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छात्रवृति अमर उजाला,,-City
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:54 AM IST
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अच्छे नहीं थे हालात, छात्रवृत्ति से बनी बात
सबहेड- वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर ने अपने बूते हासिल की उच्च शिक्षा
क्रासर
- प्रतियोगिता जीती तो पिता समझ गए थे योग्यता
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
घर के हालात अच्छे नहीं थे, पिता खुद हल चलाते थे। विद्यालय में प्रतियोगिता जीती तो छठवीं कक्षा से छात्रवृत्ति मिलना शुरू हो गई। 120 रुपये मिले थे। पिता को दिए तो बेहद खुश हुए। वे मेरी योग्यता समझ गए थे। छात्रवृत्ति की बदौलत इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा ग्रहण करने की राह आसान हो गई। छात्रवृत्ति न मिलती, तो शायद में इस मुकाम तक भी नहीं पहुंच पाता। यह कहना है वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर (प्रवर्तन) रमेश कुमार राजपूत का।
रमेश चंद्र राजपूत ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा राठ के मलेहटा में स्थित कैप्टन शंकर ध्वज सिंह जूनियर हाईस्कूल से हुई। विद्यालय गांव से दूर था। जंगल के रास्ते विद्यालय जाना पड़ता था। वे जब कक्षा छह में पढ़ते थे, तब विद्यालय में छात्रवृत्ति के लिए परीक्षा हुई, जिसमें वह और एक अन्य विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। आठवीं कक्षा तक वार्षिक 120 महीने मिलते थे। यह राशि उस समय पर्याप्त होती थी। पिता स्व. हुबलाल को जब उन्होंने 120 रुपये दिए तो वह बहुत खुश हुए। इसके बाद उन्होंने मुड़कर नहीं देखा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एमए करने के बाद 1988 में ग्रामीण बैंक में नौकरी लग गई। दो साल बाद डिप्टी जेलर के पद पर नियुक्ति हो र्गइं, उसी समय उपनिरीक्षक में चयन होने पर ट्रेनिंग छोड़कर चले आए। उनको डिप्टी जेलर से अच्छी नौकरी इंस्पेक्टर की लगती थी। फिर उनका चयन पीसीएस में हो गया। साढ़े तीन साल वे होमगार्ड विभाग में जिला कमांडेंट रहे। 2002 में वाणिज्य कर विभाग में सहायक कमिश्नर बने। छात्रवृत्ति से ही वे आज इस मुकाम तक पहुंच सके। राजपूत ने कहा कि मैंने अपनी शिक्षा अपने बलबूते पर हासिल की, इसका मुझे हमेशा गर्व रहता है।
आपके पास भी है छात्रवृत्ति पाने का मौका
सब हेड... अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा - 2017 में 31 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन
- फाउंडेशन की वेबसाइट foundation.amarujala.com या फिर अमर उजाला की वेबसाइट amarujala.com पर जाकर भरा जा सकता है फार्म
- एक एमबी से ज्यादा न हो प्रमाण पत्र
- विद्यार्थियों को फार्म में फोटो, अपनी पिछली कक्षा की मार्कशीट और घर का प्रमाण लगाना होगा। कोई भी फोटो एक एमबी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, नहीं तो आवेदन स्वीकृत नहीं होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा संचालित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2017 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया 31 अगस्त तक चलेगी। इसके लिए फाउंडेशन की वेबसाइट foundation.amarujala.com या फिर अमर उजाला की वेबसाइट amarujala.com या फिर इस लिंक http://www.amarujala.com/atul-maheshwari-chhatravritti-2017 पर जाकर फार्म भरा जा सकता है।
फार्म में मांगी गईं सभी जानकारियां देना अनिवार्य होगा। लिखित परीक्षा ऑनलाइन नहीं, बल्कि शहर में निर्धारित परीक्षा केंद्र पर होगी। फार्म भरते समय विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार शहर का चयन कर सकते हैं। इसके लिए 55 शहरों का विकल्प फार्म में दिया गया है। परीक्षा केंद्र की सूचना ई-मेल द्वारा भेजे जाने वाले एडमिट कार्ड में दी जाएगी। इसलिए हर आवेदक का ई-मेल आईडी होना अनिवार्य है।
पिछली बार की तरह इस बार भी नौवीं और दसवीं के प्रादेशिक बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए 30-30 हजार रुपये की 18 छात्रवृत्तियां और 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए 50-50 हजार रुपये की 18 छात्रवृत्तियां दी जाएंगी। इस वर्ष की छात्रवृत्ति की परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रादेशिक शिक्षा बोर्ड से नौवीं से 12वीं कक्षा तक में पढ़ने वाले और पिछली वार्षिक परीक्षा में न्यूनतम 60 फीसदी अंक पाने वाले वे विद्यार्थी पात्र होंगे, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय डेढ़ लाख रुपये से कम हो। आवेदन केवल ऑनलाइन ही किए जा सकेंगे। पात्र विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड भी ऑनलाइन ही भेजे जाएंगे। पिछले साल एक लाख से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए हुई परीक्षा में शामिल हुए थे और उसमें से सफल हुए 36 विद्यार्थियों को छात्रवृृत्ति के रूप में 14.4 लाख रुपये दिए गए थे।
दृष्टिहीनों के लिए दो विशेष छात्रवृत्तियां
पिछली बार की तरह इस बार भी दो दृष्टिहीन विद्यार्थियों को विशेष छात्रवृत्ति दी जाएगी। परीक्षा में उन्हें सहायक लाने की स्वीकृति दी जाएगी। इसमें ध्यान रखना होगा कि अपने से एक कक्षा नीचे का ही छात्र उनका सहायक हो सकता है। सहायक को स्कूल का आई कार्ड साथ लाना होगा।
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अच्छे नहीं थे हालात, छात्रवृत्ति से बनी बात
सबहेड- वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर ने अपने बूते हासिल की उच्च शिक्षा
क्रासर
- प्रतियोगिता जीती तो पिता समझ गए थे योग्यता
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
घर के हालात अच्छे नहीं थे, पिता खुद हल चलाते थे। विद्यालय में प्रतियोगिता जीती तो छठवीं कक्षा से छात्रवृत्ति मिलना शुरू हो गई। 120 रुपये मिले थे। पिता को दिए तो बेहद खुश हुए। वे मेरी योग्यता समझ गए थे। छात्रवृत्ति की बदौलत इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा ग्रहण करने की राह आसान हो गई। छात्रवृत्ति न मिलती, तो शायद में इस मुकाम तक भी नहीं पहुंच पाता। यह कहना है वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर (प्रवर्तन) रमेश कुमार राजपूत का।
रमेश चंद्र राजपूत ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा राठ के मलेहटा में स्थित कैप्टन शंकर ध्वज सिंह जूनियर हाईस्कूल से हुई। विद्यालय गांव से दूर था। जंगल के रास्ते विद्यालय जाना पड़ता था। वे जब कक्षा छह में पढ़ते थे, तब विद्यालय में छात्रवृत्ति के लिए परीक्षा हुई, जिसमें वह और एक अन्य विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। आठवीं कक्षा तक वार्षिक 120 महीने मिलते थे। यह राशि उस समय पर्याप्त होती थी। पिता स्व. हुबलाल को जब उन्होंने 120 रुपये दिए तो वह बहुत खुश हुए। इसके बाद उन्होंने मुड़कर नहीं देखा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एमए करने के बाद 1988 में ग्रामीण बैंक में नौकरी लग गई। दो साल बाद डिप्टी जेलर के पद पर नियुक्ति हो र्गइं, उसी समय उपनिरीक्षक में चयन होने पर ट्रेनिंग छोड़कर चले आए। उनको डिप्टी जेलर से अच्छी नौकरी इंस्पेक्टर की लगती थी। फिर उनका चयन पीसीएस में हो गया। साढ़े तीन साल वे होमगार्ड विभाग में जिला कमांडेंट रहे। 2002 में वाणिज्य कर विभाग में सहायक कमिश्नर बने। छात्रवृत्ति से ही वे आज इस मुकाम तक पहुंच सके। राजपूत ने कहा कि मैंने अपनी शिक्षा अपने बलबूते पर हासिल की, इसका मुझे हमेशा गर्व रहता है।
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आपके पास भी है छात्रवृत्ति पाने का मौका
सब हेड... अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा - 2017 में 31 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन
- फाउंडेशन की वेबसाइट foundation.amarujala.com या फिर अमर उजाला की वेबसाइट amarujala.com पर जाकर भरा जा सकता है फार्म
- एक एमबी से ज्यादा न हो प्रमाण पत्र
- विद्यार्थियों को फार्म में फोटो, अपनी पिछली कक्षा की मार्कशीट और घर का प्रमाण लगाना होगा। कोई भी फोटो एक एमबी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, नहीं तो आवेदन स्वीकृत नहीं होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा संचालित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2017 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया 31 अगस्त तक चलेगी। इसके लिए फाउंडेशन की वेबसाइट foundation.amarujala.com या फिर अमर उजाला की वेबसाइट amarujala.com या फिर इस लिंक http://www.amarujala.com/atul-maheshwari-chhatravritti-2017 पर जाकर फार्म भरा जा सकता है।
फार्म में मांगी गईं सभी जानकारियां देना अनिवार्य होगा। लिखित परीक्षा ऑनलाइन नहीं, बल्कि शहर में निर्धारित परीक्षा केंद्र पर होगी। फार्म भरते समय विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार शहर का चयन कर सकते हैं। इसके लिए 55 शहरों का विकल्प फार्म में दिया गया है। परीक्षा केंद्र की सूचना ई-मेल द्वारा भेजे जाने वाले एडमिट कार्ड में दी जाएगी। इसलिए हर आवेदक का ई-मेल आईडी होना अनिवार्य है।
पिछली बार की तरह इस बार भी नौवीं और दसवीं के प्रादेशिक बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए 30-30 हजार रुपये की 18 छात्रवृत्तियां और 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए 50-50 हजार रुपये की 18 छात्रवृत्तियां दी जाएंगी। इस वर्ष की छात्रवृत्ति की परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रादेशिक शिक्षा बोर्ड से नौवीं से 12वीं कक्षा तक में पढ़ने वाले और पिछली वार्षिक परीक्षा में न्यूनतम 60 फीसदी अंक पाने वाले वे विद्यार्थी पात्र होंगे, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय डेढ़ लाख रुपये से कम हो। आवेदन केवल ऑनलाइन ही किए जा सकेंगे। पात्र विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड भी ऑनलाइन ही भेजे जाएंगे। पिछले साल एक लाख से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए हुई परीक्षा में शामिल हुए थे और उसमें से सफल हुए 36 विद्यार्थियों को छात्रवृृत्ति के रूप में 14.4 लाख रुपये दिए गए थे।
दृष्टिहीनों के लिए दो विशेष छात्रवृत्तियां
पिछली बार की तरह इस बार भी दो दृष्टिहीन विद्यार्थियों को विशेष छात्रवृत्ति दी जाएगी। परीक्षा में उन्हें सहायक लाने की स्वीकृति दी जाएगी। इसमें ध्यान रखना होगा कि अपने से एक कक्षा नीचे का ही छात्र उनका सहायक हो सकता है। सहायक को स्कूल का आई कार्ड साथ लाना होगा।