फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Lab opens soon in agrigulture university jhansi

झांसी: कृषि तकनीक विकास की दिशा में बढ़े विश्वविद्यालय के कदम

Thu, 27 Jun 2019 01:36 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Thu, 27 Jun 2019 01:36 AM IST
विज्ञापन
Lab opens soon in agrigulture university jhansi
विश्वविद्यालय में जल्द ही आधुनिक उपकरणों से लैस सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी लैब शुरू होगी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social Media

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय ने कृषि तकनीक विकास की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। विश्वविद्यालय में जल्द ही आधुनिक उपकरणों से लैस सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी लैब शुरू हो जाएगी। इसके बाद छात्र-छात्राएं यहां पर शोध कार्य कर सकेंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को मॉडल विलेज तैयार करने की दिशा में प्रशिक्षित कर रहा है। ताकि, भविष्य में इसका फायदा छात्र-छात्राओं के अलावा किसानों को भी हो।

विज्ञापन


मौजूदा समय में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी हॉर्टीकल्चर, बीएससी फॉरेस्ट्री और परास्नातक स्तर पर एमएससी एग्रोफॉरेस्टी, एमएससी प्लांट पैथोलॉजी, एमएससी जेनेटिक्स एंड प्लांट फीडिंग परास्नातक के कोर्स चल रहे हैं। इसी सत्र से परास्नातक स्तर पर सॉयल साइंस, इंटेमोलॉजी, वेजिटेबल साइंस और फ्रूट साइंस, सिल्विकल्चर एंड एग्रोफॉरेस्ट्री कोर्स शुरू होने हैं।विश्वविद्यालय में चल रहे नए और आधुनिक कोर्स शुरू होने का सीधा फायदा छात्र-छात्राओं को मिल रहा है।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध और कृषि तकनीक विकास को बढ़ावा दे रहा है। इसके लिए सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी लैब बनकर तैयार हो गई है। छह महीने में लैब शुरू हो जाएगी। लैब में आधुनिक उपकरण होंगे। यहां पर भूजल, मिट्टी आदि की गुणवत्ता की जांच की जा सकेगी। पोषक तत्व समेत जो कमियां मिलेंगी, उनको दूर किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, विश्वविद्यालय ने केंद्र सरकार के अलावा फंडिंग एजेंसी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार के लिए प्रस्ताव भेजे हैं। इनमें से कुछ को जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। वहीं, यूनिवर्सिटी छात्र-छात्राओं को जल प्रबंधन, बीज उत्पादन आदि सिखाकर मॉडल विलेज तैयार करने की दिशा में भी प्रशिक्षित कर रहा है।

उद्यमी तैयार करने के लिए कार्यक्रम शुरू

कृषि विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के अलावा युवा उद्यमी तैयार करने के लिए कार्यक्रम भी शुरू कर दिया है। रूरल एंटरप्रेन्योर्स एंड एवेयरनेस डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत स्टूडेंट रेडी प्रोग्राम शुरू किया गया है। इसके तहत उद्यमी तैयार किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत बीज उत्पादन का प्रशिक्षण और पौध के प्रचार-प्रसार से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बढ़ गईं कोर्सों की सीटें

कृषि विश्वविद्यालय में स्नातक कोर्सों की सीटें बढ़ गई हैं। अब बीएससी एग्रीकल्चर में 40 की जगह 60 और बीएससी हॉर्टीकल्चर और बीएससी फॉरेस्टी में 20-20 की जगह 30-30 सीटों पर छात्र-छात्राएं प्रवेश ले सकेंगे।

विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को शोध आधारित शिक्षा देने की योजना है। जब तक छात्र-छात्राएं प्रैक्टिकल नहीं करेंगे, तब तक सीख नहीं पाएंगे। इसके लिए सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी लैब मददगार साबित होगी, जो छह माह में शुरू हो जाएगी। वहीं, स्टूडेंट रेडी प्रोग्राम युवा उद्यमी तैयार करने में मददगार साबित हो रहा है। ऐसे में युवा जॉब सीकर (नौकरी खोजने वाले) की जगह जॉब प्रोवाइडर बनेंगे।


इसी सत्र से नए कोर्स शुरू होने से भी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने में काफी मदद मिलेगी। - डॉ. अरविंद कुमार, कुलपति, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed