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अपराजिता : जल जीवन का है आधार, मत करो इसे बेकार
Fri, 30 Aug 2019 09:50 PM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 30 Aug 2019 09:50 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत शुक्रवार जल संरक्षण विषय पर संगोष्ठी हुई, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि पानी जीवन का आधार है। पानी की हर बूंद अनमोल है। इसे कतई बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। इस दौरान नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ ली गई।
गुमनावारा स्थित गुरुकुल इंटर कॉलेज में आयोजित संगोष्ठी में विद्यालय प्रबंधक अर्चना गुप्ता ने कहा कि जिस तरह से शरीर में मौजूद रक्त की हर बूंद अनमोल होती है, उसी तरह से पर्यावरण में मौजूद की पानी भी अनमोल होता है। पानी बचाना हमारी आदत में शामिल होना चाहिए।
प्रधानाचार्य सुल्ताना खातून ने कहा कि भविष्य के लिए हमें आज पानी बचाना होगा। भावी पीढ़ी को विरासत में अच्छी जल वायु सौंपना हम सब की जिम्मेदारी है। शिक्षक रवींद्र खरे ने कहा कि बच्चे खुद पानी बचाएं और अपने घर के बड़ों को भी इसके लिए प्रेरित करें। अरविंद कुमार ने कहा कि पानी कृत्रिम रूप से नहीं बनाया जा सकता। ये प्रकृति का मनुष्यों को उपहार है। इसका सम्मान करना चाहिए।
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इस दौरान अरविंद यादव, आशा तिवारी, अरविंद सिंह, जगदीश यादव, मानवेंद्र कुमार, सुशील कुमार, अनीता प्रजापति, पूनम चतुर्वेदी व श्यामबिहारी सेन ने भी विचार प्रकट किए।
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गुमनावारा स्थित गुरुकुल इंटर कॉलेज में आयोजित संगोष्ठी में विद्यालय प्रबंधक अर्चना गुप्ता ने कहा कि जिस तरह से शरीर में मौजूद रक्त की हर बूंद अनमोल होती है, उसी तरह से पर्यावरण में मौजूद की पानी भी अनमोल होता है। पानी बचाना हमारी आदत में शामिल होना चाहिए।
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प्रधानाचार्य सुल्ताना खातून ने कहा कि भविष्य के लिए हमें आज पानी बचाना होगा। भावी पीढ़ी को विरासत में अच्छी जल वायु सौंपना हम सब की जिम्मेदारी है। शिक्षक रवींद्र खरे ने कहा कि बच्चे खुद पानी बचाएं और अपने घर के बड़ों को भी इसके लिए प्रेरित करें। अरविंद कुमार ने कहा कि पानी कृत्रिम रूप से नहीं बनाया जा सकता। ये प्रकृति का मनुष्यों को उपहार है। इसका सम्मान करना चाहिए।
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इस दौरान अरविंद यादव, आशा तिवारी, अरविंद सिंह, जगदीश यादव, मानवेंद्र कुमार, सुशील कुमार, अनीता प्रजापति, पूनम चतुर्वेदी व श्यामबिहारी सेन ने भी विचार प्रकट किए।