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हवा में ‘जहर’ घोल रही नगर निगम की अनदेखी
Jhansi
Updated Thu, 04 Jan 2018 01:14 AM IST
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poisen in air
- फोटो : demo
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नगर निगम की अनदेखी से शहर की हवा में जहर घुल रहा है। सफाई कर्मचारी धड़ल्ले से कचरे के ढेरों को आग के हवाले कर रहे हैं। इससे हवा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का आंकड़ा सामान्य स्तर को पार कर चुका है। कचरे के ढेर में प्लास्टिक के जलने से जहरीली गैसें निकलती हैं, जो आंख, त्वचा और फेंफड़ों के लिए खतरनाक होती हैं। बावजूद, इस पर अंकुश लगाने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
शहर में रोजाना दो सौ से ढाई सौ टन कचरा निकलता है। इसमें लगभग चालीस प्रतिशत प्लास्टिक कचरा होता है। इसके निस्तारण के लिए नगर निगम ने दो डंपिंग जोन बनाए हैं। शहर के अलग-अलग स्थानों से कचरा उठाकर डंपिंग जोन तक पहुंचाने की व्यवस्था है। लेकिन, इसका पूरी तरह से पालन नहीं हो रहा है। कई स्थानों पर कचरे को उठाने की जगह उसमें आग लगा दी जाती है। इसके अलावा डपिंग जोन में भी कचरे में आग लगा दी जाती है। इसकी तस्दीक डंपिंग जोन मैला की टोरिया पर की जा सकती है, जहां अक्सर धुआं निकलता नजर आता है। कचरे में शामिल प्लास्टिक जलने की वजह से सल्फर डाई आक्साइड, नाइट्रोजन आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड और कार्बन डाई आक्साइड गैस निकलती हैं, जो हवा में आसानी से घुल जाती हैं। इससे शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स सामान्य स्तर 100 से बढ़कर 110 पर पहुंच गया है। इससे आंख, त्वचा और फेंफड़ों के रोग की संभावना बढ़ जाती है। हालात संकेत दे रहे हैं कि यदि जल्द ही न चेते तो प्रदूषण के मामले में झांसी की हालत भी देश के अन्य महानगरों जैसी हो जाएगी।
कचरा जलाना अपराध
कचरा जलाना अपराध है। इसमें दस हजार रुपये तक जुर्माने और एफआईआर तक का प्रावधान है। शहर में वायु प्रदूषण को रुकवाना नगर निगम का काम है। इसके लिए हमारा विभाग लगातार नगर निगम को पत्र भी लिखता है। नगर निगम को कूड़ा फेंकने के स्थानों की संख्या बढ़ानी चाहिए, ताकि कूड़े को जलाने की नौबत ही न पड़े। विकास भवन में आठ जनवरी को पर्यावरण संबंधी बैठक होने वाली है, जिसमें इस समस्या के निदान पर चर्चा होगी।
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- विजय कुमार मिश्र, क्षेत्रीय अधिकारी - प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
दस हजार जुर्माना वसूला
सड़क पर कचरा जलाना अपराध है। यदि कोई सफाई कर्मी कचरा जलाता है और उसकी शिकायत मिलती है तो एक दिन का वेतन काट दिया जाता है। बीते रोज चित्रा चौराहा के पास एक प्राइवेट बीमा कंपनी के कार्यालय के बाहर पालीथिन व प्लास्टिक कचरा जल रहा था। शिकायत पर कंपनी से दस हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। किसी को भी प्लास्टिक और पालीथिन सड़क के किनारे जलाने की अनुमति नहीं है।
- डा. राकेश बाबू, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
बंद पड़ा है प्रोसेसिंग प्लांट
कचरे के निस्तारण के लिए 2010 में जवाहर लाल नेहरू अर्बन रूरल मिशन योजना के अंतर्गत सैयर रोड बिजौली के औद्योगिक क्षेत्र में 25.50 एकड़ भूमि में झांसी नगरीय ठोस अपशिष्ट प्लांट का निर्माण हुआ था। मगर, ठेेकेदार के काम छोड़ देने से प्लांट बंद पड़ा है। वर्तमान में शहर के कचरे को मैला की टौरिया, कल्लन शाह की खंती और अन्य खुले स्थानों पर डंप किया जा रहा है।
शहर में रोजाना दो सौ से ढाई सौ टन कचरा निकलता है। इसमें लगभग चालीस प्रतिशत प्लास्टिक कचरा होता है। इसके निस्तारण के लिए नगर निगम ने दो डंपिंग जोन बनाए हैं। शहर के अलग-अलग स्थानों से कचरा उठाकर डंपिंग जोन तक पहुंचाने की व्यवस्था है। लेकिन, इसका पूरी तरह से पालन नहीं हो रहा है। कई स्थानों पर कचरे को उठाने की जगह उसमें आग लगा दी जाती है। इसके अलावा डपिंग जोन में भी कचरे में आग लगा दी जाती है। इसकी तस्दीक डंपिंग जोन मैला की टोरिया पर की जा सकती है, जहां अक्सर धुआं निकलता नजर आता है। कचरे में शामिल प्लास्टिक जलने की वजह से सल्फर डाई आक्साइड, नाइट्रोजन आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड और कार्बन डाई आक्साइड गैस निकलती हैं, जो हवा में आसानी से घुल जाती हैं। इससे शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स सामान्य स्तर 100 से बढ़कर 110 पर पहुंच गया है। इससे आंख, त्वचा और फेंफड़ों के रोग की संभावना बढ़ जाती है। हालात संकेत दे रहे हैं कि यदि जल्द ही न चेते तो प्रदूषण के मामले में झांसी की हालत भी देश के अन्य महानगरों जैसी हो जाएगी।
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कचरा जलाना अपराध
कचरा जलाना अपराध है। इसमें दस हजार रुपये तक जुर्माने और एफआईआर तक का प्रावधान है। शहर में वायु प्रदूषण को रुकवाना नगर निगम का काम है। इसके लिए हमारा विभाग लगातार नगर निगम को पत्र भी लिखता है। नगर निगम को कूड़ा फेंकने के स्थानों की संख्या बढ़ानी चाहिए, ताकि कूड़े को जलाने की नौबत ही न पड़े। विकास भवन में आठ जनवरी को पर्यावरण संबंधी बैठक होने वाली है, जिसमें इस समस्या के निदान पर चर्चा होगी।
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- विजय कुमार मिश्र, क्षेत्रीय अधिकारी - प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
दस हजार जुर्माना वसूला
सड़क पर कचरा जलाना अपराध है। यदि कोई सफाई कर्मी कचरा जलाता है और उसकी शिकायत मिलती है तो एक दिन का वेतन काट दिया जाता है। बीते रोज चित्रा चौराहा के पास एक प्राइवेट बीमा कंपनी के कार्यालय के बाहर पालीथिन व प्लास्टिक कचरा जल रहा था। शिकायत पर कंपनी से दस हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। किसी को भी प्लास्टिक और पालीथिन सड़क के किनारे जलाने की अनुमति नहीं है।
- डा. राकेश बाबू, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
बंद पड़ा है प्रोसेसिंग प्लांट
कचरे के निस्तारण के लिए 2010 में जवाहर लाल नेहरू अर्बन रूरल मिशन योजना के अंतर्गत सैयर रोड बिजौली के औद्योगिक क्षेत्र में 25.50 एकड़ भूमि में झांसी नगरीय ठोस अपशिष्ट प्लांट का निर्माण हुआ था। मगर, ठेेकेदार के काम छोड़ देने से प्लांट बंद पड़ा है। वर्तमान में शहर के कचरे को मैला की टौरिया, कल्लन शाह की खंती और अन्य खुले स्थानों पर डंप किया जा रहा है।