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Jhansi News: कृषि छात्रों ने सीखी बागवानी की तकनीक
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झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कृषि संकाय के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने इंदिरा कृषि फार्म, अंबाबाय में व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया। यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण 15 से 17 सितंबर तक आयोजित किया गया था। इसमें विद्यार्थियों ने पौधरोपण से लेकर फलोत्पादन तक की बारीकियां सीखीं।
प्रशिक्षण फार्म प्रभारी विनोद कुमार तिवारी के निर्देशन में हुआ। कुल 10 विद्यार्थियों ने इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्हें विभिन्न फलदार फसलों की वास्तविक परिस्थितियों में तकनीक और प्रबंधन समझाया गया। ड्रैगन फ्रूट, मौसमी, अमरूद, चीकू, आंवला और एलोवेरा जैसी फसलों की विस्तृत जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों ने पौधों के चयन और उनके रोपण की प्रक्रिया का अध्ययन किया। उन्होंने पौधों के विकास, देखभाल और सिंचाई के तरीकों को भी समझा। पोषण प्रबंधन और फल आने तक की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक अध्ययन किया गया। फार्म पर मौजूद फसलों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने यह भी समझा कि अलग-अलग फसलों के लिए किस प्रकार की कृषि तकनीक और प्रबंधन जरूरी होता है। यह प्रशिक्षण कृषि के व्यावहारिक पक्ष को बेहतर ढंग से समझने में सहायक रहा।
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प्रशिक्षण का उद्देश्य
फार्म प्रभारी विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि विद्यार्थियों को फसलों की पूरी उत्पादन प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव कराना मुख्य उद्देश्य था। उन्होंने जोर दिया कि पौधरोपण से लेकर फलोत्पादन तक की तकनीकों को खेत पर समझाना महत्वपूर्ण है। इससे विद्यार्थियों को कृषि के व्यावहारिक पक्ष की बेहतर जानकारी मिलती है। यह प्रशिक्षण उन्हें भविष्य में कृषि क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। वास्तविक परिस्थितियों में सीखने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा।
अध्ययन की प्रमुख फसलें
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण फलदार फसलों के बारे में विस्तार से बताया गया। इनमें ड्रैगन फ्रूट, मौसमी, अमरूद और चीकू जैसी फसलें शामिल थीं। आंवला और एलोवेरा की खेती की बारीकियां भी सिखाई गईं। विद्यार्थियों ने इन फसलों के लिए आवश्यक कृषि तकनीक और प्रबंधन को प्रत्यक्ष रूप से देखा। उन्होंने विभिन्न फसलों के लिए उपयुक्त देखभाल और पोषण विधियों को समझा।
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प्रशिक्षण फार्म प्रभारी विनोद कुमार तिवारी के निर्देशन में हुआ। कुल 10 विद्यार्थियों ने इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्हें विभिन्न फलदार फसलों की वास्तविक परिस्थितियों में तकनीक और प्रबंधन समझाया गया। ड्रैगन फ्रूट, मौसमी, अमरूद, चीकू, आंवला और एलोवेरा जैसी फसलों की विस्तृत जानकारी दी गई।
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विद्यार्थियों ने पौधों के चयन और उनके रोपण की प्रक्रिया का अध्ययन किया। उन्होंने पौधों के विकास, देखभाल और सिंचाई के तरीकों को भी समझा। पोषण प्रबंधन और फल आने तक की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक अध्ययन किया गया। फार्म पर मौजूद फसलों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने यह भी समझा कि अलग-अलग फसलों के लिए किस प्रकार की कृषि तकनीक और प्रबंधन जरूरी होता है। यह प्रशिक्षण कृषि के व्यावहारिक पक्ष को बेहतर ढंग से समझने में सहायक रहा।
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प्रशिक्षण का उद्देश्य
फार्म प्रभारी विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि विद्यार्थियों को फसलों की पूरी उत्पादन प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव कराना मुख्य उद्देश्य था। उन्होंने जोर दिया कि पौधरोपण से लेकर फलोत्पादन तक की तकनीकों को खेत पर समझाना महत्वपूर्ण है। इससे विद्यार्थियों को कृषि के व्यावहारिक पक्ष की बेहतर जानकारी मिलती है। यह प्रशिक्षण उन्हें भविष्य में कृषि क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। वास्तविक परिस्थितियों में सीखने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा।
अध्ययन की प्रमुख फसलें
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण फलदार फसलों के बारे में विस्तार से बताया गया। इनमें ड्रैगन फ्रूट, मौसमी, अमरूद और चीकू जैसी फसलें शामिल थीं। आंवला और एलोवेरा की खेती की बारीकियां भी सिखाई गईं। विद्यार्थियों ने इन फसलों के लिए आवश्यक कृषि तकनीक और प्रबंधन को प्रत्यक्ष रूप से देखा। उन्होंने विभिन्न फसलों के लिए उपयुक्त देखभाल और पोषण विधियों को समझा।