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पुरातन छात्र सम्मेलन: सालों बाद मिले तो खिल उठे चेहरे
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आयुर्वेदिक कॉलेज के पुरातन छात्र सम्मेल को चेयरमेंन ऑर्गनाइजिंग कमेटी डॉ. अतुल प्रताप ने संबोधि
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झांसी। बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के पुरातन छात्र सम्मेलन में सालों बाद पुरातन छात्र-छात्राएं एक-दूसरे से मिले तो चेहरे खिल उठे। किसी ने अपने बिछड़े यार को देखकर गले लगा लिया तो किसी ने पुरानी यादें साझा करनी शुरू कर दीं। गुजरे दिनों की मस्तियों को याद करते हुए पुरातन छात्रों ने एक-दूसरे को हंसाया भी।
समारोह में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के पुरातन छात्रों ने अपने परिवार के साथ शिरकत की। डॉ. प्रमोद दीक्षित ने बांसुरी बजाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। भाव्या सिंह ने शिव आरती पर नृत्य की प्रस्तुति दी। रिषिता आनंद ने श्रीरामचंद्र की आरती गीत पर कथक नृत्य प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में एकेटीयू कुलपति प्रो. विनय पाठक, निदेशक डॉ. सुरेश चंद्रा, प्राचार्य डॉ. केएन यादव, डॉ. पूजा भारद्वाज, डॉ. प्रदीप कुमार भारद्वाज, डॉ. बीआर त्रिपाठी, डॉ. जेएन पांडेय ने व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में डॉ. पी सिंह, डॉ. जिनेंद्र जैन, डॉ. केजी द्विवेदी, डॉ. सीएस गुप्ता, डॉ. बीडी मोदी को सम्मानित किया गया। संचालन डॉ. मंजू सिंह व डॉ. अरुण झा ने किया। इस दौरान डॉ. अतुल प्रताप सिंह, डॉ. विश्वामित्र, डॉ. अनिल सोनी, डॉ. संध्या कुशवाहा, अंजना सोनी, डॉ. वंदना पाठक, डॉ. अशोक गौतम, डॉ. राजवंत चौहान मौजूद रहे।
ये बोले पुरातन छात्र
........................
1995 बैच का विद्यार्थी रहा हूं। पहले की पढ़ाई में और अब की पढ़ाई में काफी अंतर आ गया है। नई-नई तकनीक से आयुर्वेद का इलाज होने लगा है। पुराने छात्रों से आज मिलकर काफी खुशी हुई। - डॉ. अरुण कुमार झा।
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1984 बैच की पासआउट हूं। पुरातन छात्र सम्मेलन में आकर पुरानी यादें ताजा हो गईं। जहां पढ़ते थे वो भवन अभी भी है पर काफी कुछ नया हो गया। जिन क्लास में पढ़ा, आज वहां जाने का फिर मौका मिला। - डॉ. कल्पना सिंह।
पुरातन छात्र सम्मेलन में पुराने दोस्तों और शिक्षकों से भी मिलने का मौका मिला। एक-दूसरे से बात कर पुरानी यादें साझा कीं। साथ ही हाल चाल भी जाना। फोन नंबरों का भी आदान प्रदान किया। - डॉ. नीलम सिंह।
1987 बैच की छात्रा रहीं हूं। तब से आज काफी कुछ बदल गया है। बाहर से कॉलेज देखकर तो नया सा लगा लेकिन जब परिसर घूमी तो फिर से पुरानी यादें ताजा हो गईं। यहां आकर काफी खुश हूं। - डॉ. चंद्रिका वर्मा।
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समारोह में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के पुरातन छात्रों ने अपने परिवार के साथ शिरकत की। डॉ. प्रमोद दीक्षित ने बांसुरी बजाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। भाव्या सिंह ने शिव आरती पर नृत्य की प्रस्तुति दी। रिषिता आनंद ने श्रीरामचंद्र की आरती गीत पर कथक नृत्य प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में एकेटीयू कुलपति प्रो. विनय पाठक, निदेशक डॉ. सुरेश चंद्रा, प्राचार्य डॉ. केएन यादव, डॉ. पूजा भारद्वाज, डॉ. प्रदीप कुमार भारद्वाज, डॉ. बीआर त्रिपाठी, डॉ. जेएन पांडेय ने व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में डॉ. पी सिंह, डॉ. जिनेंद्र जैन, डॉ. केजी द्विवेदी, डॉ. सीएस गुप्ता, डॉ. बीडी मोदी को सम्मानित किया गया। संचालन डॉ. मंजू सिंह व डॉ. अरुण झा ने किया। इस दौरान डॉ. अतुल प्रताप सिंह, डॉ. विश्वामित्र, डॉ. अनिल सोनी, डॉ. संध्या कुशवाहा, अंजना सोनी, डॉ. वंदना पाठक, डॉ. अशोक गौतम, डॉ. राजवंत चौहान मौजूद रहे।
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ये बोले पुरातन छात्र
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1995 बैच का विद्यार्थी रहा हूं। पहले की पढ़ाई में और अब की पढ़ाई में काफी अंतर आ गया है। नई-नई तकनीक से आयुर्वेद का इलाज होने लगा है। पुराने छात्रों से आज मिलकर काफी खुशी हुई। - डॉ. अरुण कुमार झा।
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1984 बैच की पासआउट हूं। पुरातन छात्र सम्मेलन में आकर पुरानी यादें ताजा हो गईं। जहां पढ़ते थे वो भवन अभी भी है पर काफी कुछ नया हो गया। जिन क्लास में पढ़ा, आज वहां जाने का फिर मौका मिला। - डॉ. कल्पना सिंह।
पुरातन छात्र सम्मेलन में पुराने दोस्तों और शिक्षकों से भी मिलने का मौका मिला। एक-दूसरे से बात कर पुरानी यादें साझा कीं। साथ ही हाल चाल भी जाना। फोन नंबरों का भी आदान प्रदान किया। - डॉ. नीलम सिंह।
1987 बैच की छात्रा रहीं हूं। तब से आज काफी कुछ बदल गया है। बाहर से कॉलेज देखकर तो नया सा लगा लेकिन जब परिसर घूमी तो फिर से पुरानी यादें ताजा हो गईं। यहां आकर काफी खुश हूं। - डॉ. चंद्रिका वर्मा।