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आक्रोशित शिक्षामित्रों ने निकाला पैदल मार्च
ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2015 12:51 AM IST
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बेसिक प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने
से आक्रोशित शिक्षामित्रों ने बुधवार को भी बीएसए कार्यालय पर तथा
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री के नाम संबोधित
ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। वहीं जिले के शिक्षामित्र
बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें अपनी व्यथा
सुनाने के लिए वाराणसी कू च करेंगे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रात: शिक्षा मित्र बीएसए कार्यालय परिसर में इकट्ठा हुए। यहां वक्ताओं ने शिक्षा मित्रों से एकजुट रहने का आह्वान किया। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य भी पहुंचे, उन्होंने शिक्षा मित्रों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। तदोपरांत शिक्षामित्र पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचे और सभा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। इसके पश्चात बीएसए कार्यालय में हुई सभा में निर्णय लिया कि 17 सितंबर को शिक्षा मित्र बीएसए कार्यालय परिसर में एकत्रित होकर बनारस के लिए रवाना होंगे।
इस अवसर पर संजय यादव, पंकज, गोविंद सिंह, संजीव यादव, विष्णु दत्त पटैरिया, सुगर सिंह यादव, पंकज वर्मा, महेंद्र, बृजेंद्र राय, अनिल कौशिक, राम गोपाल, वीरेंद्र श्रीवास्तव, शरद प्रजापति, रमाकांत, मंगलेश्वर, शीलेंद्र यादव, भगवान सिंह, राधे लाल यादव, सुनील कुमार, राम मिलन, शरद प्रजापति, देवेंद्र राजपूत, अभय खरे, अमित यादव, अंजली यादव, कुसुमा यादव, सुनीता यादव, पदमा, अनिल साहू आदि मौजूद रहे।
विकलांग महिला शिक्षामित्र बेहोश
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में शिक्षा मित्रों के प्रदर्शन दौरान एक और शिक्षामित्र की हालत बिगड़ गई। प्रदर्शन में शामिल प्राचीन प्राथमिक कन्या विद्यालय गुरसरांय की विकलांग शिक्षामित्र मरजीना बेहोश हो गई। इससे शिक्षा मित्रों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन शिक्षा मित्रों ने 108 नंबर एंबुलेंस को फोन कर सूचना दी, लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस बीच मरजीना की तबियत अधिक बिगड़ने लगी, जिस पर शिक्षामित्रों ने बेहोश हो चुकी मरजीना को आपे से जिला अस्पताल ले गए, जहां तुरंत उपचार किया गया। इससे पूर्व मरजीना ने हाथ-पैर सुन्न होने की बात महिला शिक्षामित्रों को बताई। जिस पर उसके हाथ-पैर की मालिश व पानी आदि छिड़का गया, लेकिन राहत न मिलने पर अस्पताल ले जाया गया।
रोके नहीं रुके आंसू
सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने से शिक्षा मित्रों के आंसू रोके नहीं रुके। जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों से आयी महिला शिक्षकों की आंखों से आंसुओं की धारा बहती रही। हालांकि एक दूसरे को सहारा देने क ी कोशिश में स्वयं भी कई महिला शिक्षामित्र अपने आंसू नहीं रोक सकीं।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रात: शिक्षा मित्र बीएसए कार्यालय परिसर में इकट्ठा हुए। यहां वक्ताओं ने शिक्षा मित्रों से एकजुट रहने का आह्वान किया। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य भी पहुंचे, उन्होंने शिक्षा मित्रों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। तदोपरांत शिक्षामित्र पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचे और सभा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। इसके पश्चात बीएसए कार्यालय में हुई सभा में निर्णय लिया कि 17 सितंबर को शिक्षा मित्र बीएसए कार्यालय परिसर में एकत्रित होकर बनारस के लिए रवाना होंगे।
इस अवसर पर संजय यादव, पंकज, गोविंद सिंह, संजीव यादव, विष्णु दत्त पटैरिया, सुगर सिंह यादव, पंकज वर्मा, महेंद्र, बृजेंद्र राय, अनिल कौशिक, राम गोपाल, वीरेंद्र श्रीवास्तव, शरद प्रजापति, रमाकांत, मंगलेश्वर, शीलेंद्र यादव, भगवान सिंह, राधे लाल यादव, सुनील कुमार, राम मिलन, शरद प्रजापति, देवेंद्र राजपूत, अभय खरे, अमित यादव, अंजली यादव, कुसुमा यादव, सुनीता यादव, पदमा, अनिल साहू आदि मौजूद रहे।
विकलांग महिला शिक्षामित्र बेहोश
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में शिक्षा मित्रों के प्रदर्शन दौरान एक और शिक्षामित्र की हालत बिगड़ गई। प्रदर्शन में शामिल प्राचीन प्राथमिक कन्या विद्यालय गुरसरांय की विकलांग शिक्षामित्र मरजीना बेहोश हो गई। इससे शिक्षा मित्रों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन शिक्षा मित्रों ने 108 नंबर एंबुलेंस को फोन कर सूचना दी, लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस बीच मरजीना की तबियत अधिक बिगड़ने लगी, जिस पर शिक्षामित्रों ने बेहोश हो चुकी मरजीना को आपे से जिला अस्पताल ले गए, जहां तुरंत उपचार किया गया। इससे पूर्व मरजीना ने हाथ-पैर सुन्न होने की बात महिला शिक्षामित्रों को बताई। जिस पर उसके हाथ-पैर की मालिश व पानी आदि छिड़का गया, लेकिन राहत न मिलने पर अस्पताल ले जाया गया।
रोके नहीं रुके आंसू
सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने से शिक्षा मित्रों के आंसू रोके नहीं रुके। जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों से आयी महिला शिक्षकों की आंखों से आंसुओं की धारा बहती रही। हालांकि एक दूसरे को सहारा देने क ी कोशिश में स्वयं भी कई महिला शिक्षामित्र अपने आंसू नहीं रोक सकीं।