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Jhansi News: हॉकी के साथ कमाल का क्रिकेट भी खेलते थे रूप सिंह

Sat, 27 Jul 2024 05:58 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2024 05:58 AM IST
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Along with hockey, Roop Singh also played amazing cricket.
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। ओलंपिक खेलों में देश के लिए दो स्वर्ण पदक हासिल करने वाले कैप्टन रूप सिंह हॉकी के साथ क्रिकेट के भी अव्वल दर्जे के खिलाड़ी थे। हॉकी के करिश्माई खेल के जरिये उन्होंने ओलंपिक खेलों में एक के बाद एक दो गोल्ड मेडल हासिल किए थे। इसके बाद उन्होंने रणजी ट्रॉफी का मैच भी खेला था। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद भी अपने छोटे भाई रूप सिंह के खेल के मुरीद थे।
मेजर ध्यानचंद और उनके भाई रूप सिंह की प्रारंभिक शिक्षा झांसी में ही हुई थी। यहीं दोनों भाई सीपरी बाजार के एक मैदान (अब हीरोज ग्राउंड) पर साथ-साथ हॉकी का अभ्यास किया करते थे। कंकड़-पत्थरों से भरे इस मैदान में दोनों बॉल को हॉकी के इशारे पर घंटों नचाया करते थे। इसी बीच ध्यानचंद भारतीय सेना का हिस्सा बन गए थे, जबकि रूप सिंह ग्वालियर राजघराने की फौज में बतौर कैप्टन शामिल हो गए थे।
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रूप सिंह 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में भारतीय हॉकी टीम के सदस्य थे। लॉस एंजिल्स में आयोजित ओलंपिक के पहले मैच में भारत ने जापान को 11-1 से हराया था। इस मैच में चार गोल ध्यानचंद ने किए थे, जबकि तीन गोल रूप सिंह की स्टिक से निकले थे। खिताबी मुकाबले में भारत ने अमेरिका को 24-1 से धो डाला था। फाइनल मुकाबले में ध्यानचंद ने आठ और रूप सिंह ने 10 गोल ठोके थे। उन्हें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। अपने भाई के खेल से मेजर ध्यानचंद भी प्रभावित रहते थे। वह उन्हें अपने से अच्छा खिलाड़ी मानते थे। रूप सिंह क्रिकेट के भी अव्वल दर्जे के खिलाड़ी थे। 1946 में उन्होंने ग्वालियर स्टेट की ओर से दिल्ली के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच खेला था। इसके अलावा लॉन टेनिस के भी अच्छे खिलाड़ी थे।
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जर्मनी में है रूप सिंह मार्ग
रूप सिंह के सम्मान में जर्मनी के शहर म्यूनिख में एक सड़क उनके नाम पर रखी गई थी, जो आज भी मौजूद है। इसके अलावा ग्वालियर में कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम भी है।
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ध्यानचंद ने सिलवाया था सूट
सन 1932 के ओलंपिक में रूप सिंह का ओलंपिक टीम में चयन हुआ था, लेकिन उन्होंने लॉस एंजिल्स जाने से मना कर दिया था, क्योंकि उनके पास वहां जाने योग्य कपड़े नहीं थे। ऐसे में ध्यानचंद ने उनका सूट सिलवाया था। इसके बाद वह जाने को राजी हुए थे।
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कैप्टन रूप सिंह, मेजर ध्यानचंद की तरह हॉकी के महान खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। ओलंपिक खेलों में भारत को दो गोल्ड मेडल दिलाने में उनका अहम योगदान रहा है। - सौरभ आनंद, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी

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कैप्टन रूप सिंह विलक्षण खेल प्रतिभा के धनी थे। हॉकी के साथ क्रिकेट व लॉन टेनिस के भी वह बेहतरीन खिलाड़ी थे। मेजर ध्यानचंद भी उनके खेल की तारीफ किया करते थे। - जमशेर खान, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी
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