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पात्रों को लाभ दिलाएंगे बचत अधिकारी
Jhansi
Updated Mon, 14 Oct 2013 05:41 AM IST
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झांसी। किसानों को फसल बीमा, बेरोजगारों को रोजगार ऋण आदि योजनाओं का लाभ दिलाने की जिम्मेदारी अब बचत अधिकारी की होगी। बचत अधिकारी शासन के विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजना के अंतर्गत पात्रों को लाभ दिलाएंगे।
प्रमुख सचिव आनंद मिश्र ने राष्ट्रीय बचत निदेशालय के अपर निदेशक को पत्र लिखकर जिला स्तर पर संस्थागत वित्त विभाग से संबंधित कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बचत विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों (अपर जिला बचत अधिकारी/ जिला बचत अधिकारी/ सहायक निदेशक) को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित बीमा योजनाओं, बैंकिंग कार्य से संबंधित डीसीसी/ डीएलआरसी बैठकों में प्रतिभाग करने, बीमा दावों का निस्तारण के संबंध में प्रति माह प्रगति आख्या भेजने के निर्देश दिए हैं। विदित हो कि इससे पूर्व यह जिम्मेदारी अर्थ एवं संख्या विभाग के पास थी।
यह योजनाएं आएंगी दायरे में
झांसी। संस्थागत वित्त के अंतर्गत बैंकिंग कार्य एवं बीमा सर्वहित से जुड़ी विभिन्न प्रकार की ऋण योजनाएं (प्रधानमंत्री रोजगार योजना, मुख्यमंत्री रोजगार योजना आदि), गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम, उद्यमिता विकास, लाभार्थीपरक बैंकिंग योजनाएं, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, कृषक दुर्घटना बीमा योजना, कृषि विकास, कृषक रक्षा, कृषि संरक्षण, शहरी रोजगार, ग्रामीण रोजगार आदि योजनाओं को शामिल किया गया है।
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‘संस्थागत वित्त के अंतर्गत बीमा सर्वहित एवं बैंकिंग कार्य में सबसे महत्वपूर्ण है, पात्रों को निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत लाभ दिलाना। शासन की मंशा के अनुरूप लोगों को लाभान्वित करने का प्रयास किया जाएगा।’
- नीरज मिश्रा, अपर जिला बचत अधिकारी
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प्रमुख सचिव आनंद मिश्र ने राष्ट्रीय बचत निदेशालय के अपर निदेशक को पत्र लिखकर जिला स्तर पर संस्थागत वित्त विभाग से संबंधित कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बचत विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों (अपर जिला बचत अधिकारी/ जिला बचत अधिकारी/ सहायक निदेशक) को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित बीमा योजनाओं, बैंकिंग कार्य से संबंधित डीसीसी/ डीएलआरसी बैठकों में प्रतिभाग करने, बीमा दावों का निस्तारण के संबंध में प्रति माह प्रगति आख्या भेजने के निर्देश दिए हैं। विदित हो कि इससे पूर्व यह जिम्मेदारी अर्थ एवं संख्या विभाग के पास थी।
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यह योजनाएं आएंगी दायरे में
झांसी। संस्थागत वित्त के अंतर्गत बैंकिंग कार्य एवं बीमा सर्वहित से जुड़ी विभिन्न प्रकार की ऋण योजनाएं (प्रधानमंत्री रोजगार योजना, मुख्यमंत्री रोजगार योजना आदि), गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम, उद्यमिता विकास, लाभार्थीपरक बैंकिंग योजनाएं, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, कृषक दुर्घटना बीमा योजना, कृषि विकास, कृषक रक्षा, कृषि संरक्षण, शहरी रोजगार, ग्रामीण रोजगार आदि योजनाओं को शामिल किया गया है।
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‘संस्थागत वित्त के अंतर्गत बीमा सर्वहित एवं बैंकिंग कार्य में सबसे महत्वपूर्ण है, पात्रों को निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत लाभ दिलाना। शासन की मंशा के अनुरूप लोगों को लाभान्वित करने का प्रयास किया जाएगा।’
- नीरज मिश्रा, अपर जिला बचत अधिकारी