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मातृ भाषा के बिना गूंगा कहलाता है राष्ट्र
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झांसी। कोई भी राष्ट्र अपनी भाषा के बिना गूंगा कहलाता है। चतुर्मुखी विकास के लिए मातृ भाषा में शिक्षा आवश्यक है। शुक्रवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- भारतीय एवं चारा अनुसंधान संस्थान मेें राजभाषा हिंदी पखवाड़े के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल ने कही।
उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर हिंदी प्रथम है। 260 विश्वविद्यालयों में हिंदी शिक्षण कार्य हो रहा है। 28 हजार संस्थाएं हिंदी के विकास के लिए अनवरत कार्य कर रही है। अध्यक्षता कर रहे डॉ. अजय कुमार राय ने कहा कि मातृ भाषा में ही भाव का बोध होता है। हिंदी की प्रगति के लिए कार्य क्षेत्र में समर्पण, लगाव व भाव होना चाहिए। इस मौके पर प्रारूप एवं टिप्पणी लेखन प्रतियोगिता में प्रथम डॉ. मनीत राणा, द्वितीय डॉ. गौरेंद्र गुप्ता व तृतीय डॉ. दीपक उपाध्याय, निबंध प्रतियोगिता में प्रथम डॉ. राजेश कुमार सिंघल, द्वितीय डॉ. प्रभा सिंह, तृतीय डॉ. विजय कुमार गुप्ता, शोध पत्र पोस्टर प्रदर्शन प्रतियोगिता में प्रथम डॉ. दीपक उपाध्याय, द्वितीय डॉ. आर श्रीनिवासन, तृतीय डॉ. इंदु व काव्य पाठ प्रतियोगिता में प्रथम डॉ. अमित कुमार पाटिल, द्वितीय चंद्रभूषण त्रिपाठी, तृतीय डॉ. प्रभा सिंह को पुरस्कृत किया गया। वार्षिक प्रोत्साहन योजना के तहत नकद पुरस्कार अजय कुमार गौर व रविंद्र सिंह नेगी को दिया गया। संचालन डॉ. सुनील कुमार व आभार नीरज कुमार दुबे ने व्यक्त किया।
इधर, छावनी परिषद कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम अंकुर तिवारी, द्वितीय करुण गुप्ता, तृतीय अशोक कुमार वर्दिया, हिंदी पत्र लेखन प्रतियोगिता में प्रथम शुभि गुप्ता, द्वितीय पुष्पेंद्र सिंह, तृतीय अभिलाषा व गीत पाठ प्रतियोगिता में प्रथम अर्चना जैन, द्वितीय मयंकमणि चतुर्वेदी व तृतीय मनीष रायजादा को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर मुख्य अधिशासी अधिकारी दीपक मोहन ने शत प्रतिशत कार्य हिंदी में करने पर बल दिया। संचालन मुरारी लाल व आभार त्रिलोक चंद्र कौशिक ने व्यक्त किया।
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उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर हिंदी प्रथम है। 260 विश्वविद्यालयों में हिंदी शिक्षण कार्य हो रहा है। 28 हजार संस्थाएं हिंदी के विकास के लिए अनवरत कार्य कर रही है। अध्यक्षता कर रहे डॉ. अजय कुमार राय ने कहा कि मातृ भाषा में ही भाव का बोध होता है। हिंदी की प्रगति के लिए कार्य क्षेत्र में समर्पण, लगाव व भाव होना चाहिए। इस मौके पर प्रारूप एवं टिप्पणी लेखन प्रतियोगिता में प्रथम डॉ. मनीत राणा, द्वितीय डॉ. गौरेंद्र गुप्ता व तृतीय डॉ. दीपक उपाध्याय, निबंध प्रतियोगिता में प्रथम डॉ. राजेश कुमार सिंघल, द्वितीय डॉ. प्रभा सिंह, तृतीय डॉ. विजय कुमार गुप्ता, शोध पत्र पोस्टर प्रदर्शन प्रतियोगिता में प्रथम डॉ. दीपक उपाध्याय, द्वितीय डॉ. आर श्रीनिवासन, तृतीय डॉ. इंदु व काव्य पाठ प्रतियोगिता में प्रथम डॉ. अमित कुमार पाटिल, द्वितीय चंद्रभूषण त्रिपाठी, तृतीय डॉ. प्रभा सिंह को पुरस्कृत किया गया। वार्षिक प्रोत्साहन योजना के तहत नकद पुरस्कार अजय कुमार गौर व रविंद्र सिंह नेगी को दिया गया। संचालन डॉ. सुनील कुमार व आभार नीरज कुमार दुबे ने व्यक्त किया।
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इधर, छावनी परिषद कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम अंकुर तिवारी, द्वितीय करुण गुप्ता, तृतीय अशोक कुमार वर्दिया, हिंदी पत्र लेखन प्रतियोगिता में प्रथम शुभि गुप्ता, द्वितीय पुष्पेंद्र सिंह, तृतीय अभिलाषा व गीत पाठ प्रतियोगिता में प्रथम अर्चना जैन, द्वितीय मयंकमणि चतुर्वेदी व तृतीय मनीष रायजादा को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर मुख्य अधिशासी अधिकारी दीपक मोहन ने शत प्रतिशत कार्य हिंदी में करने पर बल दिया। संचालन मुरारी लाल व आभार त्रिलोक चंद्र कौशिक ने व्यक्त किया।
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