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रिटायर्ड फौजी अफसर संभालेंगे अतिक्रमण हटाने का जिम्मा
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झांसी। अवैध कब्जे धारकों से निपटने में नाकाम नगर निगम अब इसकी जिम्मेदारी सेना से रिटायर्ड अधिकारियों को सौंपने जा रहा है। रिटायर्ड सैन्य अफसरों की अगुवाई में विशेष प्रवर्तन दल गठित हो रहा है, जिसकी कमान कर्नल रैंक के अफसर के हाथ होगी। उनकी मदद को सूबेदार स्तर के दो अफसर भी तैनात होंगे। आगे से अतिक्रमणरोधी अभियान इन्हीं अफसरों की अगुवाई में चलेगा।
शहर में अतिक्रमण की समस्या दिनों-दिन विकराल होती जा रही। महत्वपूर्ण सड़कों पर निकलना राहगीरों के लिए आसान नहीं रह गया। लेकिन निगम प्रशासन इन कब्जों को खत्म नहीं करा पा रहा। निगम की नाकामी को देखते हुए सरकार ने निगम प्रशासन को प्रवर्तन दल की जिम्मेदारी सेना के रिटायर्ड अधिकारियों को सौंपने के निर्देश दिए। करीब एक साल तक मामला फाइलों में दबा रहा। काफी दबाव के बाद आखिरकार नगर निगम ने पिछले दिनों रिटायर्ड कर्नल नीरज नवीन वाजपेई को तैनात किया। शासनादेश में चार रिटायर्ड सूबेदार तैनात करने के निर्देश हैं लेकिन, अपनी जरूरत के मुताबिक निगम दो सूबेदारों की तैनाती करने जा रहा है। इनकी मदद के लिए आठ-आठ रिटायर्ड सैन्यकर्मी भी तैनात होंगे। इनके लिए इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। साक्षात्कार में करीब 70 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। एक सप्ताह के भीतर इनके परिणाम समेत नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अपर नगर आयुक्त अरूण कुमार के मुताबिक तैनाती प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतिक्रमणरोधी अभियान की जिम्मेदारी इनको सौंप दी जाएगी। दो टीमें बनाई जाएंगी। यह रोजाना शहर से अतिक्रमण हटवाने का काम करेंगे।
नगर निगम को उठाना होगा पूरा खर्च
प्रवर्तन दल में तैनात होने वाले डेढ़ दर्जन रिटायर्ड सैन्यकर्मियों के वेतन का जिम्मा नगर निगम को अपने कोष से करना होगा। इन सभी पर करीब पचास लाख रुपये सलाना का खर्च होने की उम्मीद है। इनके लिए नगर निगम को सरकार से कोई भी वित्तीय मदद नहीं मिलेगी।
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शहर में अतिक्रमण की समस्या दिनों-दिन विकराल होती जा रही। महत्वपूर्ण सड़कों पर निकलना राहगीरों के लिए आसान नहीं रह गया। लेकिन निगम प्रशासन इन कब्जों को खत्म नहीं करा पा रहा। निगम की नाकामी को देखते हुए सरकार ने निगम प्रशासन को प्रवर्तन दल की जिम्मेदारी सेना के रिटायर्ड अधिकारियों को सौंपने के निर्देश दिए। करीब एक साल तक मामला फाइलों में दबा रहा। काफी दबाव के बाद आखिरकार नगर निगम ने पिछले दिनों रिटायर्ड कर्नल नीरज नवीन वाजपेई को तैनात किया। शासनादेश में चार रिटायर्ड सूबेदार तैनात करने के निर्देश हैं लेकिन, अपनी जरूरत के मुताबिक निगम दो सूबेदारों की तैनाती करने जा रहा है। इनकी मदद के लिए आठ-आठ रिटायर्ड सैन्यकर्मी भी तैनात होंगे। इनके लिए इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। साक्षात्कार में करीब 70 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। एक सप्ताह के भीतर इनके परिणाम समेत नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अपर नगर आयुक्त अरूण कुमार के मुताबिक तैनाती प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतिक्रमणरोधी अभियान की जिम्मेदारी इनको सौंप दी जाएगी। दो टीमें बनाई जाएंगी। यह रोजाना शहर से अतिक्रमण हटवाने का काम करेंगे।
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नगर निगम को उठाना होगा पूरा खर्च
प्रवर्तन दल में तैनात होने वाले डेढ़ दर्जन रिटायर्ड सैन्यकर्मियों के वेतन का जिम्मा नगर निगम को अपने कोष से करना होगा। इन सभी पर करीब पचास लाख रुपये सलाना का खर्च होने की उम्मीद है। इनके लिए नगर निगम को सरकार से कोई भी वित्तीय मदद नहीं मिलेगी।
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