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Jhansi News: सात साल बाद दूर हुई एरच बांध निर्माण की बाधा, नई कंपनी को मिलेगा जिम्मा
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। एरच बांध के निर्माण की राह में आई रुकावट सात साल बाद अब जाकर दूर हो सकी। यहां दोबारा से निर्माण आरंभ करने की इजाजत शासन से मिल गई है। सिंचाई विभाग के अफसर बांध की पुनरीक्षित लागत का आकलन करने में जुट गए हैं। उनके मुताबिक अगले माह यह रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। नए सिरे से इसके कार्यों का टेंडर कराया जाएगा। नई कंपनी को काम पूरा करने का जिम्मा दिया जाएगा।
पारीछा से 40 किलोमीटर दूर एरच के जुझार गांव में एरच बांध परियोजना (2015) शुरू की गई थी। बांध परियोजना की शुरुआती लागत 600 करोड़ आंकी गई थी। यहां 62 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी स्टोर किया जाना है। 29 एमसीएम पीने का पानी, जबकि 9.50 एमसीएम सिंचाई में इस्तेमाल होना है। शेष पानी डिफेंस कॉरिडोर एवं हर घर जल योजना के लिए सुरक्षित रखना है। वर्ष 2018 तक प्रोजेक्ट पर 401 करोड़ खर्च कर दिए गए, लेकिन इसी बीच डिजाइन समेत पत्थर निकालने के दौरान वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे। निर्माण रोक दिया गया। जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई। इसके बाद से यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।
पिछले साल जल जीवन मिशन के लिए पानी की जरूरत होने पर सरकार ने इस प्रोजेक्ट को दोबारा आरंभ करने की कवायद शुरू की। आईटीआई से भौतिक परीक्षण कराने के बाद यह रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।
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Iप्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही पुनरीक्षित लागत रिपोर्ट भी शासन को भेज दी जाएगी।
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Iराजेश मिश्रा
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Iमुख्य अभियंता (परियोजना)I
आठ लाख से अधिक लोगों को मिलेगा फायदा
एरच बांध परियोजना के जरिये जल जीवन मिशन के तहत जुझारपुरा जल परियोजना से आठ लाख लोगों को पीने का पानी मिल सकेगा। इसके साथ ही एरच स्थित डिफेंस कॉरिडोर को भी इसके जरिये पानी दिया जाएगा। इसके साथ गरौठा के सूखाग्रस्त इलाके में सिंचाई का पानी भी दिया जाना है।
झांसी। एरच बांध के निर्माण की राह में आई रुकावट सात साल बाद अब जाकर दूर हो सकी। यहां दोबारा से निर्माण आरंभ करने की इजाजत शासन से मिल गई है। सिंचाई विभाग के अफसर बांध की पुनरीक्षित लागत का आकलन करने में जुट गए हैं। उनके मुताबिक अगले माह यह रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। नए सिरे से इसके कार्यों का टेंडर कराया जाएगा। नई कंपनी को काम पूरा करने का जिम्मा दिया जाएगा।
पारीछा से 40 किलोमीटर दूर एरच के जुझार गांव में एरच बांध परियोजना (2015) शुरू की गई थी। बांध परियोजना की शुरुआती लागत 600 करोड़ आंकी गई थी। यहां 62 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी स्टोर किया जाना है। 29 एमसीएम पीने का पानी, जबकि 9.50 एमसीएम सिंचाई में इस्तेमाल होना है। शेष पानी डिफेंस कॉरिडोर एवं हर घर जल योजना के लिए सुरक्षित रखना है। वर्ष 2018 तक प्रोजेक्ट पर 401 करोड़ खर्च कर दिए गए, लेकिन इसी बीच डिजाइन समेत पत्थर निकालने के दौरान वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे। निर्माण रोक दिया गया। जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई। इसके बाद से यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।
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पिछले साल जल जीवन मिशन के लिए पानी की जरूरत होने पर सरकार ने इस प्रोजेक्ट को दोबारा आरंभ करने की कवायद शुरू की। आईटीआई से भौतिक परीक्षण कराने के बाद यह रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।
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Iप्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही पुनरीक्षित लागत रिपोर्ट भी शासन को भेज दी जाएगी।
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Iराजेश मिश्रा
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Iमुख्य अभियंता (परियोजना)I
आठ लाख से अधिक लोगों को मिलेगा फायदा
एरच बांध परियोजना के जरिये जल जीवन मिशन के तहत जुझारपुरा जल परियोजना से आठ लाख लोगों को पीने का पानी मिल सकेगा। इसके साथ ही एरच स्थित डिफेंस कॉरिडोर को भी इसके जरिये पानी दिया जाएगा। इसके साथ गरौठा के सूखाग्रस्त इलाके में सिंचाई का पानी भी दिया जाना है।