{"_id":"8129c2f74aa317aa54e35297afa052cb","slug":"amidst-the-uproar-could-not-discuss-smart-city-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हंगामे के बीच नहीं हो सकी स्मार्ट सिटी पर चर्चा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हंगामे के बीच नहीं हो सकी स्मार्ट सिटी पर चर्चा
झांसी/ ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2015 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछली बैठकों में प्रस्ताव पारित होने के बाद भी कार्य न होने से नाराज
विज्ञापन
सभासदों ने बुधवार को आयोजित नगर निगम की बैठक में जमकर हंगामा किया।
नारेबाजी व शोरशराबा के कारण न तो स्मार्ट सिटी पर चर्चा हो सकी तथा न ही
नये एजेंडे के कार्यों के प्रस्ताव पारित हो सके।
बैठक के प्रारंभ में ही महिला सभासदों ने नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया तथा महापौर तथा अधिकारियों का घेराव कर आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्ष में पारित हुए प्रस्तावों में उनके वार्डों में अभी तक कोई भी कार्य नहीं हुआ। सभासदों में शाहजहां, अफरोज बेगम, अनीता पांडेय, महेलका मकरानी ने कहा कि उनके वार्डों में क्षेत्रवासियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं। पेयजल, साफ सफाई, स्ट्रीट लाइट की समस्याएं हावी हैं, सभी काम अधर में लटके हुए हैं। सभासद आनंद साहू ने कहा कि भट्टागांव में शौचालय निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ था, लेकिन अभी भी यह कार्य अधर में है। सभासद रवि मौर्या ने कहा कि खिरक पट्टी क्षेत्र में खाती बाबा के पास से नाला बनना था, 14 लाख का टेंडर हुआ, जिसे बाद में रद कर दिया गया। सभासद ऊषा ने सवाल उठाया कि जब वार्डों में शौचालय, प्याऊ आदि निर्माण पिछले तीन वर्ष से नहीं हुए, तो कैसे स्मार्ट सिटी का सपना साकार हो सकेगा। सभासद कन्हैया कपूर ने दो वर्ष पूर्व पारित प्रस्ताव शव वाहन खरीद पर अब तक क्या पहल हुई इसका जवाब किसी के पास नहीं है। इस मुद्दे पर अधिकारियों की ओर से गोलमोल जवाब मिलने पर महापौर ने नाराजगी प्रकट की। महापौर के आसन के समक्ष सभासदों ने कई बार नारेबाजी की तथा स्थिति इतनी बिगड़ गई कि एक बार कुछ देर के लिए बैठक स्थगित करना पड़ा। आखिरी चरण में सभासदों ने नगर आयुक्त की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए सदन की बैठक पुन: बुलाने की मांग की, जिसे महापौर ने मंजूरी देते हुए बैठक को स्थगित कर दिया। इससे पूर्व नए कार्यकारिणी सदस्यों को पुष्प गुच्छ देकर सदन में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महापौर किरन वर्मा, बबीना विधायक कृष्ण पाल सिंह राजपूत, अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह, संपत्ति अधिकारी डा. पुष्पराज गौतम, सदन प्रभारी केशव, चीफ इंजीनियर आर के वर्मा, आईटी अधिकारी राकेश कुमार साहू आदि मौजूद रहे।
सभासद ने लगाई सुरक्षा की गुहार
सदन में सभासद अनिल कुमार ने नगर निगम के अवर अभियंता पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने कुछ साथियों के साथ घर पर आकर धमकी दी है। सभासद ने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए बताया कि उनके वार्ड में नाला निर्माण की गुणवत्ता मानक अनुसार न होने पर इसकी शिकायत शासन से की थी। इस संबंध में महापौर ने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने पर उन्होंने उक्त कार्य का निरीक्षण व जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वहीं, अपर नगर आयुक्त ने कहा कि सभासद से अभद्रता किए जाने की जांच होगी तथा दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महापौर पर अफसरों का साथ देने का आरोप
नगर निगम के अधिकारियों की हीला हवाली से नाराज सभासदों ने महापौर के प्रति नाराजगी दर्ज करायी। सभासद पप्पे राईन, शैलेंद्र सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि वह जनता के चुने प्रतिनिधियों का साथ न देकर अधिकारियों का साथ दे रहीं हैं। इस मौके पर करीब डेढ़ दर्जन सभासदों ने तानाशाही नहीं चलेगी, पार्षद एकता जिंदाबाद के नारे लगाते हुए सदन की बैठक को गरमाए रखा। वहीं, महापौर व नगर निगम के अधिकारियों से उनकी नोंक झोंक भी हुई।
सभासदों ने कहा सम्मान नहीं होता हमारा
सदन की बैठक में एक बार फिर सभासदों के सम्मान की बात उठाई गई। सभासद आफाक मकरानी ने कहा कि जब जन प्रतिनिधियों का सम्मान नहीं होगा, तो विकास कार्य क्या होंगे। इस मौके पर बबीना विधायक कृष्ण पाल सिंह राजपूत ने स्वीकारा कि कोई भी पार्षद अधिकारियों से संतुष्ट नहीं है। आवश्यकता है कि अधिकारी सभासदों के सवालों का जवाब पत्र के माध्यम से ही दें।
महिला व पुरुष सभासदों में रही होड़
सदन में महिला व पुरुष सभासदों के बीच भी समस्याएं उठाने की जंग चल रही थी। इस दौरान महिला सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें समस्याएं उठाने का मौका नहीं दिया जा रहा है तो महापौर ने हस्तक्षेप किया । लेकिन, जब महिला सदस्यों ने समस्याएं उठायीं तो इस दौरान अधिकारियों के अलावा पुरुष सभासद भी बातचीत में मशगूल नजर आए। हालांकि, एक दौर ऐसा भी आया कि महिला सदस्यों ने पुरुष सभासदों को बोलने तक नहीं दिया।
मंडलीय अधिकारियों की टीम कर रही जांच
नगर निगम के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नहीं होने का मुद्दा कई सभासदों ने उठाया। ऐेसें में अपर नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर निगम की सीमा में हो रहे कार्यों की जांच मंडलायुक्त के निर्देश पर मंडलीय अधिकारियों की टीम कर रही है। चीफ इंजीनियर ने कहा कि गुणवत्ता परखने की जिम्मेदारी विभाग बखूबी निभा रहा है।
स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों को नहीं समझा सभासदों ने
पूरी संभावना थी कि सदन की बैठक में स्मार्ट सिटी छाया रहेगा, लेकिन सभासदों की नाराजगी ने स्मार्ट सिटी पर चर्चा नहीं होने दी। महापौर के निर्देश पर आई टी आफीसर राकेश कुमार साहू स्मार्ट सिटी के चार प्रमुख प्रोजेक्टों पर बोलने को उठे, तो इस दौरान एकजुट सभासदों ने जमकर शोर शराबा मचाना शुरू कर दिया और महापौर के आसन तक आ गए। ऐसे में स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों को समझने से सदन वंचित रह गया।
अभी तक 17 बैठकें हो जानी चाहिए थी
नियमत: सदन की बैठक प्रत्येक दो माह के अंतराल में होनी चाहिए, लेकिन इसका पालन नहीं होता है। सभासद कनक शिवहरे, भरत यादव, महेश गौतम, अनीता पांडेय, गोपी ने बताया कि 13 जुलाई 2012 के गठन के पश्चात से अब तक 17 बैठकें होनी चाहिए थी, लेकिन बैठकें आधा दर्जन से ज्यादा नहीं हुई।
क्या लाभ है पीपी मॉडल से
सदन क ो विश्वास में लिए बिना सालिड वेस्ट के लिए ट्रैक्टरों व रोड सफाई की मशीन की खरीद के मुद्दे पर बुधवार को सदन में खूब हंगामा हुआ। सभासदों में कन्हैया कपूर, आनंद साहू, रवि मौर्या आदि ने पीपी मॉडल की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया। नगर निगम के अधिकारियों व महापौर से पूछा कि आखिर नगर निगम व जनता को पीपी मॉडल से क्या लाभ हो रहा है।
बैठक के प्रारंभ में ही महिला सभासदों ने नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया तथा महापौर तथा अधिकारियों का घेराव कर आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्ष में पारित हुए प्रस्तावों में उनके वार्डों में अभी तक कोई भी कार्य नहीं हुआ। सभासदों में शाहजहां, अफरोज बेगम, अनीता पांडेय, महेलका मकरानी ने कहा कि उनके वार्डों में क्षेत्रवासियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं। पेयजल, साफ सफाई, स्ट्रीट लाइट की समस्याएं हावी हैं, सभी काम अधर में लटके हुए हैं। सभासद आनंद साहू ने कहा कि भट्टागांव में शौचालय निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ था, लेकिन अभी भी यह कार्य अधर में है। सभासद रवि मौर्या ने कहा कि खिरक पट्टी क्षेत्र में खाती बाबा के पास से नाला बनना था, 14 लाख का टेंडर हुआ, जिसे बाद में रद कर दिया गया। सभासद ऊषा ने सवाल उठाया कि जब वार्डों में शौचालय, प्याऊ आदि निर्माण पिछले तीन वर्ष से नहीं हुए, तो कैसे स्मार्ट सिटी का सपना साकार हो सकेगा। सभासद कन्हैया कपूर ने दो वर्ष पूर्व पारित प्रस्ताव शव वाहन खरीद पर अब तक क्या पहल हुई इसका जवाब किसी के पास नहीं है। इस मुद्दे पर अधिकारियों की ओर से गोलमोल जवाब मिलने पर महापौर ने नाराजगी प्रकट की। महापौर के आसन के समक्ष सभासदों ने कई बार नारेबाजी की तथा स्थिति इतनी बिगड़ गई कि एक बार कुछ देर के लिए बैठक स्थगित करना पड़ा। आखिरी चरण में सभासदों ने नगर आयुक्त की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए सदन की बैठक पुन: बुलाने की मांग की, जिसे महापौर ने मंजूरी देते हुए बैठक को स्थगित कर दिया। इससे पूर्व नए कार्यकारिणी सदस्यों को पुष्प गुच्छ देकर सदन में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महापौर किरन वर्मा, बबीना विधायक कृष्ण पाल सिंह राजपूत, अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह, संपत्ति अधिकारी डा. पुष्पराज गौतम, सदन प्रभारी केशव, चीफ इंजीनियर आर के वर्मा, आईटी अधिकारी राकेश कुमार साहू आदि मौजूद रहे।
सभासद ने लगाई सुरक्षा की गुहार
सदन में सभासद अनिल कुमार ने नगर निगम के अवर अभियंता पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने कुछ साथियों के साथ घर पर आकर धमकी दी है। सभासद ने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए बताया कि उनके वार्ड में नाला निर्माण की गुणवत्ता मानक अनुसार न होने पर इसकी शिकायत शासन से की थी। इस संबंध में महापौर ने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने पर उन्होंने उक्त कार्य का निरीक्षण व जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वहीं, अपर नगर आयुक्त ने कहा कि सभासद से अभद्रता किए जाने की जांच होगी तथा दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महापौर पर अफसरों का साथ देने का आरोप
नगर निगम के अधिकारियों की हीला हवाली से नाराज सभासदों ने महापौर के प्रति नाराजगी दर्ज करायी। सभासद पप्पे राईन, शैलेंद्र सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि वह जनता के चुने प्रतिनिधियों का साथ न देकर अधिकारियों का साथ दे रहीं हैं। इस मौके पर करीब डेढ़ दर्जन सभासदों ने तानाशाही नहीं चलेगी, पार्षद एकता जिंदाबाद के नारे लगाते हुए सदन की बैठक को गरमाए रखा। वहीं, महापौर व नगर निगम के अधिकारियों से उनकी नोंक झोंक भी हुई।
सभासदों ने कहा सम्मान नहीं होता हमारा
सदन की बैठक में एक बार फिर सभासदों के सम्मान की बात उठाई गई। सभासद आफाक मकरानी ने कहा कि जब जन प्रतिनिधियों का सम्मान नहीं होगा, तो विकास कार्य क्या होंगे। इस मौके पर बबीना विधायक कृष्ण पाल सिंह राजपूत ने स्वीकारा कि कोई भी पार्षद अधिकारियों से संतुष्ट नहीं है। आवश्यकता है कि अधिकारी सभासदों के सवालों का जवाब पत्र के माध्यम से ही दें।
महिला व पुरुष सभासदों में रही होड़
सदन में महिला व पुरुष सभासदों के बीच भी समस्याएं उठाने की जंग चल रही थी। इस दौरान महिला सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें समस्याएं उठाने का मौका नहीं दिया जा रहा है तो महापौर ने हस्तक्षेप किया । लेकिन, जब महिला सदस्यों ने समस्याएं उठायीं तो इस दौरान अधिकारियों के अलावा पुरुष सभासद भी बातचीत में मशगूल नजर आए। हालांकि, एक दौर ऐसा भी आया कि महिला सदस्यों ने पुरुष सभासदों को बोलने तक नहीं दिया।
मंडलीय अधिकारियों की टीम कर रही जांच
नगर निगम के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नहीं होने का मुद्दा कई सभासदों ने उठाया। ऐेसें में अपर नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर निगम की सीमा में हो रहे कार्यों की जांच मंडलायुक्त के निर्देश पर मंडलीय अधिकारियों की टीम कर रही है। चीफ इंजीनियर ने कहा कि गुणवत्ता परखने की जिम्मेदारी विभाग बखूबी निभा रहा है।
स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों को नहीं समझा सभासदों ने
पूरी संभावना थी कि सदन की बैठक में स्मार्ट सिटी छाया रहेगा, लेकिन सभासदों की नाराजगी ने स्मार्ट सिटी पर चर्चा नहीं होने दी। महापौर के निर्देश पर आई टी आफीसर राकेश कुमार साहू स्मार्ट सिटी के चार प्रमुख प्रोजेक्टों पर बोलने को उठे, तो इस दौरान एकजुट सभासदों ने जमकर शोर शराबा मचाना शुरू कर दिया और महापौर के आसन तक आ गए। ऐसे में स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों को समझने से सदन वंचित रह गया।
अभी तक 17 बैठकें हो जानी चाहिए थी
नियमत: सदन की बैठक प्रत्येक दो माह के अंतराल में होनी चाहिए, लेकिन इसका पालन नहीं होता है। सभासद कनक शिवहरे, भरत यादव, महेश गौतम, अनीता पांडेय, गोपी ने बताया कि 13 जुलाई 2012 के गठन के पश्चात से अब तक 17 बैठकें होनी चाहिए थी, लेकिन बैठकें आधा दर्जन से ज्यादा नहीं हुई।
क्या लाभ है पीपी मॉडल से
सदन क ो विश्वास में लिए बिना सालिड वेस्ट के लिए ट्रैक्टरों व रोड सफाई की मशीन की खरीद के मुद्दे पर बुधवार को सदन में खूब हंगामा हुआ। सभासदों में कन्हैया कपूर, आनंद साहू, रवि मौर्या आदि ने पीपी मॉडल की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया। नगर निगम के अधिकारियों व महापौर से पूछा कि आखिर नगर निगम व जनता को पीपी मॉडल से क्या लाभ हो रहा है।