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माल नहीं मंगा रहे व्यापारी,,,-Lalitpur
Updated Mon, 26 Jun 2017 08:11 PM IST
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स्टॉक में रखा माल बेच रहे व्यापार
सब हेड: जीएसटी को लेकर दुविधा में सभी, टैक्स बढ़ेगा कि घटेगा साफ नहीं स्थिति
क्रासर
80 की जगह 20 ट्रकों से आ रहा ट्रांसपोर्ट पर माल
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जीएसटी को लेकर व्यापारी पशोपेश में हैं। वे अभी स्टॉक में रखा माल ही बाजार में बेच रहे हैं। नया माल नहीं मंगा रहे हैं। डीलर भी जिस वस्तु की बहुत ज्यादा जरूरत है उसी का आर्डर दे रहे हैं। व्यापारियों का सोचना है कि अभी माल मंगाने पर ऐसा न हो कि उनको वैट में भी टैक्स भरना पड़े और जीएसटी में भी। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि जिस वस्तु पर वैट लग चुका है, उस पर जीएसटी नहीं वसूला जाएगा।
एक जुलाई से व्यापार पर एक टैक्स ही व्यवस्था वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू हो जाएगी। जीएसटी में टैक्स की दरें 0,5,12, 18 और 28 प्रतिशत निर्धारित की गई है। मगर, व्यापारियों के बीच अभी तक यह स्थिति साफ नहीं हो सकी है कि किस वस्तु पर टैक्स बढ़ेगा और किस पर काम होगा? सभी अपने अंदाज लगा रहे हैं। इस कारण पिछले एक माह से अधिकांश व्यापारियों ने दूसरे राज्यों और शहरों से माल मंगाना कम कर दिया है। व्यापारी ने तय कर रखा है कि वे जीएसटी लागू होने के बाद ही अब माल मंगाएंगे, ताकि टैक्स को लेकर शंकाएं खत्म हो जाए। साथ ही व्यापारियों में यह भी शंका बनी हुई है कि अभी माल मंगाने पर ऐसा न हो कि उनको वैट में भी टैक्स भरना पड़े और जीएसटी में भी। इस कारण पिछले एक माह से इलेक्ट्रानिक आइटम, जनरल मर्चेंट, हौजरी और किराने की माल की अवाक बेहद कम हो गई हैं।
व्यापारियों को पास जो माल हैं वे उसी को ठिकाने लगा रहे हैं। इसका असर ट्रांसपोर्ट पर भी पड़ा है। आमदिनों में जहां 70 से 80 ट्रैक माल शहर में आता था, इन दिनों यह संख्या घटकर 20 से 25 रह गई है।
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‘30 जून तक माल वैट की दरों पर ही बिकेगा। एक जुलाई से स्टॉक में रखे माल को जीएसटी की दरों पर ही बेचना होगा। अगर, वैट में खरीदे गए माल पर जीएसटी में टैक्स दिया गया है तो वह टैक्स आईटीसी में वापस हो जाएगा।’
अभिषेक गुप्ता, असिस्टेंट कमिश्नर, वाणिज्य कर।
29 और 30 को बंद रहेगा कपड़ा बाजार
जीएसटी में थोक कपड़ा व्यापार को दायरे में लाने से संबंधित व्यापारी बेहद नजर चल रहे हैं। उनके देशभर में लगातार प्रदर्शन जारी हैं। इसी पहल के तहत झांसी थोक वस्त्र व्यापार मंडल 29 और 30 जून को बाजार बंद रखेगा। इस दौरान कपड़ा व्यापारी मालिन चौराहे पर धरना- प्रदर्शन करेंगे। यह जानकारी महामंत्री संजय सेठ ने दी है। वहीं, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल भी 30 जून को प्रदेश बंद की तैयारी कर रहा है।
फोटो
नुकसान से बचना है
मोबाइल के मॉडल हर माह चेंज होते रहते हैं। अगर, अभी कोई नया माल मंगा लिया और उस पर टैक्स बढ़ गया तो नुकसान हमें ही भुगतना होगा। इस कारण मैं स्टाक में रखे मोबाइल ही बेच रहा हूं।
गौरव लिखधारी, मोबाइल विक्रेता।
फोटो
टैक्स की स्थिति साफ नहीं
जीएसटी में रेडीमेड कपड़ों पर टैक्स की स्थिति अब तक साफ नहीं हो सकी है। इस कारण मैं पिछले एक माह से नया माल नहीं मंगा रही हूं। जीएसटी लागू होने पर ही नया आर्डर दूंगी।
शालिनी गुरुबख्शानी, रेडीमेड कपड़ा व्यापारी।
फोटो
कंपनी तो बना रही दबाव
कंपनी तो अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए माल मंगाने के लिए दबाव बना रही है। मगर, मैंने कंपनी को मना कर दिया गया है, जब तक जीएसटी में टैक्स की स्थिति साफ नहीं होगी, तब तक माल नहीं लूंगा।
प्रदीप अग्रवाल, हौजरी व्यापारी।
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सब हेड: जीएसटी को लेकर दुविधा में सभी, टैक्स बढ़ेगा कि घटेगा साफ नहीं स्थिति
क्रासर
80 की जगह 20 ट्रकों से आ रहा ट्रांसपोर्ट पर माल
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जीएसटी को लेकर व्यापारी पशोपेश में हैं। वे अभी स्टॉक में रखा माल ही बाजार में बेच रहे हैं। नया माल नहीं मंगा रहे हैं। डीलर भी जिस वस्तु की बहुत ज्यादा जरूरत है उसी का आर्डर दे रहे हैं। व्यापारियों का सोचना है कि अभी माल मंगाने पर ऐसा न हो कि उनको वैट में भी टैक्स भरना पड़े और जीएसटी में भी। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि जिस वस्तु पर वैट लग चुका है, उस पर जीएसटी नहीं वसूला जाएगा।
एक जुलाई से व्यापार पर एक टैक्स ही व्यवस्था वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू हो जाएगी। जीएसटी में टैक्स की दरें 0,5,12, 18 और 28 प्रतिशत निर्धारित की गई है। मगर, व्यापारियों के बीच अभी तक यह स्थिति साफ नहीं हो सकी है कि किस वस्तु पर टैक्स बढ़ेगा और किस पर काम होगा? सभी अपने अंदाज लगा रहे हैं। इस कारण पिछले एक माह से अधिकांश व्यापारियों ने दूसरे राज्यों और शहरों से माल मंगाना कम कर दिया है। व्यापारी ने तय कर रखा है कि वे जीएसटी लागू होने के बाद ही अब माल मंगाएंगे, ताकि टैक्स को लेकर शंकाएं खत्म हो जाए। साथ ही व्यापारियों में यह भी शंका बनी हुई है कि अभी माल मंगाने पर ऐसा न हो कि उनको वैट में भी टैक्स भरना पड़े और जीएसटी में भी। इस कारण पिछले एक माह से इलेक्ट्रानिक आइटम, जनरल मर्चेंट, हौजरी और किराने की माल की अवाक बेहद कम हो गई हैं।
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व्यापारियों को पास जो माल हैं वे उसी को ठिकाने लगा रहे हैं। इसका असर ट्रांसपोर्ट पर भी पड़ा है। आमदिनों में जहां 70 से 80 ट्रैक माल शहर में आता था, इन दिनों यह संख्या घटकर 20 से 25 रह गई है।
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‘30 जून तक माल वैट की दरों पर ही बिकेगा। एक जुलाई से स्टॉक में रखे माल को जीएसटी की दरों पर ही बेचना होगा। अगर, वैट में खरीदे गए माल पर जीएसटी में टैक्स दिया गया है तो वह टैक्स आईटीसी में वापस हो जाएगा।’
अभिषेक गुप्ता, असिस्टेंट कमिश्नर, वाणिज्य कर।
29 और 30 को बंद रहेगा कपड़ा बाजार
जीएसटी में थोक कपड़ा व्यापार को दायरे में लाने से संबंधित व्यापारी बेहद नजर चल रहे हैं। उनके देशभर में लगातार प्रदर्शन जारी हैं। इसी पहल के तहत झांसी थोक वस्त्र व्यापार मंडल 29 और 30 जून को बाजार बंद रखेगा। इस दौरान कपड़ा व्यापारी मालिन चौराहे पर धरना- प्रदर्शन करेंगे। यह जानकारी महामंत्री संजय सेठ ने दी है। वहीं, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल भी 30 जून को प्रदेश बंद की तैयारी कर रहा है।
फोटो
नुकसान से बचना है
मोबाइल के मॉडल हर माह चेंज होते रहते हैं। अगर, अभी कोई नया माल मंगा लिया और उस पर टैक्स बढ़ गया तो नुकसान हमें ही भुगतना होगा। इस कारण मैं स्टाक में रखे मोबाइल ही बेच रहा हूं।
गौरव लिखधारी, मोबाइल विक्रेता।
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टैक्स की स्थिति साफ नहीं
जीएसटी में रेडीमेड कपड़ों पर टैक्स की स्थिति अब तक साफ नहीं हो सकी है। इस कारण मैं पिछले एक माह से नया माल नहीं मंगा रही हूं। जीएसटी लागू होने पर ही नया आर्डर दूंगी।
शालिनी गुरुबख्शानी, रेडीमेड कपड़ा व्यापारी।
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कंपनी तो बना रही दबाव
कंपनी तो अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए माल मंगाने के लिए दबाव बना रही है। मगर, मैंने कंपनी को मना कर दिया गया है, जब तक जीएसटी में टैक्स की स्थिति साफ नहीं होगी, तब तक माल नहीं लूंगा।
प्रदीप अग्रवाल, हौजरी व्यापारी।