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बुंविवि में भिड़े छात्रों के दो गुट
Jhansi
Updated Tue, 04 Feb 2014 02:52 PM IST
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान विभाग में शुक्रवार दोपहर प्रैक्टीकल के लिए लाइन में लगे छात्रों के दो गुटों में पंजे पर पैर रखे जाने पर विवाद हो गया। इनमें जमकर लात-घूंसे व डंडे चले, जिसमें कई छात्र चुटैल हो गए। विभागीय अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही हमलावर छात्र भाग गए। सूचना पुलिस को दी गई है।
विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान विभाग में शुक्रवार को बीएससी प्रथम वर्ष (एग्रीकल्चर) का प्रैक्टीकल था। इस वजह से विभाग में सैकड़ों छात्रों की भीड़ थी। शांतिपूर्वक प्रैक्टीकल कराने की मंशा से शिक्षकों ने छात्रों की लाइन लगवा दी। लाइन में अपना नंबर आने के इंतजार में शिवाजी नगर में किराए पर रहने वाले समथर के दो छात्र भी खड़े थे। तभी एक हास्टल में रहने वाला एक छात्र अपने दोस्तों के साथ वहां आया और समथर के एक छात्र के पंजे पर अपना पैर रख दिया। पैर रखने का विरोध करने पर हास्टल के छात्र ने गाली-गलौज कर दी, जिसका लाइन में लगे अन्य छात्रों ने एकजुट होकर विरोध किया। इस बीच हास्टल के छात्र ने फोन करके अपने साथियों को बुला लिया। कुछ देर बाद ही हाथों में लाठी-डंडे लेकर तमाम छात्र मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पैर रखने का विरोध करने वाले छात्रों को खींच कर पीटना शुरू कर दिया।
मारपीट होने पर प्रैक्टीकल के इंतजार में लाइन में खड़े अन्य छात्र-छात्राओं में भगदड़ मच गई। इस दौरान विभाग के शिक्षक दौड़कर मौके पर पहुंचे। उनके समझाने पर भी जब हास्टल के छात्र काबू में नहीं आए तो तुरंत विवि प्रशासन को सूचना दी गई। जब तक विवि के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचते तब तक हमलावर छात्र भाग निकले।
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इसके बाद पिटाई से चुटैल हुए छात्र विवि चौकी पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस से की। पुलिस चौकी प्रभारी ने बताया कि छात्रों ने मारपीट की शिकायत जरूर की थी, लेकिन विवि प्रशासन ने अपने स्तर से कार्रवाई का भरोसा दिया है, इस वजह से मामला दर्ज नहीं किया गया है। वहीं, कृषि विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष का कहना है कि विवाद के चलते प्रैक्टीकल रोक दिया गया था। झगड़ा शांत होने के बाद प्रैक्टीकल कराया गया।
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विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान विभाग में शुक्रवार को बीएससी प्रथम वर्ष (एग्रीकल्चर) का प्रैक्टीकल था। इस वजह से विभाग में सैकड़ों छात्रों की भीड़ थी। शांतिपूर्वक प्रैक्टीकल कराने की मंशा से शिक्षकों ने छात्रों की लाइन लगवा दी। लाइन में अपना नंबर आने के इंतजार में शिवाजी नगर में किराए पर रहने वाले समथर के दो छात्र भी खड़े थे। तभी एक हास्टल में रहने वाला एक छात्र अपने दोस्तों के साथ वहां आया और समथर के एक छात्र के पंजे पर अपना पैर रख दिया। पैर रखने का विरोध करने पर हास्टल के छात्र ने गाली-गलौज कर दी, जिसका लाइन में लगे अन्य छात्रों ने एकजुट होकर विरोध किया। इस बीच हास्टल के छात्र ने फोन करके अपने साथियों को बुला लिया। कुछ देर बाद ही हाथों में लाठी-डंडे लेकर तमाम छात्र मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पैर रखने का विरोध करने वाले छात्रों को खींच कर पीटना शुरू कर दिया।
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मारपीट होने पर प्रैक्टीकल के इंतजार में लाइन में खड़े अन्य छात्र-छात्राओं में भगदड़ मच गई। इस दौरान विभाग के शिक्षक दौड़कर मौके पर पहुंचे। उनके समझाने पर भी जब हास्टल के छात्र काबू में नहीं आए तो तुरंत विवि प्रशासन को सूचना दी गई। जब तक विवि के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचते तब तक हमलावर छात्र भाग निकले।
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इसके बाद पिटाई से चुटैल हुए छात्र विवि चौकी पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस से की। पुलिस चौकी प्रभारी ने बताया कि छात्रों ने मारपीट की शिकायत जरूर की थी, लेकिन विवि प्रशासन ने अपने स्तर से कार्रवाई का भरोसा दिया है, इस वजह से मामला दर्ज नहीं किया गया है। वहीं, कृषि विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष का कहना है कि विवाद के चलते प्रैक्टीकल रोक दिया गया था। झगड़ा शांत होने के बाद प्रैक्टीकल कराया गया।