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एलोवेरा में मिले आंतों का कैंसर रोकने के तत्व
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आंतों का कैंसर रोकने में कारगर साबित हो सकता है एलोवेरा
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बायोमेडिकल संस्थान की ओर से एलोवेरा पर किए गए शोध से पता चला है कि इसमें कई ऐसे तत्व हैं, जो आंतों का कैंसर रोकने में कारगर साबित हो सकते हैं। शोध के मुताबिक एलोवेरा में ऑक्सीजन की कमी से होने वाले रोग ठीक करने के भी गुण मिले हैं।
दरअसल, बीयू के इनोवेशन सेंटर में नेचुरल रिसोर्स डाटा मैनेजमेंट सिस्टम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार की ओर से स्वीकृत परियोजना के अंतर्गत एलोवेरा पर शोध किया गया था। एलोवेरा में कई ऐसे औषधीय गुण हैं जिनमें कैंसर व पेट संबंधी रोग, दर्द निवारक, लिपिड मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करने संबंधी फाइटोकेमिकल कंपाउंड्स (पौधों में पाए जाने घटक) मिले हैं। शोध के दौरान इस पौधे के अर्क का निर्धारित वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के बाद क्रोमैटोग्राफिक अध्ययन किया गया, जिसमें 200 से अधिक फाइटोकेमिकल कंपाउंड्स पाए गए। इनके आधार पर गंभीर बीमारियों से लड़ा जा सकता है। यह शोध बायोमेडिकल साइंस विभाग के शिक्षक डॉ. लवकुश द्विवेदी, फार्मेसी विभाग के शिक्षक डॉ. शशि आलोक के निर्देशन में छात्र पंकज कुशवाहा ने किया है। इसको फार्मेसी से संबंधित अंतरराष्ट्रीय शोध जर्नल में प्रकाशित करने के लिए स्वीकृति भी मिल गई है।
पेटेंट होने के बाद बनेंगी दवाएं
आगे अध्ययन के बाद कंपाउंड्स आइसोलेशन (यौगिक घटकों को अलग करना) एवं पेटेंट कराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। फिर फार्मास्युटिकल कंपनियां पेटेंट को खरीदेंगी। इसके बाद दवा बनाएंगी। ये दवाएं कैंसर रोगियों के इलाज में सहायक होंगी।
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एलोवेरा पर हुए शोध में आए परिणाम काफी उत्साहित करने वाले हैं। आंतों के कैंसर समेत गंभीर बीमारियों के इलाज के तत्व इसमें मिले हैं। इससे एलोवेरा की उपयोगिता और बढ़ गई है।
डॉ. लवकुश द्विवेदी, एसोसिएट प्रोफेसर, बायोमेडिकल साइंस।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बायोमेडिकल संस्थान की ओर से एलोवेरा पर किए गए शोध से पता चला है कि इसमें कई ऐसे तत्व हैं, जो आंतों का कैंसर रोकने में कारगर साबित हो सकते हैं। शोध के मुताबिक एलोवेरा में ऑक्सीजन की कमी से होने वाले रोग ठीक करने के भी गुण मिले हैं।
दरअसल, बीयू के इनोवेशन सेंटर में नेचुरल रिसोर्स डाटा मैनेजमेंट सिस्टम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार की ओर से स्वीकृत परियोजना के अंतर्गत एलोवेरा पर शोध किया गया था। एलोवेरा में कई ऐसे औषधीय गुण हैं जिनमें कैंसर व पेट संबंधी रोग, दर्द निवारक, लिपिड मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करने संबंधी फाइटोकेमिकल कंपाउंड्स (पौधों में पाए जाने घटक) मिले हैं। शोध के दौरान इस पौधे के अर्क का निर्धारित वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के बाद क्रोमैटोग्राफिक अध्ययन किया गया, जिसमें 200 से अधिक फाइटोकेमिकल कंपाउंड्स पाए गए। इनके आधार पर गंभीर बीमारियों से लड़ा जा सकता है। यह शोध बायोमेडिकल साइंस विभाग के शिक्षक डॉ. लवकुश द्विवेदी, फार्मेसी विभाग के शिक्षक डॉ. शशि आलोक के निर्देशन में छात्र पंकज कुशवाहा ने किया है। इसको फार्मेसी से संबंधित अंतरराष्ट्रीय शोध जर्नल में प्रकाशित करने के लिए स्वीकृति भी मिल गई है।
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पेटेंट होने के बाद बनेंगी दवाएं
आगे अध्ययन के बाद कंपाउंड्स आइसोलेशन (यौगिक घटकों को अलग करना) एवं पेटेंट कराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। फिर फार्मास्युटिकल कंपनियां पेटेंट को खरीदेंगी। इसके बाद दवा बनाएंगी। ये दवाएं कैंसर रोगियों के इलाज में सहायक होंगी।
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एलोवेरा पर हुए शोध में आए परिणाम काफी उत्साहित करने वाले हैं। आंतों के कैंसर समेत गंभीर बीमारियों के इलाज के तत्व इसमें मिले हैं। इससे एलोवेरा की उपयोगिता और बढ़ गई है।
डॉ. लवकुश द्विवेदी, एसोसिएट प्रोफेसर, बायोमेडिकल साइंस।