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अकेले यात्रा कर रहीं महिलाओं की खैरियत ले रही आरपीएफ
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झांसी। ट्रेन में अगर आपकी बेटी, पत्नी, मां या कोई अन्य महिला परिजन अकेले सफर कर रहीं हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। आरपीएफ ने उनकी सुरक्षा व हालचाल जानने के लिए महिला कर्मियों को लगाया है। आरपीएफ के मेरी सहेली कार्यक्रम के तहत सभी प्रमुख स्टेशनों पर महिला कर्मियों की तैनाती की गई है, जो मंडल से सुबह के वक्त गुजरने वाली ट्रेनों में जाकर अकेले सफर कर रहीं महिला यात्रियों से उनकी खैरियत का पता करतीं हैं। उद्देश्य अकेली महिला यात्री को सुरक्षा का अहसास कराना व उनकी समस्याओं को जानना और उनका निवारण करना है।
आरपीएफ के पास मंडल में अभी 60 से अधिक महिला कर्मी उपलब्ध हैं। पर्याप्त संख्या होने पर उनको प्रमुख स्टेशन झांसी, ग्वालियर, मुरैना, ललितपुर, बांदा, उरई, भीमसेन, जूही, मानिकपुर, महोबा पर तैनात किया गया है। झांसी व ग्वालियर में 14 से 16 महिला कर्मियों की तैनाती है, जबकि अन्य स्टेशनों पर तीन से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है। आरपीएफ ट्रेन में महिलाओं की सुरक्षा के लिए मेरी सहेली अभियान चला रहा है। इसके लिए अलग- अलग टीमों का गठन किया गया है। हर टीम में एक महिला उपनिरीक्षक, चार महिला आरक्षी व एक पुरुष आरक्षी को तैनात किया गया है। इन टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों में अकेले सफर कर रहीं महिलाओं की खैरियत पता करेंगी। ट्रेन में कितनी महिलाएं अकेले सफर कर रहीं हैं उसकी सूची जहां से ट्रेन चलती है वह जोन उपलब्ध कराता है। खासकर मुख्य ट्रैक के मुरैना, ग्वालियर, झांसी व ललितपुर स्टेशन पर जांच की जा रही है।
- ट्रेन में महिलाओं को सुरक्षा की कमी महसूस न हो, इस उद्देश्य से मेरी सहेली अभियान चलाया जा रहा है। प्रतिदिन 20 से 25 अकेले सफर कर रहीं महिलाओं की खैरियत ली जा रही है। ट्रेन आने के पहले ही दूसरे जोन से अकेले सफर कर रहीं महिलाओं की सूची आ जाती है। जो ट्रेनें झांसी व ग्वालियर से बनकर चल रहीं हैं उनकी सूची हम दूसरे जोन में भेजते हैं।
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बी जतिन राज, मंडल सुरक्षा आयुक्त।
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आरपीएफ के पास मंडल में अभी 60 से अधिक महिला कर्मी उपलब्ध हैं। पर्याप्त संख्या होने पर उनको प्रमुख स्टेशन झांसी, ग्वालियर, मुरैना, ललितपुर, बांदा, उरई, भीमसेन, जूही, मानिकपुर, महोबा पर तैनात किया गया है। झांसी व ग्वालियर में 14 से 16 महिला कर्मियों की तैनाती है, जबकि अन्य स्टेशनों पर तीन से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है। आरपीएफ ट्रेन में महिलाओं की सुरक्षा के लिए मेरी सहेली अभियान चला रहा है। इसके लिए अलग- अलग टीमों का गठन किया गया है। हर टीम में एक महिला उपनिरीक्षक, चार महिला आरक्षी व एक पुरुष आरक्षी को तैनात किया गया है। इन टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों में अकेले सफर कर रहीं महिलाओं की खैरियत पता करेंगी। ट्रेन में कितनी महिलाएं अकेले सफर कर रहीं हैं उसकी सूची जहां से ट्रेन चलती है वह जोन उपलब्ध कराता है। खासकर मुख्य ट्रैक के मुरैना, ग्वालियर, झांसी व ललितपुर स्टेशन पर जांच की जा रही है।
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- ट्रेन में महिलाओं को सुरक्षा की कमी महसूस न हो, इस उद्देश्य से मेरी सहेली अभियान चलाया जा रहा है। प्रतिदिन 20 से 25 अकेले सफर कर रहीं महिलाओं की खैरियत ली जा रही है। ट्रेन आने के पहले ही दूसरे जोन से अकेले सफर कर रहीं महिलाओं की सूची आ जाती है। जो ट्रेनें झांसी व ग्वालियर से बनकर चल रहीं हैं उनकी सूची हम दूसरे जोन में भेजते हैं।
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बी जतिन राज, मंडल सुरक्षा आयुक्त।