी आदि मौजूद रहे। संचालन निजामुद्दीन कुरैशी ने किया। आभार चौधरी रहीस कुरैशी ने जताया।