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Jhansi News: नियुक्ति में चल रही मनमानी, एक-दो नहीं तीन तरह से एपीआई स्कोर की सूची जारी
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में नियमित और स्ववित्त पोषित विभागों में नियुक्ति के नाम पर खूब मनमानी चल रही है। आवेदकों की एकेडमिक परफॉर्मेंस इंडीकेटर्स यानी एपीआई स्कोर की सूची एक, दो नहीं बल्कि तीन तरीके से जारी की गई है। जहां चाहा आवेदक का नाम छुपा दिया गया। जहां चाहा लिख दिया गया। इससे बीयू में पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं।
बीयू में एक दर्जन से अधिक विभागों में सहायक आचार्य से लेकर आचार्य के पद पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इसमें नियमित से लेकर स्ववित्त पोषित विभाग तक शामिल हैं। सहायक आचार्य पद के लिए बीयू ने लिखित परीक्षा कराई थी। बाकी, सह आचार्य और आचार्य पद के लिए साक्षात्कार होने हैं। सभी पदों के लिए विभिन्न विभागों की एपीआई स्कोर की सूची जारी की गई है। बताया गया कि सबसे पहले 20 जनवरी को पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संस्थान के विभिन्न पदों के लिए संभावित एपीआई स्कोर की सूची जारी की गई थी। ये सूची आवेदकों के नाम से जारी की गई। इसके बाद तीन जनवरी को जियोलॉजी, चार को हिंदी, इनोवेशन सेंटर और पांच जनवरी को लाइब्रेरी एंड इंफाॅर्मेशन साइंस विभाग के विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने वालों की एपीआई स्कोर सूची भी नाम से जारी की गई। पांच जनवरी से बीयू ने पैटर्न में बदलाव करना शुरू किया। इस दिन जारी की गई फिजिक्स, फॉरेंसिक साइंस, फिजियोथेरेपी, बायोमेडिकल साइंस, जूलॉजी के अलग-अलग पदों के आवेदकों की सूची नाम और यूनिक आईडी दोनों लिखकर जारी कर दी गई। मजेदार बात ये है कि छह जनवरी को दो सूची जारी हुई। पहले सूची में विधि संस्थान और व्यापार प्रशासन (प्रोफेसर पद) के आवेदकों का संभावित एपीआई स्कोर यूनिक आईडी लिखकर जारी किया गया। जबकि, दूसरी सूची में फूड टेक्नोलॉजी और व्यापार प्रशासन (सह आचार्य, आचार्य पद) के आवेदकों की सूची नाम से ही डाली गई। इसके बाद भी लगातार सूची का पैटर्न बदलता रहा। ऐसे में बीयू की नियुक्ति प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। आशंका जताई जाने लगी है कि कहीं किसी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तो नाम नहीं छुपाए जा रहे।
लगातार बदल रहा पैटर्न
...............................
- आठ जनवरी को फूड टेक्नोलॉजी, व्यापार प्रशासन विभाग, 10 जनवरी को इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन में विभिन्न पदों पर आवेदकों की सूची यूनिक आईडी से जारी की गई
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- 12 जनवरी को हिंदी विभाग के विभिन्न पदों पर आवेदक करने वालों की सूची नाम से जारी कर दी गई। इसमें यूनिक आईडी नहीं लिखी थी।
- 16 जनवरी को इनोवेशन सेंटर में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर पद के लिए आवेदकों की सूची यूनिक आईडी से जारी हुई। इसमें किसी का नाम नहीं था।
वर्जन..
अगर बार-बार पैटर्न बदलकर आवेदकों के एपीआई स्कोर की सूची डाली जा रही है तो ये गलत है। इस संबंध में जिम्मेदारों से बात की जाएगी। आईक्यूएसी निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति ने ही ये सूची तैयार की है। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में नियमित और स्ववित्त पोषित विभागों में नियुक्ति के नाम पर खूब मनमानी चल रही है। आवेदकों की एकेडमिक परफॉर्मेंस इंडीकेटर्स यानी एपीआई स्कोर की सूची एक, दो नहीं बल्कि तीन तरीके से जारी की गई है। जहां चाहा आवेदक का नाम छुपा दिया गया। जहां चाहा लिख दिया गया। इससे बीयू में पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं।
बीयू में एक दर्जन से अधिक विभागों में सहायक आचार्य से लेकर आचार्य के पद पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इसमें नियमित से लेकर स्ववित्त पोषित विभाग तक शामिल हैं। सहायक आचार्य पद के लिए बीयू ने लिखित परीक्षा कराई थी। बाकी, सह आचार्य और आचार्य पद के लिए साक्षात्कार होने हैं। सभी पदों के लिए विभिन्न विभागों की एपीआई स्कोर की सूची जारी की गई है। बताया गया कि सबसे पहले 20 जनवरी को पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संस्थान के विभिन्न पदों के लिए संभावित एपीआई स्कोर की सूची जारी की गई थी। ये सूची आवेदकों के नाम से जारी की गई। इसके बाद तीन जनवरी को जियोलॉजी, चार को हिंदी, इनोवेशन सेंटर और पांच जनवरी को लाइब्रेरी एंड इंफाॅर्मेशन साइंस विभाग के विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने वालों की एपीआई स्कोर सूची भी नाम से जारी की गई। पांच जनवरी से बीयू ने पैटर्न में बदलाव करना शुरू किया। इस दिन जारी की गई फिजिक्स, फॉरेंसिक साइंस, फिजियोथेरेपी, बायोमेडिकल साइंस, जूलॉजी के अलग-अलग पदों के आवेदकों की सूची नाम और यूनिक आईडी दोनों लिखकर जारी कर दी गई। मजेदार बात ये है कि छह जनवरी को दो सूची जारी हुई। पहले सूची में विधि संस्थान और व्यापार प्रशासन (प्रोफेसर पद) के आवेदकों का संभावित एपीआई स्कोर यूनिक आईडी लिखकर जारी किया गया। जबकि, दूसरी सूची में फूड टेक्नोलॉजी और व्यापार प्रशासन (सह आचार्य, आचार्य पद) के आवेदकों की सूची नाम से ही डाली गई। इसके बाद भी लगातार सूची का पैटर्न बदलता रहा। ऐसे में बीयू की नियुक्ति प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। आशंका जताई जाने लगी है कि कहीं किसी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तो नाम नहीं छुपाए जा रहे।
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लगातार बदल रहा पैटर्न
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- आठ जनवरी को फूड टेक्नोलॉजी, व्यापार प्रशासन विभाग, 10 जनवरी को इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन में विभिन्न पदों पर आवेदकों की सूची यूनिक आईडी से जारी की गई
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- 12 जनवरी को हिंदी विभाग के विभिन्न पदों पर आवेदक करने वालों की सूची नाम से जारी कर दी गई। इसमें यूनिक आईडी नहीं लिखी थी।
- 16 जनवरी को इनोवेशन सेंटर में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर पद के लिए आवेदकों की सूची यूनिक आईडी से जारी हुई। इसमें किसी का नाम नहीं था।
वर्जन..
अगर बार-बार पैटर्न बदलकर आवेदकों के एपीआई स्कोर की सूची डाली जा रही है तो ये गलत है। इस संबंध में जिम्मेदारों से बात की जाएगी। आईक्यूएसी निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति ने ही ये सूची तैयार की है। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।