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30 घंटे बाद चालू हाे सकी गल्लामंडी की बिजली
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झांसी। शहर की एक लाख से अधिक आबादी को बिजली कटौती का ‘अत्याचार’ मंगलवार को भी भुगतना पड़ा। मंगलवार की सुबह गुस्साए लोगों ने लक्ष्मी गेट पर हंगामा कर एक घंटे से अधिक वक्त तक जाम लगाए रखा। पुलिस के समझाने पर लोगों ने जाम खोला। सोमवार सुबह नौ बजे गुल हुई गल्लामंडी सबस्टेशन की बिजली मंगलवार दोपहर तीन बजे सुचारू हो सकी। हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन से आई पुरानी लाइन को दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति की गई। चार दिन से बार-बार कटौती से परेशान लोगों ने आखिरकार राहत की सांस ली।
बड़ागांव के दुनारा में स्थित ट्रांसमिशन सबस्टेशन से आने वाली हाइटेंशन लाइन में फाल्ट आने के कारण शहर के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों की बिजली चार दिन से परेशान कर रही थी। सोमवार की सुबह नौ बजे गई बिजली रात भर गुल रही। लोगों को रात काटना मुश्किल हो गया। सबसे अधिक वृद्ध व बच्चे परेशान रहे। मच्छरों ने परेशानी को दोगुना कर रखा था। वहीं, बिजली अधिकारी व कर्मचारी रात भर आपूर्ति को सामान्य बनाने के प्रयास में लगे रहे, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इधर, बिजली न आने आक्रोशित लोगों ने लक्ष्मी गेट पर जाम लगा दिया। वे सब बिजली विभाग के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। काफी समझाने के बाद लोग मौके से हटने को तैयार हुए। जाम के कारण एक घंटे तक वाहन चालकों को बदले रास्ते से गुजरना पड़ा, जिससे वह परेशान रहे। गल्लामंडी सबस्टेशन पर भी लोग बिजली आने का पता करने के लिए चक्कर लगाते रहे।
इधर, बिजली विभाग को जब दुनारा से आने वाली हाइटेंशन लाइन को चालू करने में सफलता नहीं मिली तो उन्होंने हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन से आने वाली पुरानी लाइन को चालू करने में अपनी ताकत झोंक दी। पुरानी लाइन का रखरखाव न होने के कारण उसका बुरा हाल हो चुका था। हंसारी सबस्टेशन पर मौजूद मुख्य अभियंता वितरण मनोज कुमार पाठक, अधीक्षण अभियंता राकेश वार्ष्णेय, अधिशासी अभियंता राकेश सिंह की देखरेख में उपखंड अधिकारी मुकेश चौरसिया, नितिन सिंघल, अवर अभियंता पीएम कुशवाहा व अन्य टीम काम करती रही। लाइन में आठ इंसुलेटर खराब व 19 जगह पेड़ की डालियों को काटा गया। तब कहीं जाकर लाइन चालू किया जा सका। दोपहर पौने तीन बजे लाइन को चालू कर संबंधित क्षेत्रों की आपूर्ति को सामान्य बना दिया।
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मालूम हो कि बारिश के दौरान 21 सितंबर की रात 8.30 बजे उक्त हाइटेंशन लाइन में फाल्ट आने के कारण 22 सितंबर की सुबह नौ बजे बिजली को चालू किया जा सका था। छह घंटे बाद ही दोबारा लाइन में फाल्ट आ गया। कई बार लाइन की पेट्रोलिंग की गई लेकिन फाल्ट नहीं मिला। फिर कानपुर चुंगी के निकट अंडर ग्राउंड केबल को चेक किया गया तो उसके अंदर नमी पायी गई। नमी के कारण ही करंट आगे नहीं बढ़ पा रहा था। बाद में दूसरी केबल डालकर रात तीन बजे बिजली चालू की गई। मगर, 23 सितंबर की सुबह फिर बिजली चली गई।
रातभर काम करने के बाद हंसारी से आने वाली पुरानी हाईटेेंशन लाइन को चालू करने में सफलता मिल सकी। दुनारा से आने वाली लाइन को भी दुरुस्त किया जा रहा है। इस लाइन में दो जगह केबल बक्सा फटा है। अब दोनों लाइनों को दुरुस्त रखा जाएगा, ताकि एक में फाल्ट आने पर दूसरी से तुरंत आपूर्ति को सामान्य बनाया जा सका।
राकेश वार्ष्णेय, अधीक्षण अभियंता (महानगर)।
यह भी जानिए
दुनारा से गल्लामंडी तक 21 किलोमीटर की हाइटेंशन लाइन डाली गई है। जब से दुनारा से गल्लामंडी को जोड़ा गया है, संबंधित क्षेत्र के लोग बिजली के लिए लगातार परेशान रहे हैं। दरअसल, हंसारी से गल्लामंडी आने वाली हाइटेंशन लाइन 10 किलोमीटर की दूरी तय करकर आती थी, जबकि दुनारा से यह दूरी 21 किलोमीटर है। यह लाइन हाइवे के किनारे होकर आई है। कई जगह अंडर ग्राउंड (जमीन के अंदर से) भी है। बारिश में अंडर ग्राउंड लाइन में पानी भरने पर फाल्ट आने शुरू हो जाते हैं। इतना ही नहीं दिगारा के पास स्थित क्रशर क्षेत्र से भी यह लाइन गुजर कर आती है। क्रशर क्षेत्र में होने वाली ब्लास्टिंग से भी फाल्ट होते रहते हैं।
इन क्षेत्रों को मिली राहत
गल्ला मंडी सबस्टेशन से गोलाकुआं, बड़ाबाजार, घासमंडी, लक्ष्मीगेट, तिलयानी बजरिया, बंगलाघाट, अंदर बड़ागांव गेट, गुदरी, डरू भौंडेला, पुरानी पसरट, ओम शंाति नगर, सागर गेट, कैलाश रेजीडेंसी, अजय इनक्लेव, गल्ला मंडी रोड, मदकखाना, कपूर टेकरी, कसाई मंडी, तालपुरा, खुशीपुरा, बाहर ओरछा गेट और आसपास के क्षेत्र जुड़े हैं। बिजली आने पर इन क्षेत्र के लोगों को राहत मिल गई।
जेई पर गिर सकती है गाज
विभाग का मानना है कि संबंधित सबस्टेशन के अवर अभियंता को पुरानी लाइन को दुरुस्त रखना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बिजली न आने के कारण सभी अधिकारी परेशान रहे। शिकायत है कि जेई बिजली जाने पर किसी का फोन भी नहीं उठाते। इन स्थितियों के कारण विभाग अब जेई के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बना रहा है।
फोटो
बिजली न रहने से चार दिन तक नल से पानी नहीं आया। हैंडपंप से पानी लाना पड़ा। बेहद परेशानी उठानी पड़ी। पूरा परिवार परेशान रहा।
विशाल यादव, लक्ष्मी गेट।
फोटो
मैं ऑनलाइन काम करता हूं। प्रतिदिन कई विद्यार्थी फार्म डाउनलोड कराने आते हैं। मगर, बिजली के कारण सब काम ठप पड़े रहे।
प्रभात झा, लक्ष्मी गेट।
बिजली विभाग को फाल्ट सुधारने में चार दिन लग गए। यह व्यवस्था विभाग की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है।
हर्ष कुमार, बंगलाघाट।
फोटो
बिजली विभाग अगर पहले से ही हंसारी की पुरानी लाइन को दुरुस्त रखता तो शायद लोगों को यह परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
अभिषेक साहू, गोलाकुआं।
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बड़ागांव के दुनारा में स्थित ट्रांसमिशन सबस्टेशन से आने वाली हाइटेंशन लाइन में फाल्ट आने के कारण शहर के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों की बिजली चार दिन से परेशान कर रही थी। सोमवार की सुबह नौ बजे गई बिजली रात भर गुल रही। लोगों को रात काटना मुश्किल हो गया। सबसे अधिक वृद्ध व बच्चे परेशान रहे। मच्छरों ने परेशानी को दोगुना कर रखा था। वहीं, बिजली अधिकारी व कर्मचारी रात भर आपूर्ति को सामान्य बनाने के प्रयास में लगे रहे, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इधर, बिजली न आने आक्रोशित लोगों ने लक्ष्मी गेट पर जाम लगा दिया। वे सब बिजली विभाग के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। काफी समझाने के बाद लोग मौके से हटने को तैयार हुए। जाम के कारण एक घंटे तक वाहन चालकों को बदले रास्ते से गुजरना पड़ा, जिससे वह परेशान रहे। गल्लामंडी सबस्टेशन पर भी लोग बिजली आने का पता करने के लिए चक्कर लगाते रहे।
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इधर, बिजली विभाग को जब दुनारा से आने वाली हाइटेंशन लाइन को चालू करने में सफलता नहीं मिली तो उन्होंने हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन से आने वाली पुरानी लाइन को चालू करने में अपनी ताकत झोंक दी। पुरानी लाइन का रखरखाव न होने के कारण उसका बुरा हाल हो चुका था। हंसारी सबस्टेशन पर मौजूद मुख्य अभियंता वितरण मनोज कुमार पाठक, अधीक्षण अभियंता राकेश वार्ष्णेय, अधिशासी अभियंता राकेश सिंह की देखरेख में उपखंड अधिकारी मुकेश चौरसिया, नितिन सिंघल, अवर अभियंता पीएम कुशवाहा व अन्य टीम काम करती रही। लाइन में आठ इंसुलेटर खराब व 19 जगह पेड़ की डालियों को काटा गया। तब कहीं जाकर लाइन चालू किया जा सका। दोपहर पौने तीन बजे लाइन को चालू कर संबंधित क्षेत्रों की आपूर्ति को सामान्य बना दिया।
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रातभर काम करने के बाद हंसारी से आने वाली पुरानी हाईटेेंशन लाइन को चालू करने में सफलता मिल सकी। दुनारा से आने वाली लाइन को भी दुरुस्त किया जा रहा है। इस लाइन में दो जगह केबल बक्सा फटा है। अब दोनों लाइनों को दुरुस्त रखा जाएगा, ताकि एक में फाल्ट आने पर दूसरी से तुरंत आपूर्ति को सामान्य बनाया जा सका।
राकेश वार्ष्णेय, अधीक्षण अभियंता (महानगर)।
यह भी जानिए
दुनारा से गल्लामंडी तक 21 किलोमीटर की हाइटेंशन लाइन डाली गई है। जब से दुनारा से गल्लामंडी को जोड़ा गया है, संबंधित क्षेत्र के लोग बिजली के लिए लगातार परेशान रहे हैं। दरअसल, हंसारी से गल्लामंडी आने वाली हाइटेंशन लाइन 10 किलोमीटर की दूरी तय करकर आती थी, जबकि दुनारा से यह दूरी 21 किलोमीटर है। यह लाइन हाइवे के किनारे होकर आई है। कई जगह अंडर ग्राउंड (जमीन के अंदर से) भी है। बारिश में अंडर ग्राउंड लाइन में पानी भरने पर फाल्ट आने शुरू हो जाते हैं। इतना ही नहीं दिगारा के पास स्थित क्रशर क्षेत्र से भी यह लाइन गुजर कर आती है। क्रशर क्षेत्र में होने वाली ब्लास्टिंग से भी फाल्ट होते रहते हैं।
इन क्षेत्रों को मिली राहत
गल्ला मंडी सबस्टेशन से गोलाकुआं, बड़ाबाजार, घासमंडी, लक्ष्मीगेट, तिलयानी बजरिया, बंगलाघाट, अंदर बड़ागांव गेट, गुदरी, डरू भौंडेला, पुरानी पसरट, ओम शंाति नगर, सागर गेट, कैलाश रेजीडेंसी, अजय इनक्लेव, गल्ला मंडी रोड, मदकखाना, कपूर टेकरी, कसाई मंडी, तालपुरा, खुशीपुरा, बाहर ओरछा गेट और आसपास के क्षेत्र जुड़े हैं। बिजली आने पर इन क्षेत्र के लोगों को राहत मिल गई।
जेई पर गिर सकती है गाज
विभाग का मानना है कि संबंधित सबस्टेशन के अवर अभियंता को पुरानी लाइन को दुरुस्त रखना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बिजली न आने के कारण सभी अधिकारी परेशान रहे। शिकायत है कि जेई बिजली जाने पर किसी का फोन भी नहीं उठाते। इन स्थितियों के कारण विभाग अब जेई के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बना रहा है।
फोटो
बिजली न रहने से चार दिन तक नल से पानी नहीं आया। हैंडपंप से पानी लाना पड़ा। बेहद परेशानी उठानी पड़ी। पूरा परिवार परेशान रहा।
विशाल यादव, लक्ष्मी गेट।
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मैं ऑनलाइन काम करता हूं। प्रतिदिन कई विद्यार्थी फार्म डाउनलोड कराने आते हैं। मगर, बिजली के कारण सब काम ठप पड़े रहे।
प्रभात झा, लक्ष्मी गेट।
बिजली विभाग को फाल्ट सुधारने में चार दिन लग गए। यह व्यवस्था विभाग की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है।
हर्ष कुमार, बंगलाघाट।
फोटो
बिजली विभाग अगर पहले से ही हंसारी की पुरानी लाइन को दुरुस्त रखता तो शायद लोगों को यह परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
अभिषेक साहू, गोलाकुआं।