फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   90 riders will be save if they use helmet

181 दिन में दुर्घटना में 121 की मौत, हेलमेट पहना होता तो बच जातीं 90 की जान

Mon, 26 Jul 2021 12:48 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jul 2021 12:48 AM IST
विज्ञापन
90 riders will be save if they use helmet
90 riders will be save if they use helmet
181 दिन में दुर्घटना में 121 की मौत, हेलमेट पहना होता तो बच जातीं 90 की जान
विज्ञापन

झांसी। जिले में पिछले 181 दिनों के भीतर हुईं सड़क दुर्घटनाओं में 121 लोग असमय मौत के मुंह में समा चुके हैं। मरने वालों में सबसे ज्यादा संख्या दुपहिया वाहन चालक व सवारों की है। यदि हेलमेट पहना होता तो मरने वालों में से 90 की जान बच सकती थी। सिर की गंभीर चोट उनकी मौत की वजह बनी।
वर्तमान में छह लाख से अधिक वाहन जिले की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। गाड़ियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। लेकिन, इस हिसाब से न तो सड़कें चौड़ी हो रही हैं और न ही सड़क सुरक्षा के बंदोबस्त बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले छह महीनों में जिले में 248 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 128 लोग घायल हुए, जबकि 121 को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। मरने वालों में सबसे ज्यादा संख्या दुपहिया वाहन सवारों की रही। इनमें से 90 की लापरवाही उनकी जान पर भारी पड़ गई। इन्होंने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। दुर्घटना के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से मौत के आगोश में समा गए।
विज्ञापन

दुर्घटनाओं के आंकड़े एक नजर में
----------------------------
माह दुर्घटना मौत घायल
जनवरी 42 17 24
फरवरी 41 21 21
मार्च 47 24 23
अप्रैल 31 19 12
मई 36 14 22
जून 51 26 26
---------------------------------------
योग - 248 121 128
ध्यान रखें, परिवार को है आपका इंतजार
झांसी। दुपहिया वाहन सवार हेलमेट अनिवार्य रूप से लगाएं, इसके लिए तमाम उपाय किए जा चुके हैं। पुलिस भी सख्ती करती है। बगैर हेलमेट मिलने वालों के चालान काटे जाते हैं। बावजूद, तमाम लोग सुधरने को तैयार नहीं है। जबकि, हेलमेट जीवन की सुरक्षा का बहुत आसान उपाय है। इसके बाद भी लोग इसे नहीं पहनते। सघन चेकिंग होने पर लोगों के सिर पर नजर आने लगते हैं। पुलिस की ढील मिलते ही ये उतर जाते हैं। तमाम लोग तो ऐसे नजर आते हैं जो हेलमेट साथ लेकर चलते हैं, लेकिन लगाते नहीं। ये इस बात का ध्यान नहीं रखते कि उनका परिवार उनके घर लौटने का इंतजार कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हेलमेट लगाने से दुर्घटना के दौरान जान की सुरक्षा तो होती ही है, साथ ही कोरोना काल में हेलमेट ने फेसशील्ड का भी काम किया है। पुलिस की ओर से लगातार चालान काटे जा रहे हैं। लेकिन, लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए खुद भी जागरूक होना होगा। हेलमेट दुर्घटना के दौरान जिंदगी बचाने का बेहद आसान उपाय है।
- शिवहरि मीणा, एसएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed