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एक लोटा जल चढ़ाने से भी खुश होते हैं बाबा भोलेनाथ
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झांसी। महाशिवरात्रि पर सुबह से ही घरों और मंदिरों में भोलेनाथ की पूजा और अभिषेक होगा। इस दिन भोलेनाथ अपने भक्तों की सारी इच्छाएं पूर्ण करते हैं। मान्यता है कि यदि आपके पास पूजा करने के लिए कुछ नहीं है तो आप शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ाकर औघड़ दानी भगवान भोलेनाथ की आराधना करें तो भी भोले भंडारी खुश होते हैं। वहीं बेलपत्र पर चंदन से ओम नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाने से भोलेनाथ खुश होते हैं और गृह क्लेश व जीवन में आने वाली बधाएं दूर करते हैं। घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
भूतनाथ मंदिर के प्रबंधक व पुजारी शंकर लाल मकड़ारिया बताते हैं कि भगवान भोलेनाथ अपने हर भक्त पर कृपा बरसाते हैं। जल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, कपूर, दूध, चंदन, अकउवा का फूल, चावल, भस्म और रुद्राक्ष भगवान शंकर को अति प्रिय हैं। मंदिरों में महाशिवरात्रि पर भगवान का अभिषेक करने में यह सामग्री उपयोग की जाती है। यदि कोई व्यक्ति ऐसी जगह है जहां यह सामग्री उपलब्ध नहीं है या व्यक्ति इसे खरीदने में असमर्थ है तो वह एक लोटा साफ जल लेकर शिवलिंग पर चढ़ाकर अपनी मनोकामना कहे तो भी भोलेनाथ मनचाहा फल देते हैं। वहीं ऐसी मान्यता है कि बेलपत्र से अभिषेक करने पर दान के बराबर पुण्य मिलता है।
वहीं, यदि कोई व्यक्ति कुंठा और समस्याओं से ग्रस्त है तो महाशिवरात्रि पर भगवान को धतूरा अर्पित कर अपने मन की कड़वाहट मिटाने की प्रार्थना करे तो बाबा प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को आत्मशांति मिलती है। पूजा में अक्षत, गुलाल, अबीर और चंदन अर्पित करने से मान सम्मान में वृद्धि होती है।
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राजा बाबा मंदिर के पदाधिकारी राजेश पुरोहित बताते हैं कि महाशिवरात्रि पर ओम नम: शिवाय का जाप करने से और भोलेनाथ के विवाह में शामिल होकर शृंगार स्वरूप के दर्शनों से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। उधर, महाशिवरात्रि पर बाजार में धतूरा 10 रुपये का, बेर 10 रुपये के पांच-छह, गेंदा व गुलाब के फूलों की छोटी माला 10 रुपये में और अकउवा का फूल 10 में मिला। शिव मंदिरों के पास 20 से 30 रुपये में फूल, फल और सामग्री के पैकेट भी बिके।
ऐसे भी कर सकते हैं पूजा
मेष राशि : बेलपत्र, लाल फूल और लाल चंदन से पूजा करें, जलाभिषेक करने से सितारे बुलंद होंगे।
वृष : दूध मिश्रित जल से अभिषेक करें, चमेली का फूल चढ़ाएं। व्याधियां दूर होंगी।
मिथुन : धतूरा, भांग और दही मिश्रित जल चढ़ाएं और पंचाक्षर मंत्र ओम नम: शिवाय का जप करें, शांति मिलेगी।
कर्क : गाय के दूध, भांग और चंदन का इत्र चढ़ाएं। जीवन्र खुशियों से भरेगा।
सिंह : लाल फूल से शिवजी का पूजन करें। घी का दीपक जलाएं और शिव चालीसा का पाठ करें। घर में खुशहाली आएगी।
कन्या : बेलपत्र, भांग, धतूरा, काला तिल व गंगाजल चढ़ाएं व ओम नम: शिवाय का जाप करें। समस्याएं दूर होंगी।
तुला : गाय के दूध में मिश्री मिलाकर अभिषेक करें। घर में खुशहाली आएगी और काम बनेंगे।
वृश्चिक : बेलपत्र, लाल गुलाब चढ़ाएं और घर या मंदिर में रुद्राष्टक का पाठ करें। मनोकामना पूर्ण होगी।
धनु : पूजा में पीले फूल अर्पित करें, गुलाल से पूजा करें और भंाग चढ़ाएं। कार्य शुभ होंगे।
मकर : धतूरा, भांग और फूल चढ़ाएं। बेलपत्र अवश्य चढ़ाएं, घर-परिवार की विपदा दूर होगी।
कुंभ : भोलेनाथ को फूल और गन्ने का रस चढ़ाएं। आमदनी बढ़ेगी। ऊं नम: शिवाय का जाप करें, कष्ट मिटेंगे।
मीन : गन्ने का रस, केसर और फूल के साथ पंचामृत से पूजन करें, सुख समृद्धि मिलेगी।
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भूतनाथ मंदिर के प्रबंधक व पुजारी शंकर लाल मकड़ारिया बताते हैं कि भगवान भोलेनाथ अपने हर भक्त पर कृपा बरसाते हैं। जल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, कपूर, दूध, चंदन, अकउवा का फूल, चावल, भस्म और रुद्राक्ष भगवान शंकर को अति प्रिय हैं। मंदिरों में महाशिवरात्रि पर भगवान का अभिषेक करने में यह सामग्री उपयोग की जाती है। यदि कोई व्यक्ति ऐसी जगह है जहां यह सामग्री उपलब्ध नहीं है या व्यक्ति इसे खरीदने में असमर्थ है तो वह एक लोटा साफ जल लेकर शिवलिंग पर चढ़ाकर अपनी मनोकामना कहे तो भी भोलेनाथ मनचाहा फल देते हैं। वहीं ऐसी मान्यता है कि बेलपत्र से अभिषेक करने पर दान के बराबर पुण्य मिलता है।
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वहीं, यदि कोई व्यक्ति कुंठा और समस्याओं से ग्रस्त है तो महाशिवरात्रि पर भगवान को धतूरा अर्पित कर अपने मन की कड़वाहट मिटाने की प्रार्थना करे तो बाबा प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को आत्मशांति मिलती है। पूजा में अक्षत, गुलाल, अबीर और चंदन अर्पित करने से मान सम्मान में वृद्धि होती है।
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राजा बाबा मंदिर के पदाधिकारी राजेश पुरोहित बताते हैं कि महाशिवरात्रि पर ओम नम: शिवाय का जाप करने से और भोलेनाथ के विवाह में शामिल होकर शृंगार स्वरूप के दर्शनों से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। उधर, महाशिवरात्रि पर बाजार में धतूरा 10 रुपये का, बेर 10 रुपये के पांच-छह, गेंदा व गुलाब के फूलों की छोटी माला 10 रुपये में और अकउवा का फूल 10 में मिला। शिव मंदिरों के पास 20 से 30 रुपये में फूल, फल और सामग्री के पैकेट भी बिके।
ऐसे भी कर सकते हैं पूजा
मेष राशि : बेलपत्र, लाल फूल और लाल चंदन से पूजा करें, जलाभिषेक करने से सितारे बुलंद होंगे।
वृष : दूध मिश्रित जल से अभिषेक करें, चमेली का फूल चढ़ाएं। व्याधियां दूर होंगी।
मिथुन : धतूरा, भांग और दही मिश्रित जल चढ़ाएं और पंचाक्षर मंत्र ओम नम: शिवाय का जप करें, शांति मिलेगी।
कर्क : गाय के दूध, भांग और चंदन का इत्र चढ़ाएं। जीवन्र खुशियों से भरेगा।
सिंह : लाल फूल से शिवजी का पूजन करें। घी का दीपक जलाएं और शिव चालीसा का पाठ करें। घर में खुशहाली आएगी।
कन्या : बेलपत्र, भांग, धतूरा, काला तिल व गंगाजल चढ़ाएं व ओम नम: शिवाय का जाप करें। समस्याएं दूर होंगी।
तुला : गाय के दूध में मिश्री मिलाकर अभिषेक करें। घर में खुशहाली आएगी और काम बनेंगे।
वृश्चिक : बेलपत्र, लाल गुलाब चढ़ाएं और घर या मंदिर में रुद्राष्टक का पाठ करें। मनोकामना पूर्ण होगी।
धनु : पूजा में पीले फूल अर्पित करें, गुलाल से पूजा करें और भंाग चढ़ाएं। कार्य शुभ होंगे।
मकर : धतूरा, भांग और फूल चढ़ाएं। बेलपत्र अवश्य चढ़ाएं, घर-परिवार की विपदा दूर होगी।
कुंभ : भोलेनाथ को फूल और गन्ने का रस चढ़ाएं। आमदनी बढ़ेगी। ऊं नम: शिवाय का जाप करें, कष्ट मिटेंगे।
मीन : गन्ने का रस, केसर और फूल के साथ पंचामृत से पूजन करें, सुख समृद्धि मिलेगी।