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जांच पड़ताल के बाद ही मिलेगा माइग्रेशन
झांसी / ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2015 12:32 AM IST
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दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर समेत कई मामलों के फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद बुंदेलखंड विश्वविद्यालय नेे माइग्रेशन अथवा प्रोवीजनल सर्टिफिकेट जारी करने को लेकर समयसीमा निर्धारित कर दी है। अब आवेदन के दिवस पर विद्यार्थियों को माइग्रेशन/ प्रोवीजनल सर्टिफिकेट जारी नहीं किए जाएंगे। जांच पड़ताल कर पुख्ता होने के बाद अगले दिन छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव अखिलेश चंद्र ने इन दोनों प्रमाण पत्रों को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। कुलसचिव के मुताबिक जो छात्र-छात्राएं माइग्रेशन/ प्रोवीजनल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन पत्र अथवा फार्म अपराह्न तीन बजे तक जमा करेंगे, उनको समस्त प्रकार के परीक्षणोपरांत प्रमाण पत्र अगले दिवस जारी किए जाएंगे। वहीं, जो विद्यार्थी अपराह्न तीन बजे के बाद आवेदन पत्र या फार्म जमा करेंगे, उनको जमा करने की दिन से दो दिवस के उपरांत प्रोवीजनल अथवा माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। हालांकि, सुरक्षा कारणों के चलते बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने यह कदम उठाया है लेकिन दूर दराज के जनपदों से आने वाले छात्रों को परेशानी का समाना करना पड़ेगा। समान दिवस पर प्रमाणपत्र नहीं मिल पाने से या तो उन्हें जनपद में ही एक रात रुकना पड़ेगा या फिर अगले दिन विश्वविद्यालय की ओर दौड़ लगानी पड़ेगी।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव अखिलेश चंद्र ने इन दोनों प्रमाण पत्रों को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। कुलसचिव के मुताबिक जो छात्र-छात्राएं माइग्रेशन/ प्रोवीजनल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन पत्र अथवा फार्म अपराह्न तीन बजे तक जमा करेंगे, उनको समस्त प्रकार के परीक्षणोपरांत प्रमाण पत्र अगले दिवस जारी किए जाएंगे। वहीं, जो विद्यार्थी अपराह्न तीन बजे के बाद आवेदन पत्र या फार्म जमा करेंगे, उनको जमा करने की दिन से दो दिवस के उपरांत प्रोवीजनल अथवा माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। हालांकि, सुरक्षा कारणों के चलते बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने यह कदम उठाया है लेकिन दूर दराज के जनपदों से आने वाले छात्रों को परेशानी का समाना करना पड़ेगा। समान दिवस पर प्रमाणपत्र नहीं मिल पाने से या तो उन्हें जनपद में ही एक रात रुकना पड़ेगा या फिर अगले दिन विश्वविद्यालय की ओर दौड़ लगानी पड़ेगी।
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