{"_id":"607306da8ebc3ec79e7bc3d9","slug":"baagiyon-ne-cheena-party-umeedwaro-ka-chain-jhansi-news-jhs192895766","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागियों ने छीना पार्टी उम्मीदवारों का चैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागियों ने छीना पार्टी उम्मीदवारों का चैन
विज्ञापन
baagiyon ne cheena party umeedwaro ka chain
झांसी। जिला पंचायत सीट पर जमकर जोर आजमाइश चल रही है। लेकिन जिला पंचायत सदस्य की तकरीबन सभी सीटों पर राजनीतिक दलों के अधिकृत उम्मीदवार बागियों से परेशान हैं। भाजपा कड़े अनुशासन का सोंटा दिखा रही। लेकिन, कई सीटों पर खुलेआम पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार तक चल रहा है। इसी तरह बागियों ने सपा नेताओं के भी नाक में दम कर रखा है। मारामारी की वजह से छह सीट पर पार्टी ने बगावत रोकने के लिए किसी को टिकट भी नहीं दिया। इसी तरह बसपा एवं कांग्रेस में भी बगावती सुर सुनाई पड़ रहे हैं।
भोेजला (पिछड़ा वर्ग)
मतदाता 39203
उम्मीदवारों की संख्या-7
उम्मीदवारों के नाम- अमित, जयेंद्र सिंह, बृजेंद्र सिंह, मानवेंद्र सिंह बसपा, रामजी शरण, सतीश कुमार (भाजपा), हरिओम
यह सीट पिछड़ा वर्ग के खाते में जाने से यहां पहले से चुनाव की तैयारियों में जुटे कई दिग्गज नेताओं को झटका लगा। अंतिम समय में भाजपा ने सतीश कुमार को उतार दिया। उनको बृजेंद्र कुमार और रामजीशरण से तगड़ी चुनौती मिल रही है। बसपा के मानवेंद्र ने अपने पक्ष में वोटर करने की जीतोड़ कोशिश करने में जुटे हैं। इसके चलते ऊंट अंतिम करवट किसी भी तरफ बैठ सकता है। सभी उम्मीदवारों के पूरी ताकत से प्रचार में जुटे होने से यहां का चुनाव दिलचस्प हो गया है।
फुटेराबरुआसागर (पिछड़ा वर्ग)
मतदाता- 37094
उम्मीदवारों की संख्या-10
अरविंद कुमार, अविनाश, घनश्याम, दिलीप कुमार, ममता, मयंक, रानीदेवी (बसपा), विनीता कुशवाहा (भाजपा), संतोष कुमार, हीरालाल कुशवाहा।
कुशवाहा बाहुल्य सीट होने के नाते सभी प्रमुख दलों ने इसी बिरादरी के उम्मीदवार को मैदान में उतार दिया। अभी तक यह सपा की परंपरागत सीट रही है। लेकिन, इस बार टिकट के मामले में पार्टी पदाधिकारियों के भीतर ही एक राय नहीं हो सकी। इसके चलते सपा ने यहां से अधिकृत उम्मीदवार नहीं खड़ा किया। सपा नेता नरेंद्र कुशवाहा के पुत्र मयंक भी मजबूती से चुनावी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला तीन उम्मीदवारों के बीच ही बताया जा रहा है। कुछ निर्दलीय उम्मीदवार खुद को सपा समर्थित बताते हुए चुनावी मैदान में डटे हैं।
विज्ञापन
रक्सा (सामान्य)
मतदाता- 33898
उम्मीदवारों की संख्या- 12
अशोक यादव, गोविंद, धर्मेद्र सिंह (बसपा), नवल किशोर, बलराम, भूपेंद्र सिंह, मनीष कुमार पाल, रवींद्र सिंह, रोहित सावला (कांग्रेस), रोहित लोधी (भाजपा), शशि, शुभम (सपा)
सामान्य सीट होने की वजह से रक्सा सीट से एक दर्जन उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। भाजपा ने लोध वोट समेटने के लिए रोहित राजपूत को मैदान में उतार दिया। उधर, सपा ने शुभम को लेकिन इस सीट पर अशोक यादव उर्फ बंटी एवं भूपेंद्र सिंह के भी मैदान में कूद जाने से सपा की परेशानी बढ़ गई है। बसपा के धर्मेंद्र के भी मजबूती से चुनाव लड़ने की वजह से इस सीट पर चतुष्कोणीय लड़ाई हो गई है।
राजापुर (सामान्य)
मतदाता- 37113
उम्मीदवारों की संख्या- 9
उदयभान, गायत्री प्रसाद (बसपा), दीपचंद्र पाल, पुष्पेंद्र चौहान (भाजपा), महेंद्र, राजेंद्र कुमार, वीर सिंह (सपा), सुमन देवी व संजीव।
इस सीट पर सपा हमेशा मजबूत रही है। इस बार भदौरा निवासी वीर सिंह को सपा ने प्रत्याशी बनाया जबकि भाजपा ने पुष्पेंद्र को मैदान में उतारा है। इस सीट पर अभी मुकाबला दो उम्मीदवारों के बीच ही नजर आ रहा है। लेकिन जिस तरह से बसपा उम्मीदवार ने प्रचार में अपनी ताकत झोंक रखी है उससे अंतिम समय में परिणाम भी पलट सकता है। फिलहाल सपा के पक्ष में उम्मीदवार के गांव के वोट के साथ ही जातीय वोट की गणित दिखाई पड़ रही। जबकि भाजपा उम्मीदवार भी पार्टी के वोटों के सहारे चुनावी मैदान में हैं।
खैलार (सामान्य)
मतदाता- 38615
उम्मीदवारों की संख्या 21
अजय, अनुराग प्रसाद, अनुराग यादव, अभिषेक यादव, अमनदीप (सपा), अमित कुमार (बसपा), अरूण, अशोक यादव, आसिफ, अंकित यादव, अहीर कामता प्रसाद, गोविंद सिंह, दिगंत चतुर्वेदी (भाजपा), दीपक गुप्ता, पुरूषोत्तम, पुष्पम श्रीवास्तव, मालती यादव, विजेंद्र, वीरेंद्र सिंह, श्रीकांत यादव व स्वदेश यादव।
सामान्य सीट होने के नाते खैलार सीट पर सबसे अधिक 21 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। भाजपा ने सहकारी बैंक अध्यक्ष जयदेव पुरोहित के भांजे दिगन्त चतुर्वेदी को मैदान में उतारा है। जबकि सपा ने उनके मुकाबले अमनदीप पर दांव लगाया है लेकिन सपा उम्मीदवार के सामने पार्टी के बागी उम्मीदवार ही ताल ठोंक रहे हैं। अगर समय पर इन बागी उम्मीदवारों के सुर नहीं बदले तब सपा को यहां नुकसान उठाना पड़ सकता है। बसपा उम्मीदवार अपने कॉडर के भरोसे चुनावी मैदान में है। यहां चुनाव किस करवट बदलेगा यह मतदान के आखिरी दिनों में ही पता चलेगा।
बबीना रुरल (महिला)
मतदाता 36844
उम्मीदवारों की संख्या-5
अंगूरी, भगवती (बसपा), राजपति (भाजपा), रामसखी (सपा), सरोज जैन
यहां से सिर्फ पांच उम्मीदवार ही चुनावी मैदान में हैं। भाजपा ने राजपति रायकवार को मैदान में उतारा है। राजपति पिछले चुनाव में भी किस्मत आजमा चुकीं है लेकिन, अबकी सीट बदलकर बबीना रूरल से जिपं तक पहुंचना चाह रही हैं। उनकोे रामसखी एवं भगवती से तगड़ी चुनौती मिल रही है। यहां भी त्रिकोणीय लड़ाई होती दिखती है।
विज्ञापन
भोेजला (पिछड़ा वर्ग)
मतदाता 39203
उम्मीदवारों की संख्या-7
उम्मीदवारों के नाम- अमित, जयेंद्र सिंह, बृजेंद्र सिंह, मानवेंद्र सिंह बसपा, रामजी शरण, सतीश कुमार (भाजपा), हरिओम
यह सीट पिछड़ा वर्ग के खाते में जाने से यहां पहले से चुनाव की तैयारियों में जुटे कई दिग्गज नेताओं को झटका लगा। अंतिम समय में भाजपा ने सतीश कुमार को उतार दिया। उनको बृजेंद्र कुमार और रामजीशरण से तगड़ी चुनौती मिल रही है। बसपा के मानवेंद्र ने अपने पक्ष में वोटर करने की जीतोड़ कोशिश करने में जुटे हैं। इसके चलते ऊंट अंतिम करवट किसी भी तरफ बैठ सकता है। सभी उम्मीदवारों के पूरी ताकत से प्रचार में जुटे होने से यहां का चुनाव दिलचस्प हो गया है।
विज्ञापन
फुटेराबरुआसागर (पिछड़ा वर्ग)
मतदाता- 37094
उम्मीदवारों की संख्या-10
अरविंद कुमार, अविनाश, घनश्याम, दिलीप कुमार, ममता, मयंक, रानीदेवी (बसपा), विनीता कुशवाहा (भाजपा), संतोष कुमार, हीरालाल कुशवाहा।
कुशवाहा बाहुल्य सीट होने के नाते सभी प्रमुख दलों ने इसी बिरादरी के उम्मीदवार को मैदान में उतार दिया। अभी तक यह सपा की परंपरागत सीट रही है। लेकिन, इस बार टिकट के मामले में पार्टी पदाधिकारियों के भीतर ही एक राय नहीं हो सकी। इसके चलते सपा ने यहां से अधिकृत उम्मीदवार नहीं खड़ा किया। सपा नेता नरेंद्र कुशवाहा के पुत्र मयंक भी मजबूती से चुनावी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला तीन उम्मीदवारों के बीच ही बताया जा रहा है। कुछ निर्दलीय उम्मीदवार खुद को सपा समर्थित बताते हुए चुनावी मैदान में डटे हैं।
विज्ञापन
रक्सा (सामान्य)
मतदाता- 33898
उम्मीदवारों की संख्या- 12
अशोक यादव, गोविंद, धर्मेद्र सिंह (बसपा), नवल किशोर, बलराम, भूपेंद्र सिंह, मनीष कुमार पाल, रवींद्र सिंह, रोहित सावला (कांग्रेस), रोहित लोधी (भाजपा), शशि, शुभम (सपा)
सामान्य सीट होने की वजह से रक्सा सीट से एक दर्जन उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। भाजपा ने लोध वोट समेटने के लिए रोहित राजपूत को मैदान में उतार दिया। उधर, सपा ने शुभम को लेकिन इस सीट पर अशोक यादव उर्फ बंटी एवं भूपेंद्र सिंह के भी मैदान में कूद जाने से सपा की परेशानी बढ़ गई है। बसपा के धर्मेंद्र के भी मजबूती से चुनाव लड़ने की वजह से इस सीट पर चतुष्कोणीय लड़ाई हो गई है।
राजापुर (सामान्य)
मतदाता- 37113
उम्मीदवारों की संख्या- 9
उदयभान, गायत्री प्रसाद (बसपा), दीपचंद्र पाल, पुष्पेंद्र चौहान (भाजपा), महेंद्र, राजेंद्र कुमार, वीर सिंह (सपा), सुमन देवी व संजीव।
इस सीट पर सपा हमेशा मजबूत रही है। इस बार भदौरा निवासी वीर सिंह को सपा ने प्रत्याशी बनाया जबकि भाजपा ने पुष्पेंद्र को मैदान में उतारा है। इस सीट पर अभी मुकाबला दो उम्मीदवारों के बीच ही नजर आ रहा है। लेकिन जिस तरह से बसपा उम्मीदवार ने प्रचार में अपनी ताकत झोंक रखी है उससे अंतिम समय में परिणाम भी पलट सकता है। फिलहाल सपा के पक्ष में उम्मीदवार के गांव के वोट के साथ ही जातीय वोट की गणित दिखाई पड़ रही। जबकि भाजपा उम्मीदवार भी पार्टी के वोटों के सहारे चुनावी मैदान में हैं।
खैलार (सामान्य)
मतदाता- 38615
उम्मीदवारों की संख्या 21
अजय, अनुराग प्रसाद, अनुराग यादव, अभिषेक यादव, अमनदीप (सपा), अमित कुमार (बसपा), अरूण, अशोक यादव, आसिफ, अंकित यादव, अहीर कामता प्रसाद, गोविंद सिंह, दिगंत चतुर्वेदी (भाजपा), दीपक गुप्ता, पुरूषोत्तम, पुष्पम श्रीवास्तव, मालती यादव, विजेंद्र, वीरेंद्र सिंह, श्रीकांत यादव व स्वदेश यादव।
सामान्य सीट होने के नाते खैलार सीट पर सबसे अधिक 21 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। भाजपा ने सहकारी बैंक अध्यक्ष जयदेव पुरोहित के भांजे दिगन्त चतुर्वेदी को मैदान में उतारा है। जबकि सपा ने उनके मुकाबले अमनदीप पर दांव लगाया है लेकिन सपा उम्मीदवार के सामने पार्टी के बागी उम्मीदवार ही ताल ठोंक रहे हैं। अगर समय पर इन बागी उम्मीदवारों के सुर नहीं बदले तब सपा को यहां नुकसान उठाना पड़ सकता है। बसपा उम्मीदवार अपने कॉडर के भरोसे चुनावी मैदान में है। यहां चुनाव किस करवट बदलेगा यह मतदान के आखिरी दिनों में ही पता चलेगा।
बबीना रुरल (महिला)
मतदाता 36844
उम्मीदवारों की संख्या-5
अंगूरी, भगवती (बसपा), राजपति (भाजपा), रामसखी (सपा), सरोज जैन
यहां से सिर्फ पांच उम्मीदवार ही चुनावी मैदान में हैं। भाजपा ने राजपति रायकवार को मैदान में उतारा है। राजपति पिछले चुनाव में भी किस्मत आजमा चुकीं है लेकिन, अबकी सीट बदलकर बबीना रूरल से जिपं तक पहुंचना चाह रही हैं। उनकोे रामसखी एवं भगवती से तगड़ी चुनौती मिल रही है। यहां भी त्रिकोणीय लड़ाई होती दिखती है।