{"_id":"5eea66ed8ebc3e431e1f348d","slug":"army-man-dead-body-came-jhansi-jhansi-news-jhs169319719","type":"story","status":"publish","title_hn":"जवान का शव झांसी आया, रात में किया सुपुर्द-ए-खाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जवान का शव झांसी आया, रात में किया सुपुर्द-ए-खाक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। झांसी के एवट मार्केट निवासी छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स की स्पेशल आर्मी फोर्स में तैनात जवान का शव मंगलवार की रात घर पहुंचा। रात में ही जीवनशाह स्थित कब्रिस्तान मेें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। जवान ने सोमवार को सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
एवट मार्केट निवासी अब्दुल शाहिद (35) छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स की स्पेशल आर्मी फोर्स में जवान थे। दो दिन पहले ड्यूटी के दौरान सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया था। मंगलवार रात वाहन से शव घर पहुंचा। इसके बाद रात में ही जीवनशाह के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया। परिजनों को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उनके पुत्र ने आत्महत्या की है। 1996 में नक्सलियोेें से मुठभेड़ के दौरान शाहिद के पिता अब्दुल मजीद शहीद हो गए थे। इसके बाद शाहिद को अनुकंपा नौकरी मिली थी। जवान के चार भाई व दो बहने हैं। उनकी 2009 में शादी हुई थी और दो बच्चे हैं।
विज्ञापन
एवट मार्केट निवासी अब्दुल शाहिद (35) छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स की स्पेशल आर्मी फोर्स में जवान थे। दो दिन पहले ड्यूटी के दौरान सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया था। मंगलवार रात वाहन से शव घर पहुंचा। इसके बाद रात में ही जीवनशाह के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया। परिजनों को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उनके पुत्र ने आत्महत्या की है। 1996 में नक्सलियोेें से मुठभेड़ के दौरान शाहिद के पिता अब्दुल मजीद शहीद हो गए थे। इसके बाद शाहिद को अनुकंपा नौकरी मिली थी। जवान के चार भाई व दो बहने हैं। उनकी 2009 में शादी हुई थी और दो बच्चे हैं।

अब्दुल शाहिद, मृतक छत्तीसगढ आर्म्ड फोर्स हवलदार (फाइल फोटो)।
विज्ञापन