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कोई मतपत्र पर हस्ताक्षर कर गया तो किसी ने लिख दिया प्रत्याशी का नाम
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झांसी। झांसी-इलाहाबाद खंड स्नातक चुनाव में पढ़े लिखे मतदाताओं की नासमझी और असावधानी खूब नजर आई। शिक्षित मतदाताओं के चुनाव में झांसी और इलाहाबाद खंड में 5080 मत अवैध घोषित कर दिए गए। आलम यह हुआ कि कोई मतदाता मतपत्र पर हस्ताक्षर कर गया, तो किसी ने मतदान के दौरान प्रत्याशी और अपना नाम लिख दिया। शिक्षित वर्ग के चुनाव में बड़ी संख्या में अवैध मत पत्रों का खामियाजा प्रत्याशियों को भुगतना पड़ा। वहीं महज पांच प्रतिशत मतदाता ऐसे रहे, जिन्होंने वरीयता क्रम के फार्मूले को पूरा किया।
खंड स्नातक चुनाव में मतपत्र पर मतदाताओं को बैंगनी रंग की कलम से अपने पसंदीदा प्रत्याशी के आगे वरीयता भरनी थी। जिसमें हर प्रत्याशी के आगे बतौर संख्या अपनी पसंद दर्ज की जानी थी। इसे लेकर चुनाव आयोग के साथ प्रत्याशियों ने भी मतदाताओं को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया था। लेकिन मतदान के दौरान मतदाताओं ने खूब असावधानी बरती। मतगणना के दौरान मतपत्र जब खुले तो किसी ने मत पत्र पर हस्ताक्षर किए हुए थे, तो कोई प्रत्याशी के नाम आगे अपना नाम और प्रत्याशी का नाम लिख गया। इसके साथ ही कई मतदाताओं ने वरीयता की जगह निशान लगा दिए। वहीं मतगणना के दौरान सामने आया कि महज पांच प्रतिशत मतदाता ही ऐसे थे, जिन्होंने पूरी वरीयता को भरा था। अधिकतर मतदाता एक या दो वरीयता भरकर चले आए। ऐसे में करीब 5080 मत निरस्त हो गए। जिसका खामियाजा प्रत्याशियों को उठाना पड़ा।
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खंड स्नातक चुनाव में मतपत्र पर मतदाताओं को बैंगनी रंग की कलम से अपने पसंदीदा प्रत्याशी के आगे वरीयता भरनी थी। जिसमें हर प्रत्याशी के आगे बतौर संख्या अपनी पसंद दर्ज की जानी थी। इसे लेकर चुनाव आयोग के साथ प्रत्याशियों ने भी मतदाताओं को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया था। लेकिन मतदान के दौरान मतदाताओं ने खूब असावधानी बरती। मतगणना के दौरान मतपत्र जब खुले तो किसी ने मत पत्र पर हस्ताक्षर किए हुए थे, तो कोई प्रत्याशी के नाम आगे अपना नाम और प्रत्याशी का नाम लिख गया। इसके साथ ही कई मतदाताओं ने वरीयता की जगह निशान लगा दिए। वहीं मतगणना के दौरान सामने आया कि महज पांच प्रतिशत मतदाता ही ऐसे थे, जिन्होंने पूरी वरीयता को भरा था। अधिकतर मतदाता एक या दो वरीयता भरकर चले आए। ऐसे में करीब 5080 मत निरस्त हो गए। जिसका खामियाजा प्रत्याशियों को उठाना पड़ा।
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