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खेल फोगाट=-City
Updated Thu, 23 Aug 2018 06:40 AM IST
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फोगाट जैसी बनना चाहतीं हैं बेटियां
- कहा, कुश्ती के लिए अभी प्लेटफार्म नहीं, वरना हाथ आजमातीं
- रानी लक्ष्मीबाई के काल में भी सक्रिय थीं, बनाया था दुर्गा दल
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। एशियाई खेलों में महिला कुश्ती में हरियाणा की विनेश फोगाट को मिले स्वर्ण पदक ने शहर की महिला खिलाड़ियों के हौसले को बढ़ा दिया है। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में विभिन्न खेलों के लिए पहुंचने वाली महिला खिलाड़ियों में फोगाट की तरह सफल होने का उत्साह दिखाई दिया। इतिहास गवाह है कि क्षेत्र की बेटियों में शुरू से ही खेल भावना और पराक्रम रहा है। इसी जज्बे से रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी की रक्षा के लिए दुर्गा दल को तैयार किया था।
18 वें एशियाई खेलों में महिला रेसलर हरियाणा की विनेश फोगाट की सफलता से महिला खिलाड़ियों ने प्रेरणा ली है। खिलाड़ियों ने कहा कि कुश्ती के लिए उनके पास प्लेटफार्म नहीं है, वरना अन्य खेलों के साथ कुश्ती में अपना हाथ आजमातीं। जूडो व बॉक्सिंग की महिला खिलाड़ियों का कहना है कि वह अपने को और प्रशिक्षित करेंगी, ताकि अंतरराष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग कर सकें।
नारायण बाग में दुर्गा दल लेता था प्रशिक्षण
इतिहासविद् मुकुंद मेहरोत्रा ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी की सुरक्षा के लिए महिलाओं का दुर्गा दल बनाया था, जिसमें रानी की सहयोगियों को मलखंभ, मुगदर चलाने, कसरत आदि का प्रशिक्षण देकर उन्हें मजबूत बनाने का काम किया जाता था। इसके अलावा कई प्राचीन अखाड़े पंचकुइयां, गोपाल का बगीचा व नारायण बाग स्थित खेरा पति के पास थे।
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फोटो ...
जीत से बढ़ा उत्साह
एशियाड में कुश्ती खिलाड़ी फोगाट की जीत नहीं, बल्कि प्रत्येक महिला खिलाड़ी की जीत है। फोगाट की तरह हर महिला खिलाड़ी अपने खेल को तराशकर अंतरराष्ट्रीय खेलों में भारत का नाम रोशन करने के लिए मेहनत करेगी।
- अर्चिसा सिंह, बैडमिंटन खिलाड़ी
खेल में छोड़ी छाप
एशियाड खेलों में महिलाओं की सहभागिता से अन्य महिला खिलाड़ियों का जोश बढ़ा है। फोगाट की जीत ने एक छाप छोड़ी है। बैडमिंटन के साथ महिला खिलाड़ियों को कुश्ती का भी प्रशिक्षण मिलना चाहिये, ताकि वह आगे बढ़ सकें।
- अंशिका जैन, बैडमिंटन खिलाड़ी
सफलता से बढ़ा उत्साह
एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ महिला खिलाड़ियों को मिले मुकाम ने महिला खिलाड़ियों को सीख दी है। खेलों में लगातार मिल रही जीत से स्टेडियम आने वाले खिलाड़ियों में उत्साह नजर आ रहा है।
- सुरेश बोनकर, क्षेत्रीय प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी
- कहा, कुश्ती के लिए अभी प्लेटफार्म नहीं, वरना हाथ आजमातीं
- रानी लक्ष्मीबाई के काल में भी सक्रिय थीं, बनाया था दुर्गा दल
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। एशियाई खेलों में महिला कुश्ती में हरियाणा की विनेश फोगाट को मिले स्वर्ण पदक ने शहर की महिला खिलाड़ियों के हौसले को बढ़ा दिया है। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में विभिन्न खेलों के लिए पहुंचने वाली महिला खिलाड़ियों में फोगाट की तरह सफल होने का उत्साह दिखाई दिया। इतिहास गवाह है कि क्षेत्र की बेटियों में शुरू से ही खेल भावना और पराक्रम रहा है। इसी जज्बे से रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी की रक्षा के लिए दुर्गा दल को तैयार किया था।
18 वें एशियाई खेलों में महिला रेसलर हरियाणा की विनेश फोगाट की सफलता से महिला खिलाड़ियों ने प्रेरणा ली है। खिलाड़ियों ने कहा कि कुश्ती के लिए उनके पास प्लेटफार्म नहीं है, वरना अन्य खेलों के साथ कुश्ती में अपना हाथ आजमातीं। जूडो व बॉक्सिंग की महिला खिलाड़ियों का कहना है कि वह अपने को और प्रशिक्षित करेंगी, ताकि अंतरराष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग कर सकें।
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नारायण बाग में दुर्गा दल लेता था प्रशिक्षण
इतिहासविद् मुकुंद मेहरोत्रा ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी की सुरक्षा के लिए महिलाओं का दुर्गा दल बनाया था, जिसमें रानी की सहयोगियों को मलखंभ, मुगदर चलाने, कसरत आदि का प्रशिक्षण देकर उन्हें मजबूत बनाने का काम किया जाता था। इसके अलावा कई प्राचीन अखाड़े पंचकुइयां, गोपाल का बगीचा व नारायण बाग स्थित खेरा पति के पास थे।
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जीत से बढ़ा उत्साह
एशियाड में कुश्ती खिलाड़ी फोगाट की जीत नहीं, बल्कि प्रत्येक महिला खिलाड़ी की जीत है। फोगाट की तरह हर महिला खिलाड़ी अपने खेल को तराशकर अंतरराष्ट्रीय खेलों में भारत का नाम रोशन करने के लिए मेहनत करेगी।
- अर्चिसा सिंह, बैडमिंटन खिलाड़ी
खेल में छोड़ी छाप
एशियाड खेलों में महिलाओं की सहभागिता से अन्य महिला खिलाड़ियों का जोश बढ़ा है। फोगाट की जीत ने एक छाप छोड़ी है। बैडमिंटन के साथ महिला खिलाड़ियों को कुश्ती का भी प्रशिक्षण मिलना चाहिये, ताकि वह आगे बढ़ सकें।
- अंशिका जैन, बैडमिंटन खिलाड़ी
सफलता से बढ़ा उत्साह
एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ महिला खिलाड़ियों को मिले मुकाम ने महिला खिलाड़ियों को सीख दी है। खेलों में लगातार मिल रही जीत से स्टेडियम आने वाले खिलाड़ियों में उत्साह नजर आ रहा है।
- सुरेश बोनकर, क्षेत्रीय प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी