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Jhansi News: खुरपका-मुंहपका टीकाकरण की रफ्तार सुस्त, 14 दिन में महज दस फीसदी टीकाकरण

Thu, 06 Aug 2026 02:37 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Thu, 06 Aug 2026 02:37 AM IST
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After a dispute with his wife, the young man committed suicide by swallowing poison.
झांसी। खुरपका एवं मुंहपका (एफएमडी) जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी से दुधारू पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। गत 22 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान के 14 दिन बीत जाने के बावजूद 3.76 लाख के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले महज 10 फीसदी मवेशियों का ही टीकाकरण हो सका है। टीकाकरण की सबसे सुस्त प्रगति मऊरानीपुर और टहरौली तहसील क्षेत्रों में दर्ज की गई है।
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पशुपालन विभाग चार सितंबर तक जिले के सभी दुधारू पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने का लक्ष्य लेकर यह अभियान चला रहा है। विभागीय टीमें गांव-गांव पहुंचकर पशुपालकों के मवेशियों को टीके लगा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक लक्ष्य का मात्र 10 प्रतिशत हिस्सा ही पूरा हो पाया है। विशेषज्ञों के अनुसार, खुरपका और मुंहपका बीमारी पशुओं के मुंह और खुरों में गहरे घाव कर देती है, इससे उन्हें खाने-पीने में भारी परेशानी होती है और उनके दुग्ध उत्पादन में भी भारी गिरावट आ जाती है। इस बीमारी से बचाव के लिए पशुओं को साल में दो बार टीका लगाया जाना अनिवार्य है, लेकिन लचर कार्यशैली के कारण अभियान की प्रगति काफी धीमी चल रही है।
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लक्ष्य के अनुरूप विभाग के पास टीकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और अतिरिक्त टीकों की मांग भी भेज दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन तहसीलों में टीकाकरण की प्रगति धीमी है, वहां अब विशेष टीमें लगाकर अभियान को और तेज किया जाएगा।
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डॉ. एस.के. सिंह
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

इनसेट
तहसीलवार टीकाकरण
झांसी – 17,138
मोंठ – 10,151
गरौठा – 5,359
टहरौली – 3,524
मऊरानीपुर – 1,898
इनसेट
टीका लगवाने से पहले बरतें सावधानी
केवल पूरी तरह स्वस्थ पशु को ही टीका लगवाएं।
टीकाकरण से दो-तीन सप्ताह पहले कृमि नाशक दवा अवश्य दें।
गर्भधारण की अंतिम अवस्था वाले पशुओं को टीका लगाने से बचें।
टीकाकरण के बाद पशु को पर्याप्त आराम और पौष्टिक आहार दें।
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