फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   73 lakh toll tax is being collected daily, yet the highways have become deadly

Jhansi News: रोजाना वसूला जा रहा 73 लाख टोल टैक्स, फिर भी जानलेवा बने हैं हाईवे

Wed, 04 Sep 2024 03:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Sep 2024 03:15 AM IST
विज्ञापन
73 lakh toll tax is being collected daily, yet the highways have become deadly
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन


झांसी। जनपद में मौजूद चार टोल प्लाजा से रोजाना करीब 73 लाख रुपये की मोटी आमदनी होती है लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई इनके रखरखाव की ओर कोई ध्यान नहीं देता। नतीजतन हाईवे में जगह-जगह गड्ढे बन गए। अन्ना जानवरों ने भी यहां अपना ठिकाना बना लिया। इससे रोजाना हादसे हो रहे हैं। पिछले एक माह के दौरान हाईवे पर 19 लोग हादसे में अपनी जान गवां चुके हैं।

झांसी के चारों ओर हाईवे का जाल बिछा है। झांसी-ग्वालियर हाईवे, झांसी-कानपुर हाईवे, झांसी-शिवपुरी हाईवे, झांसी-खजुराहो हाईवे से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। एनएचएआई के मुताबिक, झांसी-कानपुर हाईवे (एनएच-27) से रोजाना 10-15 हजार वाहन गुजरते हैं। रोजाना करीब 20 लाख रुपये का टोल वसूला जाता है। झांसी-ललितपुर हाईवे (एनएच-44) से रोजाना करीब 25 लाख रुपये वसूले जाते हैं। झांसी-खुजराहो हाईवे एनएच-39 पर रोजाना करीब 5000 से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। यहां से भी रोजाना करीब 8 लाख रुपये टोल टैक्स के तौर पर वसूले जाते हैं।
विज्ञापन

झांसी-शिवपुरी हाईवे एनएच-27 से रोजाना करीब 8-10 हजार वाहन गुजरते हैं। इससे भी करीब 20 लाख वसूल होते हैं लेकिन यह सभी हाईवे बदहाल हैं। हाईवे पर सफर को सुरक्षित रखने के इंतजाम नहीं है। हाईवे पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्डे हैं। रफ्तार में होने पर वाहन अक्सर पलट जाते हैं। अन्ना जानवरों ने भी हाईवे को अड्डा बना रखा है। रोजाना इनकी वजह से हादसे हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



इनसेट
70 किलोमीटर के बीच महज एक एंबुलेंस और एक डॉक्टर
झांसी-खजुराहो हाईवे का टोल प्लाजा लुहारी में बना है। करीब सत्तर किलोमीटर तक रखरखाव का जिम्मा, इस टोल प्लाजा के पास है लेकिन, यहां सिर्फ एक एंबुलेंस है। 24 घंटे के लिए एक डॉक्टर तैनात है। ऐसे में यहां हादसा होने पर कितनी देर में एंबुलेंस पहुंचेगी, इसका अंदाजा आसानी से लग जाता है। दूसरे टोल प्लाजा का भी हाल ऐसा ही है। झांसी-शिवपुरी हाईवे भी करीब 75 किलोमीटर लंबा है। यहां महज दो एंबुलेंस हैं। झांसी-ललितपुर हाईवे और झांसी-ग्वालियर हाईवे पर बने टोल प्लाजा में भी हादसे के बाद एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचती।

इनसेट
जगह-जगह गड्डे से हो रहा हादसा
हाईवे पर जगह-जगह हुए गड्ढे भी हादसे की वजह बन रहे हैं। सुजवाहा तिराहे पर गड्ढो की वजह से अक्सर यहां वाहन पलट जाते हैं। इसी तरह झांसी-खजुराहो पर भी गड्ढे की वजह से अक्सर हादसे होते हैं।



वर्जन
न्यूनतम 50 किलोमीटर की दूरी पर एंबुलेंस तैनात करने का नियम है। इसके मुताबिक, एंबुलेंस तैनात हैं। टोल से जिनकी दूरी कम पड़ती है, उनको आपात स्थिति में भेजा जाता है। अन्ना जानवरों को हाईवे से दूर रखने के लिए अभियान चलाया जाता है। जल्द ही इसका असर भी दिखेगा। हादसों को भी रोकने की कवायद की जाती है। - सुनील कुमार जैन, परियोजना अधिकारी, एनएचएआई
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed