{"_id":"668241ef9ff46a7db3024bbf","slug":"a-soldier-molested-a-girl-in-a-train-no-action-was-taken-from-gwalior-to-jhansi-2024-07-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चलती ट्रेन में शर्मनाक कांड: 150 किमी तक मेमो-मेमो खेलता रहा रेलवे, सेकंड एसी कोच में डरी सहमी रही युवती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चलती ट्रेन में शर्मनाक कांड: 150 किमी तक मेमो-मेमो खेलता रहा रेलवे, सेकंड एसी कोच में डरी सहमी रही युवती
Mon, 01 Jul 2024 11:31 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 01 Jul 2024 11:31 AM IST
सार
जीटी एक्सप्रेस ट्रेन से शर्मनाक खबर सामने आई है। सैन्यकर्मी पर युवती से छेड़खानी करने का आरोप है। ग्वालियर से झांसी तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप है। युवती सेकंड एसी कोच में भी डरी सहमी बैठी रही। आरोपी युवती को गंदे इशारे करता रहा।
विज्ञापन
molestation
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ट्रेनों में सुरक्षित यात्रा के रेलवे के दावे थोथे हैं। शनिवार को जीटी एक्सप्रेस से जा रही युवती से एसी कोच ए-1 में एक सैन्यकर्मी ने छेड़खानी की। रास्ते भर उसे गंदे इशारे करता रहा। कंट्रोल रूम में शिकायत भी की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंत में महिला अपनी यात्रा पूरी कर झांसी में उतर गई।
जीटी एक्सप्रेस ग्वालियर स्टेशन पहुंचने वाली थी कि इसके सेकेंड एसी कोच ए-1 में सीट नंबर 47 पर सवार दिल्ली से झांसी जा रही युवती के सामने की सीट पर बैठा एक सैन्यकर्मी उससे छेड़खानी करने लगा।
युवती ने इसकी शिकायत ट्रेन में तैनात टीटीई डिप्टी सीटीआई एसके शर्मा से की तो उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचना देकर सुरक्षा कर्मियों को ग्वालियर स्टेशन भेजने को कहा। ट्रेन रात 9.43 बजे ग्वालियर पहुंची। यहां सुरक्षा बल ने टीटीई से घटना का मेमो मांगा, लेकिन टीटीई ने इसे देने से इन्कार कर दिया।
विज्ञापन
सुरक्षा बल कार्रवाई किए बिना ही लौट गया। रेलवे की यह स्थिति देख सैन्यकर्मी आगे भी गंदी हरकतें करता रहा। ट्रेन जब रात 11.37 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पहुंची तो यहां एमसीओ (सेना पुलिस), आरपीएफ और जीआरपी पीड़ित युवती के पास पहुंची लेकिन, यहां भी टीटीई ने मेमो नहीं दिया। इस कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। बाद में एमसीओ ने सैन्यकर्मी को ट्रेन से उतार लिया।
विज्ञापन
जीटी एक्सप्रेस ग्वालियर स्टेशन पहुंचने वाली थी कि इसके सेकेंड एसी कोच ए-1 में सीट नंबर 47 पर सवार दिल्ली से झांसी जा रही युवती के सामने की सीट पर बैठा एक सैन्यकर्मी उससे छेड़खानी करने लगा।
विज्ञापन
युवती ने इसकी शिकायत ट्रेन में तैनात टीटीई डिप्टी सीटीआई एसके शर्मा से की तो उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचना देकर सुरक्षा कर्मियों को ग्वालियर स्टेशन भेजने को कहा। ट्रेन रात 9.43 बजे ग्वालियर पहुंची। यहां सुरक्षा बल ने टीटीई से घटना का मेमो मांगा, लेकिन टीटीई ने इसे देने से इन्कार कर दिया।
विज्ञापन
सुरक्षा बल कार्रवाई किए बिना ही लौट गया। रेलवे की यह स्थिति देख सैन्यकर्मी आगे भी गंदी हरकतें करता रहा। ट्रेन जब रात 11.37 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पहुंची तो यहां एमसीओ (सेना पुलिस), आरपीएफ और जीआरपी पीड़ित युवती के पास पहुंची लेकिन, यहां भी टीटीई ने मेमो नहीं दिया। इस कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। बाद में एमसीओ ने सैन्यकर्मी को ट्रेन से उतार लिया।
150 किमी तक सहमी रही युवती, रेलवे मेमो-मेमो खेलता रहा
रेलवे में सुरक्षित सफर के दावे पर युवती से छेड़खानी की घटना सवालिया निशान है। युवती की शिकायत के बाद भी टीटीई और आरपीएफ मेमो-मेमो खेलते रहे। ग्वालियर से लेकर झांसी तक युवती 135 मिनट तक डरी-सहमी सफर करती रही। 150 किमी के इस सफर में बेखौफ सैन्यकर्मी गंदे इशारे करते रहा।
रेलवे में सुरक्षित सफर के दावे पर युवती से छेड़खानी की घटना सवालिया निशान है। युवती की शिकायत के बाद भी टीटीई और आरपीएफ मेमो-मेमो खेलते रहे। ग्वालियर से लेकर झांसी तक युवती 135 मिनट तक डरी-सहमी सफर करती रही। 150 किमी के इस सफर में बेखौफ सैन्यकर्मी गंदे इशारे करते रहा।
जीटी एक्सप्रेस से झांसी तक का सफर कर पहुंची युवती ने बताया कि कैसे सैन्यकर्मी ने उससे पूरे सवा दो घंटे और डेढ़ सौ किलोमीटर तक छेड़खानी की। युवती ने बताया कि सैन्यकर्मी ने मुरैना निकलते ही छेड़खानी शुरू कर दी, इससे वह बुरी तरह सहम गई। जब शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आरोपी के हौसले और बुलंद हो गए। इसके बाद वह झांसी तक अपनी हरकतें करता रहा।
युवती बोली... अकेले यात्रा करने में डरूंगी
इस घटना ने युवती को इतना डरा दिया कि वह अब अकेले सेकेंड एसी कोच में भी यात्रा करने में डरेगी। उसने बताया कि ट्रेन मुरैना से निकली तो इसके बाद शराब के नशे में धुत सैन्यकर्मी ने उससे छेड़खानी शुरू कर दी। उसने एक बार उसे नजरंदाज किया लेकिन, वह युवती पर फब्तियां कसने लगा।
इस घटना ने युवती को इतना डरा दिया कि वह अब अकेले सेकेंड एसी कोच में भी यात्रा करने में डरेगी। उसने बताया कि ट्रेन मुरैना से निकली तो इसके बाद शराब के नशे में धुत सैन्यकर्मी ने उससे छेड़खानी शुरू कर दी। उसने एक बार उसे नजरंदाज किया लेकिन, वह युवती पर फब्तियां कसने लगा।
ट्रेन ग्वालियर पहुंची तो यहां सुरक्षा बल के जवान भी आए और बिना कार्रवाई किए चले गए। इससे आरोपी के हौसले और बुलंद हो गए और वह झांसी आने तक युवती से छेड़खानी करता रहा। पूरी घटना का अंत भी यह हुआ कि झांसी में सुरक्षा बल आए और चले गए। यहां युवती भी अपनी यात्रा पूरी कर उतर गई। लेकिन, इस घटना ने महिला यात्री सुरक्षा के दावों की पोल भी खोल दी है।
मेमो नहीं है अनिवार्य
एनसीआएमयू के केंद्रीय उपाध्यक्ष और सीटीआई हुकुम सिंह ने बताया कि जीटी एक्सप्रेस की घटना में आरपीएफ और जीआरपी को टीटीई ने कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचित कर दिया था। इसके बाद उन्हें ही आगे की कार्रवाई करनी थी। इसके लिए मेमो का होना अनिवार्य नहीं है। कंट्रोल रूम को सूचना देना ही टीटीई की जिम्मेदारी है।
एनसीआएमयू के केंद्रीय उपाध्यक्ष और सीटीआई हुकुम सिंह ने बताया कि जीटी एक्सप्रेस की घटना में आरपीएफ और जीआरपी को टीटीई ने कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचित कर दिया था। इसके बाद उन्हें ही आगे की कार्रवाई करनी थी। इसके लिए मेमो का होना अनिवार्य नहीं है। कंट्रोल रूम को सूचना देना ही टीटीई की जिम्मेदारी है।
युवती ने सैन्यकर्मी द्वारा शराब के नशे में छेड़खानी की शिकायत की थी। मामला सेना से जुड़ा होने के चलते एमसीओ को बुलाया गया था। उन्होंने ही आगे की कार्रवाई की होगी। -मोहम्मद असलम, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ, झांसी।