झांसी। मृतक आश्रित कोटे में गलत तरीके से नौकरी हथियाने के मामले में नगर निगम के एक सफाई कर्मचारी को 23 साल बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। पिछले माह भी दो सफाई कर्मियों की सेवाएं खत्म की जा चुकीं। इस तरह के कुल 27 मामलों की जांच की जा रही थी।
कुछ माह पहले नगर निगम के 27 सफाई कर्मियों के ऐसे मामले सामने आए, जिनमें इन कर्मियों ने माता-पिता में किसी एक के नौकरी में होने के बाद भी सफाई कर्मी की नौकरी हासिल कर ली। इन मामलों के सामने आने पर नगर आयुक्त अवनीश कुमार ने कमेटी बनाकर इसकी जांच शुरू करा दी। शिकायत मिलने पर कुछ समय पहले दो सफाईकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया। शुक्रवार को ओमकार के खिलाफ भी शिकायत सही पाते हुए नगर आयुक्त ने सेवा समाप्त करने संबंधी आदेश जारी कर दिए। नगर आयुक्त की ओर से जारी आदेश के मुताबिक ओमकार को मृतक कोटे में 20 जनवरी 1999 को नौकरी मिली थी। यह नौकरी उसके पिता काशीराम की मौत के बाद दी गई लेकिन, उस समय ओमकार ने अपनी मां सुशीला के सरकारी सेवा में होने की बात छुपा ली जबकि मृतक आश्रित नियमावली-1999 का यह उल्लंघन था। जांच में इसकी पुष्टि होने पर नगर आयुक्त ने ओमकार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी। नगर आयुक्त अवनीश राय के मुताबिक इस मामले में अन्य कर्मचारियों की जांच चल रही है। शिकायत सही मिलने पर कार्रवाई होगी।