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फिर सांसों में घुलने लगा ‘जहर’

Mon, 12 Aug 2019 01:06 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Aug 2019 01:06 AM IST
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Air pollution increasing due to dumping of garbage
फिर सांसों में घुलने लगा ‘जहर’
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झांसी। नगर निगम ने मसीहागंज में मैला की टौरिया स्थित नो डंपिंग जोन में दोबारा कचरा डलवाना शुरू कर दिया है, जिससे पॉश कॉलोनियों और आसपास के लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गंध से परेशान क्षेत्रवासी नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
सीपरी बाजार के मसीहागंज इलाके की मैला की टौरिया मुहल्ले में बनी खंती में नगर निगम ने इकट्ठा किया जाने वाला कचरा दोबारा डालना शुरू कर दिया है, जिससे लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वह तो शुक्र है कि बरसात के कारण कचरा तो नहीं सुलग रहा मगर दुर्गंध से रहना दूभर हो चुका है। इस संबंध में कृष्णा इन्क्लेव, सरयू विहार कॉलोनी, रस बहार कॉलोनी के लोग लगातार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत कर डंपिंग जोन को बंद कराने के लिए मांग कर रहे हैं पर उनकी एक नहीं सुनी जा रही है।
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बता दें कि तीन माह पूर्व गर्मियों में कचरा सुलगने से लोगों का रहना, खाना, पीना और सोना हराम हो गया था। आलम ये था कि लहर की देवी के आसपास और कांशीराम पार्क में नित्य सुबह की सैर करने वाले तक इससे परेशान हो चुके थे। क्षेत्रवासियों के हंगामा और प्रदर्शन करने के बाद 21 मई को नगर निगम का अमला मौके पर पहुंचा था और वहां की समस्याओं को भांपने के बाद महापौर रामतीर्थ सिंघल ने खंती को नो डंपिंग जोन घोषित कर दिया था, तब जाकर वहां के लोगों ने राहत की सांस ली थी।
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तेल में खेल, मैला तक किया जा रहा खाली
क्षेत्र के रहने वाले राजीव ने बताया कि नगर निगम वहां कचरा ही नहीं बल्कि सेप्टिक टैंक खाली करने वाली शकर मशीनें तक खंती लाकर खाली की जा रही हैँ, जो किसी अपराध से कम नहीं है। 21 मई को महापौर द्वारा नो डंपिंग जोन घोषित करने के साथ ही शकर मशीन के वहां पर खाली करने का मामला उठने पर नगर निगम के अधिकारियों को इस पर नजर रखने के अलावा चालक पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था। बता दें कि नगर निगम ने सेप्टिक टैंक के खाली होने पर निकलने वाले मैले के निस्तारण के लिए बिजौली में लाखों रुपये की लागत से फीकल स्लज प्लांट तैयार किया है। वहां पर टैंकरों को खाली कराने की व्यवस्था है।
अब तक नहीं तलाशी जमीन
महानगर में रोजाना 300 टन से अधिक कचरा निकलता है। पूर्व में महानगर में कचरा पंचवटी और मैला की टोरिया पर डंप होता था लेकिन मैला की टौरिया में डंपिंग जोन बंद होने के बाद से सारा कचरा पंचवटी पर डंप किया जाने लगा था। इस समस्या को देखते हुए करारी में नए डंपिंग जोन बनाने के लिए जमीन खोजी जाने लगी थी पर अब तक उस जमीन को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया।

पंचवटी में बरसात में दलदल की स्थिति पैदा होने से वाहन वहां नहीं पहुंच पा रहे थे। इस कारण मैला की टौरिया पर अस्थायी व्यवस्था की गई है, जो बरसात के बाद बंद कर दी जाएगी। - रामतीर्थ सिंघल, महापौर।
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