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फिर जगमग होंगे रानी की गौरव गाथा को समेटे महानगर के नौ एतिहासिक गेट
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झांसी। शहर की एतिहासिक धरोहर और रानी लक्ष्मीबाई की गौरव गाथा को समेटे जर्जर हो चुके महानगर के नौ गेटों का कायाकल्प शुरू हो चुका है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत साढ़े पांच करोड़ की लागत से गेटों को सुधारा जाएगा। जून 2023 तक यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद सभी गेट पहले की तरह जगमग दिखेंगे। यहां कैमरे लगाने की योजना भी है।
झांसी की महारानी लक्ष्मीबाई के शासन काल में इन गेटों को किले का सुरक्षा कवच माना जाता था। लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीतता गया। गेटों की हालत काफी जर्जर होने लगी थी। स्थिति यह हो गई थी कि गेटों के नीचे से निकलने में भी लोग डरने लगे थे। सबसे अधिक खतरा बारिश के दिनों में होता था। बारिश और नमी के कारण गेटों पर लगे बड़े-बडे़ खंडे गिरने लगे थे। जिससे कई बार लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। सालों से गेटों की जीर्णोद्धार की मांग की जा रही थी। मांग पर अमल करते हुए नगर निगम द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन से जीर्णोद्धार की योजना को तैयार किया गया था। जिसके तहत साढ़े पांच करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कराया जा रहा है। कई गेटों को बनाने का काम भी शुरू हो चुका है।
मरम्मत के साथ ही गेटों को आधुनिक लाइटों से रोशन किया जाएगा। नियमित निगरानी के लिए गेटों के दोनों और कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों का संचालन नगर निगम स्थित इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से किया जाएगा। गेटों पर हरियाली के लिए पौधों को लगाया जाएगा। नगर आयुक्त पुलकित गर्ग ने बताया कि महानगर के जर्जर गेटों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। जीर्णोद्धार पर साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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इन गेटों का होगा जीर्णोंद्धार
दतिया गेट, चांद दरवाजा, लक्ष्मी दरवाजा, ओरछा गेट, सैंयर गेट, झरना गेट, बड़ागांव गेट, भांडेरी गेट, उनाव गेट
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झांसी की महारानी लक्ष्मीबाई के शासन काल में इन गेटों को किले का सुरक्षा कवच माना जाता था। लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीतता गया। गेटों की हालत काफी जर्जर होने लगी थी। स्थिति यह हो गई थी कि गेटों के नीचे से निकलने में भी लोग डरने लगे थे। सबसे अधिक खतरा बारिश के दिनों में होता था। बारिश और नमी के कारण गेटों पर लगे बड़े-बडे़ खंडे गिरने लगे थे। जिससे कई बार लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। सालों से गेटों की जीर्णोद्धार की मांग की जा रही थी। मांग पर अमल करते हुए नगर निगम द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन से जीर्णोद्धार की योजना को तैयार किया गया था। जिसके तहत साढ़े पांच करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कराया जा रहा है। कई गेटों को बनाने का काम भी शुरू हो चुका है।
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मरम्मत के साथ ही गेटों को आधुनिक लाइटों से रोशन किया जाएगा। नियमित निगरानी के लिए गेटों के दोनों और कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों का संचालन नगर निगम स्थित इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से किया जाएगा। गेटों पर हरियाली के लिए पौधों को लगाया जाएगा। नगर आयुक्त पुलकित गर्ग ने बताया कि महानगर के जर्जर गेटों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। जीर्णोद्धार पर साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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इन गेटों का होगा जीर्णोंद्धार
दतिया गेट, चांद दरवाजा, लक्ष्मी दरवाजा, ओरछा गेट, सैंयर गेट, झरना गेट, बड़ागांव गेट, भांडेरी गेट, उनाव गेट