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जिले के 26 थानों में 765 विवेचनाएं लंबित
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झांसी। बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर थानों में लंबित विवेचनाओं का निस्तारण किया गया था। लेकिन, अब एक बार फिर से पुलिस पर बोझ बढ़ गया है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जिले के 26 थानों में 765 विवेचनाएं लंबित बनी हुई हैं।
किसी भी आपराधिक मुकदमे का बड़ा आधार पुलिस द्वारा की जा जाने वाली विवेचना होती है। न्यायालय द्वारा किए जाने वाले फैसले में भी विवेचना में दर्ज हर एक शब्द पर ध्यान दिया जाता है। हर मामले की विवेचना के लिए अलग से न्यूनतम सब इंस्पेक्टर की तैनाती की जाती है। जबकि, एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मामलों की विवेचना क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी करते हैं। विवेचना के दौरान विवेचना अधिकारी को वादी, प्रतिवादी, गवाह आदि के बयान दर्ज करने होते हैं। इसके अलावा घटना से जुड़ीं सभी छोटी-बड़ी जानकारियों को विवेचना में उल्लेख करना होता है। इसमें काफी समय लग जाता है। पिछले साल पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए थे कि 2020 से पहले की कोई भी विवेचना लंबित न रहे। इसके लिए तीन माह का समय दिया गया था। विवेचकों ने रात-दिन एक कर तय अवधि की विवेचनाएं पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिए थे। लेकिन, अब एक बार फिर से पुलिस पर विवेचनाओं का बोझ बढ़ गया है। जिले के 26 थानों में 765 विवेचनाएं लंबित बनी हुई हैं।
विवेचना पुलिस पर पुलिस पर बोझ नहीं हैं। बल्कि, ये पुलिस के काम का अहम हिस्सा है। इस पर लगातार काम हो रहा है। रूटीन में विवेचनाओं का निस्तारण किया जा रहा है।
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- शिवहरि मीणा, एसएसपी
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किसी भी आपराधिक मुकदमे का बड़ा आधार पुलिस द्वारा की जा जाने वाली विवेचना होती है। न्यायालय द्वारा किए जाने वाले फैसले में भी विवेचना में दर्ज हर एक शब्द पर ध्यान दिया जाता है। हर मामले की विवेचना के लिए अलग से न्यूनतम सब इंस्पेक्टर की तैनाती की जाती है। जबकि, एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मामलों की विवेचना क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी करते हैं। विवेचना के दौरान विवेचना अधिकारी को वादी, प्रतिवादी, गवाह आदि के बयान दर्ज करने होते हैं। इसके अलावा घटना से जुड़ीं सभी छोटी-बड़ी जानकारियों को विवेचना में उल्लेख करना होता है। इसमें काफी समय लग जाता है। पिछले साल पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए थे कि 2020 से पहले की कोई भी विवेचना लंबित न रहे। इसके लिए तीन माह का समय दिया गया था। विवेचकों ने रात-दिन एक कर तय अवधि की विवेचनाएं पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिए थे। लेकिन, अब एक बार फिर से पुलिस पर विवेचनाओं का बोझ बढ़ गया है। जिले के 26 थानों में 765 विवेचनाएं लंबित बनी हुई हैं।
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विवेचना पुलिस पर पुलिस पर बोझ नहीं हैं। बल्कि, ये पुलिस के काम का अहम हिस्सा है। इस पर लगातार काम हो रहा है। रूटीन में विवेचनाओं का निस्तारण किया जा रहा है।
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- शिवहरि मीणा, एसएसपी