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Jhansi News: पिता के सपनों को पूरा करने दद्दा की धरती पर आई अप्रम
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बेटी को कामयाब बनाने का सपना था। खेल में रुचि होने के कारण पिता ने बचपन में ही किताबों के साथ बेटी के हाथों में हॉकी थमा दी। बेटी ने भी कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में परचम लहराया। लेकिन, महज 15 दिन पहले बीमारी से पिता की मौत हो गई। दिल में पिता की मौत का गम लिए चंडीगढ़ की बालिका अप्रम उनके अरमानों को पूरा करने के लिए अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने झांसी आ पहुंची है।
सोमवार को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में राज्य स्तरीय हॉकी चैंपियनशिप का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में आठ राज्यों की टीमें शामिल हैं। चंडीगढ़ की टीम भी आई है, इसमें शामिल अधिकतर बालिका खिलाड़ियों की पारिवारिक स्थिति बेहतर नहीं हैं। किसी के पिता मजदूर हैं तो किसी के ट्रांसपोर्ट नगर में बोझा उठाते हैं। लेकिन, बेटियों के हौसलों में कोई कमी दिखाई नहीं दे रही है। वे अब परिवार के सपनों को साकार करने में जुटी हैं। इसके लिए उन्होंने आठ से दस घंटे तक लगातार अभ्यास कर अपने खेल को निखारा है। जीत का जज्बा लिए ये खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की हॉकी चैंपियनशिप में अपना हुनर दिखाने को तत्पर हैं।
फोटो....
कई राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में भाग लिया है। पिता का सपना था कि अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में देश का प्रतिनिधित्व करूं। लंबी बीमारी के चलते 17 जून को पिता की मौत हो गई है। उनके अरमानों को पूरा करने के लिए प्रतियोगिता में शामिल होने आई हूं।
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अप्रम, हॉकी खिलाड़ी
फोटो....
परिवार में दो बहनें व एक भाई है। पिताजी ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते हैं। खेलों में रुचि होने पर पापा ने हर सुविधा मुहैया कराई। नेशनल प्रतियोगिता में पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं। अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर देश का नाम रोशन करना चाहती हूं।
दीपिका, हाॅकी खिलाड़ी
फोटो....
वर्ष 2022 में एक सड़क दुर्घटना में पिताजी की मौत हो गई थी। वह चाहते थे कि उनकी बेटी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर देश का नाम रोशन करे। उनके सपनों को साकार करने में कसर नहीं छोड़ रहे। इसके लिए लगातार अभ्यास भी कर रही हूं।
रामवतेरी, हॉकी खिलाड़ी
फोटो...
पापा मंदिर में पूजा-पाठ कर आजीविका चलाते हैं। खेलों में रुचि को देखते हुए पापा ने खेल पर ही ध्यान केंद्रित करने को कहा। इसके लिए उन्होंने सभी सुविधाएं मुहैया कराई हैं। भारतीय हॉकी टीम में शामिल होकर प्रदर्शन करना ही मुख्य उद्देश्य है।
वेदांगी व्यास, हॉकी खिलाड़ी
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झांसी। बेटी को कामयाब बनाने का सपना था। खेल में रुचि होने के कारण पिता ने बचपन में ही किताबों के साथ बेटी के हाथों में हॉकी थमा दी। बेटी ने भी कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में परचम लहराया। लेकिन, महज 15 दिन पहले बीमारी से पिता की मौत हो गई। दिल में पिता की मौत का गम लिए चंडीगढ़ की बालिका अप्रम उनके अरमानों को पूरा करने के लिए अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने झांसी आ पहुंची है।
सोमवार को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में राज्य स्तरीय हॉकी चैंपियनशिप का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में आठ राज्यों की टीमें शामिल हैं। चंडीगढ़ की टीम भी आई है, इसमें शामिल अधिकतर बालिका खिलाड़ियों की पारिवारिक स्थिति बेहतर नहीं हैं। किसी के पिता मजदूर हैं तो किसी के ट्रांसपोर्ट नगर में बोझा उठाते हैं। लेकिन, बेटियों के हौसलों में कोई कमी दिखाई नहीं दे रही है। वे अब परिवार के सपनों को साकार करने में जुटी हैं। इसके लिए उन्होंने आठ से दस घंटे तक लगातार अभ्यास कर अपने खेल को निखारा है। जीत का जज्बा लिए ये खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की हॉकी चैंपियनशिप में अपना हुनर दिखाने को तत्पर हैं।
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कई राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में भाग लिया है। पिता का सपना था कि अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में देश का प्रतिनिधित्व करूं। लंबी बीमारी के चलते 17 जून को पिता की मौत हो गई है। उनके अरमानों को पूरा करने के लिए प्रतियोगिता में शामिल होने आई हूं।
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अप्रम, हॉकी खिलाड़ी
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परिवार में दो बहनें व एक भाई है। पिताजी ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते हैं। खेलों में रुचि होने पर पापा ने हर सुविधा मुहैया कराई। नेशनल प्रतियोगिता में पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं। अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर देश का नाम रोशन करना चाहती हूं।
दीपिका, हाॅकी खिलाड़ी
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वर्ष 2022 में एक सड़क दुर्घटना में पिताजी की मौत हो गई थी। वह चाहते थे कि उनकी बेटी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर देश का नाम रोशन करे। उनके सपनों को साकार करने में कसर नहीं छोड़ रहे। इसके लिए लगातार अभ्यास भी कर रही हूं।
रामवतेरी, हॉकी खिलाड़ी
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पापा मंदिर में पूजा-पाठ कर आजीविका चलाते हैं। खेलों में रुचि को देखते हुए पापा ने खेल पर ही ध्यान केंद्रित करने को कहा। इसके लिए उन्होंने सभी सुविधाएं मुहैया कराई हैं। भारतीय हॉकी टीम में शामिल होकर प्रदर्शन करना ही मुख्य उद्देश्य है।
वेदांगी व्यास, हॉकी खिलाड़ी