{"_id":"24-52565","slug":"Jhansi-52565-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर में सरकारी दरों पर मिलेंगे मकान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर में सरकारी दरों पर मिलेंगे मकान
Jhansi
Updated Thu, 06 Nov 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। नगर निगम सीमा में अब जगह - जगह आवासीय परियोजनाएं विकसित होंगी, जिनमें लोगों को सरकारी दरों पर आवास हासिल हो सकेंगे। बुधवार को हुई नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को बहुमंजिली आवासीय भवनों के निर्माण के लिए नगर में अनेक स्थानों पर जमीन देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई। अन्य कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए।
नगर निगम के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता महापौर किरण राजू बुक सेलर ने की। बैठक में बहुमंजिली आवासीय परियोजनाएं विकसित करने के लिए नगर में अनेक स्थानों पर पड़े निगम के भूखंडों को उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को देने का प्रस्ताव रखा गया। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि निगम द्वारा जमीन की सर्किल रेट के अनुसार कीमत वसूल की जाएगी। साथ ही आवासीय परियोजनाओं का 10 से 15 फीसदी हिस्सा निगम के लिए आरक्षित रखने का प्रस्ताव भी आवास एवं विकास परिषद को दिया जाएगा। इससे लोगों को नगर के बीच सरकारी दरों पर आवास हासिल हो सकेंगे। इस प्रस्ताव को कार्यकारिणी द्वारा पारित कर दिया गया।
इस दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के लिए चार कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया गया। प्रत्येक कमेटी में तीन कार्यकारिणी सदस्य, क्षेत्रीय पार्षद व क्षेत्रीय अभियंता को शामिल किया जाएगा। यह कमेटियां निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट निगम को सौंपेंगी।
विज्ञापन
बैठक में विद्युत विभाग को 33 /11 केवी एवं 132 केवी के उपकेंद्रों के निर्माण के लिए नगर में जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी सहमति बन गई। हालांकि, शुरुआत में इसका पार्षदों ने विरोध किया। उनका कहना था कि विद्युत विभाग द्वारा चेकिंग के नाम जनता का परेशान किया जा रहा है। जहां व्यापक पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है, वहां विभाग जांच नहीं कर रहा है। उन क्षेत्रों में बिजली विभाग काम कर रहा है, जहां विद्युत चोरी कम है। लेकिन, नगर आयुक्त द्वारा इसे लोकहित में जरूरी बताए जाने पर कार्यकारिणी सदस्य मान गए।
बैठक में रिलायंस जिओ इंफोकॉम लिमिटेड कंपनी की चार करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जब्त करने का भी निर्णय लिया गया। बताया गया कि कंपनी के साथ नगर में फोर - जी केबल डालने का अनुबंध हुआ था। कंपनी ने केबल बिछाने के लिए व्यापक पैमाने पर रोड साइड की पटरी से एपेक्स उखाड़ दिए। शर्तों के अनुरूप उखाड़े गए एपेक्स फिर से सही तरीके से नहीं लगाए गए, जिससे उक्त फैसला लिया गया।
इस दौरान कार्यकारिणी ने विकास कार्यों के अन्य प्रस्तावों को भी हरी झंडी दिखाई, जबकि कुछ खारिज भी किए। इससे पूर्व बैठक की शुरुआत में कार्यकारिणी के नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत हुआ। इस मौके पर कार्यकारिणी सदस्य पार्षद अशोक पलया, गुलशन यादव, विकास सिंह (रिंटू), दिनेश प्रताप सिंह बंटी, लखन कुशवाहा, वीरेंद्र सिंह, राजबिहारी राय, पुष्पेंद्र यादव, भरत यादव व उदयभान समेत निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
यह प्रस्ताव हुए पास
-----------------
- वार्ड क्रमांक एक हंसारी में श्मशान घाट में शेड व बाउंड्री वॉल का निर्माण
- वार्ड क्रमांक 29 राजपूत नगर में इदरीश खान के मकान से इस्लामिया मदरसा तक नाली व एपेक्स फर्श निर्माण
- वार्ड क्रमांक 53 मसीहा गंज में छोटी माता मंदिर से मैला की टौरिया तक नाली व सड़क सुधार कार्य
- वार्ड क्रमांक 11 पठला हनुमान मंदिर पर पार्क निर्माण
- वार्ड क्रमांक 37 में राइन कब्रिस्तान के अंदर पक्के बरामदे का निर्माण
- वार्ड क्रमांक 37 बाहर उन्नाव गेट श्मशान घाट का विकास कार्य
- वार्ड क्रमांक 10 मैरी गांव में श्मशान घाट की बाउंड्री व नाला निर्माण
- वार्ड क्रमांक 52 सिविल लाइन में स्पीड हाउस से दुर्गा माता मंदिर हाइड्रिल कालोनी तक सड़क सुधार कार्य
- वार्ड क्रमांक 23 सिमराहा में बंजर भूमि पर श्मशान घाट का निर्माण
- वार्ड क्रमांक 47 में नजूल भूमि पर बेसिक प्राइमरी पाठशाला का निर्माण
- पारीछा से निकलने वाली फ्लाई ऐश के उपयोग के संबंध में बनाए जाएंगे नियम
यह प्रस्ताव हुए खारिज
-------------------
- निजी संस्था को पीपीपी मॉडल पर विकास के लिए जमीन देने का।
- बिजली विभाग के चेकिंग विजिलेंस स्टाफ की भांति नगर निगम का अतिक्रमण हटाने के लिए सुरक्षा दस्ता गठित करने का प्रस्ताव इस पर आने वाले भारी खर्च के चलते खारिज हुआ। जबकि, तय हुआ कि निगम द्वारा पूर्व में गठित अतिक्रमण दस्ता संपत्ति अधिकारी के साथ कार्रवाई में अनिवार्य रूप से साथ रहेगा।
- निजी संस्था द्वारा वृद्ध आश्रम व नारी निकेतन खोले जाने को जमीन मांगने का प्रस्ताव खारिज हुआ। इस पर कार्यकारिणी का तर्क था कि जब निगम स्वयं आश्रय स्थल बनाने जा रहा है, तो किसी संस्था को जमीन देने की जरूरत ही क्या है?
- एक संस्था को वाटर पार्क, प्ले ग्राउंड, बच्चों के गेम आदि विकसित करने को जमीन लीज पर देने के प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। संस्था द्वारा पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत करने के उपरांत विचार किया जाएगा।
निजी जमीन पर बना दिया घाट
झांसी। कार्यकारिणी की बैठक में सामने आया कि बिजौली तालाब के किनारे पक्के घाट का निर्माण एक व्यक्ति की निजी जमीन पर कर दिया गया है। इसके एवज में संबंधित व्यक्ति को बिजौली में अन्यत्र जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव कार्यकारिणी के समक्ष रखा गया। लेकिन, कार्यकारिणी ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उक्त व्यक्ति को निगम द्वारा जमीन घाट के आसपास ही उपलब्ध कराई जाए, न कि बिजौली के बीचों बीच। इस पर संपत्ति विभाग को जमीन खोजने के निर्देश दिए गए। वहीं, मौजा भगवंतपुरा में जमीन की अदला बदली के प्रस्ताव को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
सफाई कर्मियों की कार्यशैली पर उठे सवाल
झांसी। कार्यकारिणी की बैठक में पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय भवन में तैनात सफाई कर्मियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए। पार्षदों ने कहा कि सफाई कर्मी अपने काम को सही ढंग से अंजाम नहीं दे रहे हैं। यहां तक कि वह अपने तैनाती स्थल से भी गायब रहते हैं। इस पर नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि भवन की सफाई के लिए 12 सफाई कर्मी हैं। प्रत्येक तल पर तीन कर्मियों की तैनाती है। उन्होंने अधीनस्थों को निगम बिल्डिंग में तैनात सफाई कर्मियों की यूनिफार्म निर्धारित करने तथा परिचय पत्र देने के निर्देश दिए, ताकि उनकी गतिविधियों पर आसानी से नजर रखी जा सके।
विज्ञापन
नगर निगम के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता महापौर किरण राजू बुक सेलर ने की। बैठक में बहुमंजिली आवासीय परियोजनाएं विकसित करने के लिए नगर में अनेक स्थानों पर पड़े निगम के भूखंडों को उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को देने का प्रस्ताव रखा गया। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि निगम द्वारा जमीन की सर्किल रेट के अनुसार कीमत वसूल की जाएगी। साथ ही आवासीय परियोजनाओं का 10 से 15 फीसदी हिस्सा निगम के लिए आरक्षित रखने का प्रस्ताव भी आवास एवं विकास परिषद को दिया जाएगा। इससे लोगों को नगर के बीच सरकारी दरों पर आवास हासिल हो सकेंगे। इस प्रस्ताव को कार्यकारिणी द्वारा पारित कर दिया गया।
विज्ञापन
इस दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के लिए चार कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया गया। प्रत्येक कमेटी में तीन कार्यकारिणी सदस्य, क्षेत्रीय पार्षद व क्षेत्रीय अभियंता को शामिल किया जाएगा। यह कमेटियां निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट निगम को सौंपेंगी।
विज्ञापन
बैठक में विद्युत विभाग को 33 /11 केवी एवं 132 केवी के उपकेंद्रों के निर्माण के लिए नगर में जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी सहमति बन गई। हालांकि, शुरुआत में इसका पार्षदों ने विरोध किया। उनका कहना था कि विद्युत विभाग द्वारा चेकिंग के नाम जनता का परेशान किया जा रहा है। जहां व्यापक पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है, वहां विभाग जांच नहीं कर रहा है। उन क्षेत्रों में बिजली विभाग काम कर रहा है, जहां विद्युत चोरी कम है। लेकिन, नगर आयुक्त द्वारा इसे लोकहित में जरूरी बताए जाने पर कार्यकारिणी सदस्य मान गए।
बैठक में रिलायंस जिओ इंफोकॉम लिमिटेड कंपनी की चार करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जब्त करने का भी निर्णय लिया गया। बताया गया कि कंपनी के साथ नगर में फोर - जी केबल डालने का अनुबंध हुआ था। कंपनी ने केबल बिछाने के लिए व्यापक पैमाने पर रोड साइड की पटरी से एपेक्स उखाड़ दिए। शर्तों के अनुरूप उखाड़े गए एपेक्स फिर से सही तरीके से नहीं लगाए गए, जिससे उक्त फैसला लिया गया।
इस दौरान कार्यकारिणी ने विकास कार्यों के अन्य प्रस्तावों को भी हरी झंडी दिखाई, जबकि कुछ खारिज भी किए। इससे पूर्व बैठक की शुरुआत में कार्यकारिणी के नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत हुआ। इस मौके पर कार्यकारिणी सदस्य पार्षद अशोक पलया, गुलशन यादव, विकास सिंह (रिंटू), दिनेश प्रताप सिंह बंटी, लखन कुशवाहा, वीरेंद्र सिंह, राजबिहारी राय, पुष्पेंद्र यादव, भरत यादव व उदयभान समेत निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
यह प्रस्ताव हुए पास
-----------------
- वार्ड क्रमांक एक हंसारी में श्मशान घाट में शेड व बाउंड्री वॉल का निर्माण
- वार्ड क्रमांक 29 राजपूत नगर में इदरीश खान के मकान से इस्लामिया मदरसा तक नाली व एपेक्स फर्श निर्माण
- वार्ड क्रमांक 53 मसीहा गंज में छोटी माता मंदिर से मैला की टौरिया तक नाली व सड़क सुधार कार्य
- वार्ड क्रमांक 11 पठला हनुमान मंदिर पर पार्क निर्माण
- वार्ड क्रमांक 37 में राइन कब्रिस्तान के अंदर पक्के बरामदे का निर्माण
- वार्ड क्रमांक 37 बाहर उन्नाव गेट श्मशान घाट का विकास कार्य
- वार्ड क्रमांक 10 मैरी गांव में श्मशान घाट की बाउंड्री व नाला निर्माण
- वार्ड क्रमांक 52 सिविल लाइन में स्पीड हाउस से दुर्गा माता मंदिर हाइड्रिल कालोनी तक सड़क सुधार कार्य
- वार्ड क्रमांक 23 सिमराहा में बंजर भूमि पर श्मशान घाट का निर्माण
- वार्ड क्रमांक 47 में नजूल भूमि पर बेसिक प्राइमरी पाठशाला का निर्माण
- पारीछा से निकलने वाली फ्लाई ऐश के उपयोग के संबंध में बनाए जाएंगे नियम
यह प्रस्ताव हुए खारिज
-------------------
- निजी संस्था को पीपीपी मॉडल पर विकास के लिए जमीन देने का।
- बिजली विभाग के चेकिंग विजिलेंस स्टाफ की भांति नगर निगम का अतिक्रमण हटाने के लिए सुरक्षा दस्ता गठित करने का प्रस्ताव इस पर आने वाले भारी खर्च के चलते खारिज हुआ। जबकि, तय हुआ कि निगम द्वारा पूर्व में गठित अतिक्रमण दस्ता संपत्ति अधिकारी के साथ कार्रवाई में अनिवार्य रूप से साथ रहेगा।
- निजी संस्था द्वारा वृद्ध आश्रम व नारी निकेतन खोले जाने को जमीन मांगने का प्रस्ताव खारिज हुआ। इस पर कार्यकारिणी का तर्क था कि जब निगम स्वयं आश्रय स्थल बनाने जा रहा है, तो किसी संस्था को जमीन देने की जरूरत ही क्या है?
- एक संस्था को वाटर पार्क, प्ले ग्राउंड, बच्चों के गेम आदि विकसित करने को जमीन लीज पर देने के प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। संस्था द्वारा पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत करने के उपरांत विचार किया जाएगा।
निजी जमीन पर बना दिया घाट
झांसी। कार्यकारिणी की बैठक में सामने आया कि बिजौली तालाब के किनारे पक्के घाट का निर्माण एक व्यक्ति की निजी जमीन पर कर दिया गया है। इसके एवज में संबंधित व्यक्ति को बिजौली में अन्यत्र जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव कार्यकारिणी के समक्ष रखा गया। लेकिन, कार्यकारिणी ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उक्त व्यक्ति को निगम द्वारा जमीन घाट के आसपास ही उपलब्ध कराई जाए, न कि बिजौली के बीचों बीच। इस पर संपत्ति विभाग को जमीन खोजने के निर्देश दिए गए। वहीं, मौजा भगवंतपुरा में जमीन की अदला बदली के प्रस्ताव को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
सफाई कर्मियों की कार्यशैली पर उठे सवाल
झांसी। कार्यकारिणी की बैठक में पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय भवन में तैनात सफाई कर्मियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए। पार्षदों ने कहा कि सफाई कर्मी अपने काम को सही ढंग से अंजाम नहीं दे रहे हैं। यहां तक कि वह अपने तैनाती स्थल से भी गायब रहते हैं। इस पर नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि भवन की सफाई के लिए 12 सफाई कर्मी हैं। प्रत्येक तल पर तीन कर्मियों की तैनाती है। उन्होंने अधीनस्थों को निगम बिल्डिंग में तैनात सफाई कर्मियों की यूनिफार्म निर्धारित करने तथा परिचय पत्र देने के निर्देश दिए, ताकि उनकी गतिविधियों पर आसानी से नजर रखी जा सके।