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उद्घाटन के बाद भी चल रहा करोड़ों का काम

Sat, 27 Feb 2016 01:11 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Sat, 27 Feb 2016 01:11 AM IST
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After opening up the work of millions
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में नवनिर्मित परीक्षा भवन का उद्घाटन पूर्व कुलपति कर गए, इसके बावजूद इसमें निर्माण कार्य जारी है। इतना ही नहीं, इसमें निर्माण के नाम पर विश्वविद्यालय ने करोड़ों रुपये कार्यदायी संस्था के लिए जारी कर दिए गए हैं। वर्तमान कुलपति का कहना है कि इन रुपयों से कार्यदायी संस्था परिसर में चल रहे अन्य कार्यों को भी संपादित कराएगी।
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गौरतलब है कि पूर्व कुलपति अवनीश चंद्र पांडेय ने अपने कार्यकाल में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में एक नया परीक्षा भवन बनाए जाने की स्वीकृति दी। इसके निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को टेंडर मिला। निर्माण कार्य की शुरूआत तो लगभग 37 करोड़ रुपयों से की गई थी, मगर इसका बजट काम पूरा होते-होते 70 करोड़ तक पहुंच गया।
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70 करोड़ रुपये खर्च कर कार्यदायी संस्था ने इस भव्य परीक्षा भवन को चार मंजिला बनाकर तैयार कर दिया। इस परीक्षा भवन में 14 विशाल हॉल बनाए गए हैं। साथ ही अन्य सुविधाएं भी हैं। गौरतलब है कि जब किसी भवन का निर्माण कार्य पूरा हो जाता है, प्राय: तभी उसका उद्घाटन किया जाता है।
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निर्माण कार्य पूरा होने का दावा करके कार्यदायी संस्था ने इसे विश्वविद्यालय को हस्तांतरित कर दिया। पूर्व कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने भी पूरे ताम-झाम के साथ इसका उद्घाटन 7 नवंबर 2015 को करा दिया।

उल्लेखनीय बात यह है कि उद्घाटन के बाद भी परीक्षा भवन में निर्माण कार्य जारी है। निर्माण कार्य के लिए विश्वविद्यालय अभी भी पैसा जारी कर रहा है। लगभग एक सप्ताह पूर्व ही कार्यदायी संस्था के नाम पर विभिन्न मदों में निर्माण कार्य कराने के लिए पांच करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

यदि परीक्षा भवन निर्मित हो चुका था और उसे विश्वविद्यालय को हस्तांतरित कर दिया गया था तो फिर अब उसमें निर्माण कार्य क्याें हो रहा है? यदि निर्माण कार्य अधूरा था तो क्या जल्दबाजी थी उद्घाटन की। जो कार्य शुरूआत में लगभग 37 करोड़ से हो रहा था, उसका बजट अंतत: 70 करोड़ तक पहुंच गया?


इस संबंध में कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे का कहना है कि परीक्षा भवन में कुछ छुटपुट काम शेष रह गए थे, उनको किया जा रहा है। जो पांच करोड़ रुपया कार्यदायी संस्था को जारी किया गया है, उससे अन्य कार्यों को भी अंजाम दिया जाएगा। कार्यदायी संस्था द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में कुछ और भी काम कराए जा रहे हैं। इन रुपयों का उपयोग उनमें निर्माण के लिए भी कराया जाएगा।
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