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व्यापार का नया गलियारा बनेगी मानिकपुर रेल लाइन
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व्यापार का नया गलियारा बनेगी मानिकपुर रेल लाइन
झांसी। मानिकपुर सिंगल ट्रैक पर विद्युतीकरण का काम पूरा होते ही रेलवे इस मार्ग का उपयोग मालभाड़े गलियारे के रूप बढ़ाएगा। कानपुर से आने वाली मालगाड़ियों को भीमसेन-खैरार के रास्ते झांसी लाएगा। इससे बुंदेलखंड के कई स्टेशनों पर दूसरे शहरों में माल निर्यात करने की सुविधा बढ़ जाएगी। साथ ही कानपुर-झांसी ट्रैक पर मालगाड़ियों का बोझ कम होने से ट्रेनों को स्पीड के साथ गुजारा जा सकेगा।
झांसी से मानिकपुर तक सिंगल ट्रैक है। विद्युतीकरण न होने से डीजल इंजन से ट्रेनें चलाई जाती हैं। इस ट्रैक पर प्रतिदिन अप और डाउन की 25 सवारी और इतनी संख्या में मालगाड़ी दौड़ती हैं। विद्युतीकरण न होने से अभी ट्रेन के संचालन में समय ज्यादा लगता है। झांसी-खैरार-मानिकपुर और भीमसेन-खैरार स्टेशनों के बीच सिंगल ट्रैक पर 408 किलोमीटर पर विद्युतीकरण काम होना है। 300 किलोमीटर में विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। इसमें भीमसेन से खैरार और झांसी से खैरार के बीच काम पूरा कर लिया गया है। बाकी काम जुलाई 2019 तक पूरा हो जाएगा। रेलवे ने विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद कानपुर से भीमसेन, भीमसेन से खैरार, खैरार से झांसी और खैरार से मानिकपुर इलाहाबाद की तरफ इस ट्रैक को मालभाड़ा गलियारा के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। चूंकि, अभी कानपुर से झांसी की तरफ मालगाड़ियां लाई जाती हैं लेकिन इस ट्रैक पर सवारी गाड़ियों की संख्या अधिक होने के कारण मालगाड़ियों को निकालने में वक्त लगता है। जुलाई के बाद मालगाड़ियों को भीमसेन से खैरार और खैरार से झांसी तक लाया जाएगा। इससे मालगाड़ियों की संख्या में तो इजाफा होगा। साथ ही इस रूट पर पड़ने वाले प्रमुख स्टेशनों जुड़े बुंदेलखंड के व्यापारियों को दूसरे शहरों तक माल निर्यात करने में आसानी हो सकेगी।
‘विद्युतीकरण का काम पूरा होने पर झांसी-मानिकपुर एवं भीमसेन खैरार को मालभाड़े गलियारे के महत्वपूर्ण फीडरों में शामिल किया जाएगा। इससे रेलवे का भाड़ा तो बढ़ेगा ही बुंदेलखंड के व्यापारियों को लाभ मिलेगा।’
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राजीव चौधरी।
ये ट्रेनें दौड़ती हैं
झांसी-मानिकपुर ट्रैक पर प्रमुख रूप से यूपी संपर्क क्रांति, महाकौशल एक्सप्रेस, बुंदेलखंड एक्सप्रेस, तुलसी एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस, उदयपुर-खजुराहो एक्सप्रेस, झांसी-इलाहाबाद पैसेंजर, झांसी-बांदा पैसेंजर, झांसी-मानिकपुर पैसेंजर ट्रेनें दौड़ती हैं।
ये भी होंगे लाभ
-------------
- अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थल खजुराहो से संपर्कता में सुधार।
- मेंटेनेंस ब्लाक के लिए बेहतर समय मिल सकेगा।
- कार्बन उत्सर्जन में कमी, पर्यावरण संरक्षण में बढ़ावा।
- ईंधन पर निर्भरता में कमी, समय पालन में सुधार।
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झांसी। मानिकपुर सिंगल ट्रैक पर विद्युतीकरण का काम पूरा होते ही रेलवे इस मार्ग का उपयोग मालभाड़े गलियारे के रूप बढ़ाएगा। कानपुर से आने वाली मालगाड़ियों को भीमसेन-खैरार के रास्ते झांसी लाएगा। इससे बुंदेलखंड के कई स्टेशनों पर दूसरे शहरों में माल निर्यात करने की सुविधा बढ़ जाएगी। साथ ही कानपुर-झांसी ट्रैक पर मालगाड़ियों का बोझ कम होने से ट्रेनों को स्पीड के साथ गुजारा जा सकेगा।
झांसी से मानिकपुर तक सिंगल ट्रैक है। विद्युतीकरण न होने से डीजल इंजन से ट्रेनें चलाई जाती हैं। इस ट्रैक पर प्रतिदिन अप और डाउन की 25 सवारी और इतनी संख्या में मालगाड़ी दौड़ती हैं। विद्युतीकरण न होने से अभी ट्रेन के संचालन में समय ज्यादा लगता है। झांसी-खैरार-मानिकपुर और भीमसेन-खैरार स्टेशनों के बीच सिंगल ट्रैक पर 408 किलोमीटर पर विद्युतीकरण काम होना है। 300 किलोमीटर में विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। इसमें भीमसेन से खैरार और झांसी से खैरार के बीच काम पूरा कर लिया गया है। बाकी काम जुलाई 2019 तक पूरा हो जाएगा। रेलवे ने विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद कानपुर से भीमसेन, भीमसेन से खैरार, खैरार से झांसी और खैरार से मानिकपुर इलाहाबाद की तरफ इस ट्रैक को मालभाड़ा गलियारा के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। चूंकि, अभी कानपुर से झांसी की तरफ मालगाड़ियां लाई जाती हैं लेकिन इस ट्रैक पर सवारी गाड़ियों की संख्या अधिक होने के कारण मालगाड़ियों को निकालने में वक्त लगता है। जुलाई के बाद मालगाड़ियों को भीमसेन से खैरार और खैरार से झांसी तक लाया जाएगा। इससे मालगाड़ियों की संख्या में तो इजाफा होगा। साथ ही इस रूट पर पड़ने वाले प्रमुख स्टेशनों जुड़े बुंदेलखंड के व्यापारियों को दूसरे शहरों तक माल निर्यात करने में आसानी हो सकेगी।
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‘विद्युतीकरण का काम पूरा होने पर झांसी-मानिकपुर एवं भीमसेन खैरार को मालभाड़े गलियारे के महत्वपूर्ण फीडरों में शामिल किया जाएगा। इससे रेलवे का भाड़ा तो बढ़ेगा ही बुंदेलखंड के व्यापारियों को लाभ मिलेगा।’
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राजीव चौधरी।
ये ट्रेनें दौड़ती हैं
झांसी-मानिकपुर ट्रैक पर प्रमुख रूप से यूपी संपर्क क्रांति, महाकौशल एक्सप्रेस, बुंदेलखंड एक्सप्रेस, तुलसी एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस, उदयपुर-खजुराहो एक्सप्रेस, झांसी-इलाहाबाद पैसेंजर, झांसी-बांदा पैसेंजर, झांसी-मानिकपुर पैसेंजर ट्रेनें दौड़ती हैं।
ये भी होंगे लाभ
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- अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थल खजुराहो से संपर्कता में सुधार।
- मेंटेनेंस ब्लाक के लिए बेहतर समय मिल सकेगा।
- कार्बन उत्सर्जन में कमी, पर्यावरण संरक्षण में बढ़ावा।
- ईंधन पर निर्भरता में कमी, समय पालन में सुधार।