फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   After 34 years, Jhansi's son gets martyr status: ITBP Director General hands over certificate to mother

34 साल बाद झांसी के सपूत को शहीद का दर्जा: नई दिल्ली में आईटीबीपी महानिदेशक ने मां को सौंपा प्रमाण पत्र

Sat, 01 Nov 2025 11:27 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Sat, 01 Nov 2025 11:27 AM IST
सार

सीपरी बाजार के ब्रह्मनगर कॉलोनी निवासी उप सेनानायक अनूप श्रीवास्तव को उनकी शहादत के 34 साल बाद इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने औपचारिक रूप से शहीद का दर्जा प्रदान दिया।

विज्ञापन
After 34 years, Jhansi's son gets martyr status: ITBP Director General hands over certificate to mother
झांसी के सपूत अनूप श्रीवास्तव की मां नई दिल्ली में आईटीबीपी अफसरों के साथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीपरी बाजार के ब्रह्मनगर कॉलोनी निवासी उप सेनानायक अनूप श्रीवास्तव को उनकी शहादत के 34 साल बाद इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने औपचारिक रूप से शहीद का दर्जा प्रदान दिया।
विज्ञापन


शुक्रवार को यह सम्मान नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में आयोजित एक समारोह के दौरान उनकी मां को दिया गया। आईटीबीपी महानिदेशक प्रवीण कुमार एवं आईजी निर्भय सिंह ने शहीद अनूप की मां को प्रमाण पत्र वा मोमेंटो भेंटकर सम्मानित किया। उनके भाई एवं जर्मनी अस्पताल में मेडिसिन विभाग के डा. अनुराग श्रीवास्तव ने इस पल को परिवार के साथ झांसी निवासियों के लिए गौरव पूर्व बताया।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि अनूप आईटीबीटी के सातवीं वाहनी में तैनात थे। 20 सितंबर 1991 को वह हिमाचल प्रदेश के नामगिया में अग्र पंक्ति की गश्त ड्यूटी कर रहे थे। उसी दौरान अचानक हिम स्खलन होने से वह उसकी चपेट में आकर शहीद हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed