{"_id":"24-47881","slug":"Jhansi-47881-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलभराव से जूझे नगरवासी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलभराव से जूझे नगरवासी
Jhansi
Updated Thu, 19 Jun 2014 05:32 AM IST
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झांसी। बुधवार को दो घंटे से अधिक समय तक बरसे पानी ने शहर के नालों और नालियों की सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। इस दौरान पूरे शहर में जलभराव हो गया, तमाम लोगों की दुकानों और मकानों में पानी भर गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। आनन - फानन में नाला सफाई अभियान की समीक्षा की गई। इस दौरान नगर निगम ने दावा किया कि नालियों और नालों की सफाई को लेकर कार्य तेजी से चल रहा है। हालांकि, सच्चाई इसके इतर रही।
बुधवार को सुबह सेे तेज धूप थी, लोग उमस से परेशान थे। आसमान साफ था, लेकिन धीरे- धीरे करीब तीन बजे बादल घिरने लगे और फिर बारिश शुरू हो गई। तेज पानी बरसने के कारण नालियां उफना गईं और ओवरफ्लो होने लगा। सड़क पर भी पानी भर गया। यातायात भी थम गया। नालियां कचरा भरा होने के कारण पानी की निकासी मेें असहाय नजर आईं। जहां कहीं नालियों की सफाई कर सिल्ट किनारे रखी गई थी, वह भी पानी में बह गई इससे स्थिति और खराब हो गई। पानी वाली धर्मशाला सड़क पर पानी के तेज बहाव के कारण लोग वहां से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए और पूरी सड़क पानी से भर गई। नरिया बाजार की स्थिति तो और भी खराब रही, यहां की पूरी सड़क पानी से भर गई और निकासी नहीं होने के कारण दुकानों में पानी भर गया, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ।
इलाइट चौराहा से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर एक शोरूम के बगल से निकले नाले पर अवैध कब्जा कर गेट लगा दिए जाने और जनरेटर रख दिए जाने के कारण पानी अवरुद्ध हो गया, जिससे पूरी सड़क और आसपास ढाबों में पानी भर गया। जबकि, महापौर ने निरीक्षण कर इस नाले को साफ करने के निर्देश दिए थे। पूर्व पार्षद शफीक मकरानी ने नगर आयुक्त से शिकायत की, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। दुकानों में पानी भरने से परेशान दुकानदारों ने अपने स्तर से किसी तरह पानी निकाला।
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उधर, सीपरी बाजार की स्थिति भी काफी खराब रही। रेलवे पुल के नीचे पानी भरने से आवागमन में बाधा पहुंची। बाबा धाम के पास चौराहे तक पानी भर गया। पठौरिया व मेंहदी बाग में तो स्थिति इतनी खराब रही कि मकानों में नाले का पानी भर गया और लोग दो से तीन घंटे तक परेशान रहे। यहां कुछ दिन पहले नगर निगम की टीम ने निरीक्षण किया था, उस समय नाला सफाई की समस्या आई थी, लेकिन उस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
उधर, झोकन बाग स्थित दुकानों में भी पानी भर गया। मेडिकल कालेज रोड पर स्थित हनुमान जी मंदिर के पास एक पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे एक साइड से आवागमन ठप पड़ गया। दूसरे ओर से वाहन निकाले गए, जिससे जाम के हालात बने। इस दौरान वाहन चालकों ने शिवाजी नगर होकर निकलने की कोशिश की तो वाहनों की रेलमपेल के कारण उक्त रोड पर भी जाम के हालात बन गए। शीतल कालोनी, बीकेडी, कुं जबिहारी कालोनी, पेंच मुहल्ला, दतिया गेट, बड़ागांव गेट बाहर, शिवाजी नगर समेत अन्य निचले स्थानों पर जलभराव की शिकायतें मिलीं।
उधर, बरसात के रुख को देखते हुए आनन- फानन में नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने जनकार्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को बुलाकर नाला सफाई अभियान की समीक्षा की। इस दौरान अफसरों ने बताया कि 119 छोटे नालों/ नालियों में से 74 साफ हो गए हैं, जबकि आधा दर्जन बड़े नालों में सफाई कार्य चल रहा है। उन्होंने सफाई कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
पानी- पानी हो गया नगर निगम
झांसी। बरसात ने नगर निगम को भी आईना दिखा दिया। पानी बरसने से सामने की तरफ गली जालियाें से पानी बरामदा में भर गया। वहीं, नगर आयुक्त कार्यालय की सीढ़ियों पर पानी बराबर आने से चारों ओर पानी भर गया। इससे विभागीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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बुधवार को सुबह सेे तेज धूप थी, लोग उमस से परेशान थे। आसमान साफ था, लेकिन धीरे- धीरे करीब तीन बजे बादल घिरने लगे और फिर बारिश शुरू हो गई। तेज पानी बरसने के कारण नालियां उफना गईं और ओवरफ्लो होने लगा। सड़क पर भी पानी भर गया। यातायात भी थम गया। नालियां कचरा भरा होने के कारण पानी की निकासी मेें असहाय नजर आईं। जहां कहीं नालियों की सफाई कर सिल्ट किनारे रखी गई थी, वह भी पानी में बह गई इससे स्थिति और खराब हो गई। पानी वाली धर्मशाला सड़क पर पानी के तेज बहाव के कारण लोग वहां से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए और पूरी सड़क पानी से भर गई। नरिया बाजार की स्थिति तो और भी खराब रही, यहां की पूरी सड़क पानी से भर गई और निकासी नहीं होने के कारण दुकानों में पानी भर गया, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ।
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इलाइट चौराहा से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर एक शोरूम के बगल से निकले नाले पर अवैध कब्जा कर गेट लगा दिए जाने और जनरेटर रख दिए जाने के कारण पानी अवरुद्ध हो गया, जिससे पूरी सड़क और आसपास ढाबों में पानी भर गया। जबकि, महापौर ने निरीक्षण कर इस नाले को साफ करने के निर्देश दिए थे। पूर्व पार्षद शफीक मकरानी ने नगर आयुक्त से शिकायत की, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। दुकानों में पानी भरने से परेशान दुकानदारों ने अपने स्तर से किसी तरह पानी निकाला।
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उधर, सीपरी बाजार की स्थिति भी काफी खराब रही। रेलवे पुल के नीचे पानी भरने से आवागमन में बाधा पहुंची। बाबा धाम के पास चौराहे तक पानी भर गया। पठौरिया व मेंहदी बाग में तो स्थिति इतनी खराब रही कि मकानों में नाले का पानी भर गया और लोग दो से तीन घंटे तक परेशान रहे। यहां कुछ दिन पहले नगर निगम की टीम ने निरीक्षण किया था, उस समय नाला सफाई की समस्या आई थी, लेकिन उस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
उधर, झोकन बाग स्थित दुकानों में भी पानी भर गया। मेडिकल कालेज रोड पर स्थित हनुमान जी मंदिर के पास एक पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे एक साइड से आवागमन ठप पड़ गया। दूसरे ओर से वाहन निकाले गए, जिससे जाम के हालात बने। इस दौरान वाहन चालकों ने शिवाजी नगर होकर निकलने की कोशिश की तो वाहनों की रेलमपेल के कारण उक्त रोड पर भी जाम के हालात बन गए। शीतल कालोनी, बीकेडी, कुं जबिहारी कालोनी, पेंच मुहल्ला, दतिया गेट, बड़ागांव गेट बाहर, शिवाजी नगर समेत अन्य निचले स्थानों पर जलभराव की शिकायतें मिलीं।
उधर, बरसात के रुख को देखते हुए आनन- फानन में नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने जनकार्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को बुलाकर नाला सफाई अभियान की समीक्षा की। इस दौरान अफसरों ने बताया कि 119 छोटे नालों/ नालियों में से 74 साफ हो गए हैं, जबकि आधा दर्जन बड़े नालों में सफाई कार्य चल रहा है। उन्होंने सफाई कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
पानी- पानी हो गया नगर निगम
झांसी। बरसात ने नगर निगम को भी आईना दिखा दिया। पानी बरसने से सामने की तरफ गली जालियाें से पानी बरामदा में भर गया। वहीं, नगर आयुक्त कार्यालय की सीढ़ियों पर पानी बराबर आने से चारों ओर पानी भर गया। इससे विभागीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।