{"_id":"574356244f1c1b0420690b77","slug":"approvel-get-of-radiology-department","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेडियोलॉजी विभाग को मिली मान्यता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेडियोलॉजी विभाग को मिली मान्यता
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2016 12:42 AM IST
विज्ञापन
radiology, jhansi hindi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग को मान्यता मिल गई है, अब छात्रों को छह सीटों पर प्रवेश मिल सकेगा। केंद्र सरकार ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की रिपोर्ट के बाद हरी झंडी दे दी है।
रेडियोलॉजी विभाग में एमसीआई द्वारा पूर्व में ही दो एमडी और चार डिप्लोमा की सीटों पर प्रवेश की अनुमति थी, लेकिन अब तक एक एमडी और दो डिप्लोमा की सीटों पर प्रवेश दिए जा रहे थे। प्रदेश सरकार भी इन्हीं सीटों पर रजिस्ट्रेशन करती रही। हालांकि, इन सीटों को भी मान्यता नहीं थी। संसाधन और मैन पावर पूरे होने के बाद मेडिकल कॉलेज ने रेडियोलॉजी विभाग की मान्यता को लेकर एमसीआई से निरीक्षण करवाने की मांग की।
एमसीआई की टीम ने 17 मार्च को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर संसाधन, बिल्डिंग आदि की बारीकी से जांच की। इसके बाद टीम ने हेड ऑफिस में अपनी रिपोर्ट सौंपी। संसाधनों की उपलब्धता को देखते हुए एमसीआई ने एक एमडी, दो डिप्लोमा के बजाए पूर्व में स्वीकृत सभी सीटों पर मान्यता देने की रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट को केंद्र सरकार के पास भेजा गया।
विज्ञापन
रिपोर्ट को देखने के बाद सरकार ने पूर्व में स्वीकृत दो एमडी और चार डिप्लोमा की सीटों को मान्यता दे दी। इस सत्र से मेडिकल कॉलेज में तीन के बजाए छह सीटों पर प्रवेश लिए जाएंगे।
- कॉलेज ने एमसीआई के मानकों के अनुसार सब कमियां दूर कर ली थीं। एमसीआई की टीम को निरीक्षण के दौरान सब कुछ दुरुस्त मिला। उनकी रिपोर्ट पर केंद्र सरकार ने छह सीटों को मान्यता दे दी है।
-एनएस सेंगर, प्राचार्य
कम समय में हो सकेगी जांच
रेडियोलॉजी विभाग में सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, कलर डॉप्लर, मेमोग्राफी, डिजिटल एक्सरे आदि होता है। अब विभाग को मान्यता मिल जाने के कारण प्रवेश के लिए अधिक आवेदन आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इससे कॉलेज को और अच्छे मेडिकल स्टूडेंट मिलेंगे। वहीं, सीटी स्कैन, एमआरआई समेत अन्य जांचों में भी सेवाएं देने से मरीजों की कम समय में जांच हो सकेगी। अभी तीन छात्र रहने से जांचों का लोड ज्यादा होता है।
विज्ञापन
रेडियोलॉजी विभाग में एमसीआई द्वारा पूर्व में ही दो एमडी और चार डिप्लोमा की सीटों पर प्रवेश की अनुमति थी, लेकिन अब तक एक एमडी और दो डिप्लोमा की सीटों पर प्रवेश दिए जा रहे थे। प्रदेश सरकार भी इन्हीं सीटों पर रजिस्ट्रेशन करती रही। हालांकि, इन सीटों को भी मान्यता नहीं थी। संसाधन और मैन पावर पूरे होने के बाद मेडिकल कॉलेज ने रेडियोलॉजी विभाग की मान्यता को लेकर एमसीआई से निरीक्षण करवाने की मांग की।
विज्ञापन
एमसीआई की टीम ने 17 मार्च को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर संसाधन, बिल्डिंग आदि की बारीकी से जांच की। इसके बाद टीम ने हेड ऑफिस में अपनी रिपोर्ट सौंपी। संसाधनों की उपलब्धता को देखते हुए एमसीआई ने एक एमडी, दो डिप्लोमा के बजाए पूर्व में स्वीकृत सभी सीटों पर मान्यता देने की रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट को केंद्र सरकार के पास भेजा गया।
विज्ञापन
रिपोर्ट को देखने के बाद सरकार ने पूर्व में स्वीकृत दो एमडी और चार डिप्लोमा की सीटों को मान्यता दे दी। इस सत्र से मेडिकल कॉलेज में तीन के बजाए छह सीटों पर प्रवेश लिए जाएंगे।
- कॉलेज ने एमसीआई के मानकों के अनुसार सब कमियां दूर कर ली थीं। एमसीआई की टीम को निरीक्षण के दौरान सब कुछ दुरुस्त मिला। उनकी रिपोर्ट पर केंद्र सरकार ने छह सीटों को मान्यता दे दी है।
-एनएस सेंगर, प्राचार्य
कम समय में हो सकेगी जांच
रेडियोलॉजी विभाग में सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, कलर डॉप्लर, मेमोग्राफी, डिजिटल एक्सरे आदि होता है। अब विभाग को मान्यता मिल जाने के कारण प्रवेश के लिए अधिक आवेदन आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इससे कॉलेज को और अच्छे मेडिकल स्टूडेंट मिलेंगे। वहीं, सीटी स्कैन, एमआरआई समेत अन्य जांचों में भी सेवाएं देने से मरीजों की कम समय में जांच हो सकेगी। अभी तीन छात्र रहने से जांचों का लोड ज्यादा होता है।