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थाने पहुंची किशोरी बोली, खेत में मिला शव मेरे बच्चे का है

Sat, 05 Sep 2020 12:36 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2020 12:36 AM IST
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झांसी। पहले नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और जब वो गर्भवती हो गई तो गर्भपात करा दिया। नाबालिग मुंह न खोले, इसकी दुष्कर्मी ने पूरी कोशिश की, आखिरकार पांच महीने बाद दिल का दर्द जुबां पर आ ही गया। यहां बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के उनाव की, जहां पांच दिन पहले एक खेत में लगभग पांच महीने का बच्चा मिला था, जिससे इलाके में सनसनी मच गई थी। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी थी, लेकिन हकीकत तक नहीं पहुंच पा रही थी। आखिरकार पीड़िता खुद सामने आ गई और उसने सच्चाई पुलिस को बता दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इस घटना से क्षेत्र में कोहराम की स्थिति है।
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थाना उनाव क्षेत्र के एक गांव में पांच दिन पहले एक नवजात का शव मिला था। इससे क्षेत्र में सनसनी मच गई थी। जानकारी होने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी थी। लेकिन, चार - पांच दिन तक चली जांच में पुलिस किसी अंजाम तक नहीं पहुंच पा रही थी। हालांकि, शुरुआत से ये जरूर माना जा रहा था कि नवजात गांव की ही किसी महिला का है। इसी दरम्यान एक किशोरी पुलिस के सामने आई। उसने बताया कि गत 10 अप्रैल की शाम तकरीबन छह बजे गांव काविवेक कुशवाहा उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। इससे उसका गर्भ ठहर गया था। किशोरी ने कई बार ये बात विवेक को बताई। लेकिन, लोकलाज के भय से अन्य किसी को ये जानकारी नहीं दे पा रही थी। पेट भी नजर आने लगा था। अब छुपाना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में विवेक ने उसे दवा लाकर दी, जिसके खाने से गर्भपात हो गया और बच्चे को खेत में फेंक दिया। पुलिस ने किशोरी के बयान के आधार पर आरोपी विवेक कुशवाहा के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर हैै। गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
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दवा देने वाला भी पुलिस के रडार पर
किशोरी ने बताया कि कभी किसी डाक्टर के पास नहीं गई। विवेक ने उसे जो दवा दे दी, उसने वो खा ली, इससे गर्भपात हो गया। ऐसे में अब पुलिस के रडार पर दवा देने वाला चिकित्सक या फार्मासिस्ट भी आ गया है। बगैर मरीज को देखे चिकित्सक दवा नहीं लिख सकता है और बगैर चिकित्सक की सलाह के फार्मासिस्ट दवा नहीं दे सकता है। हालांकि, विवेक को ये दवा कहां से मिली, ये उसके पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद ही पता चलेगा।
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चुप्पी गुनहगार को देती है बढ़ावा
दुष्कर्म के मामले में पीड़िता की चुप्पी गुनहगार को बढ़ावा देने का काम करती है। जबकि, ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले का कानून के शिकंजे में फंसना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए कानून में कड़े प्रावधान किए गए हैं। इतना ही नहीं, पीड़िता की पहचान भी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है। साथ ही, मुकदमे की पैरवी के लिए सरकार की ओर से सहायता भी दी जाती है।
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