{"_id":"5c86c551bdec22142e749a12","slug":"51552336209-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी- कानपुर मार्ग पर पैसेंजर ट्रेनों का टोटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी- कानपुर मार्ग पर पैसेंजर ट्रेनों का टोटा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी- कानपुर मार्ग पर पैसेंजर ट्रेनों का टोटा
झांसी। झांसी - कानपुर रेल मार्ग पर पैसेंजर ट्रेनों की कमी से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 7.55 बजे के बाद अगले 24 घंटे तक कोई पैसेंजर ट्रेन उपलब्ध नहीं होने के कारण इस मार्ग के 20 स्टेशनों के यात्रियों को सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। झांसी- लखनऊ इंटरसिटी और पैसेंजर के निरस्त चलने से यह स्थिति बनी हुई है।
झांसी- कानपुर रेल मार्ग पर मुस्तरा, गढ़मऊ, पारीछा, चिरगांव, नंदखास, मोंठ, एरच रोड, पिरौना, एट, भुआ, उरई, आटा, कालपी, चौराहा, पुखरांया, मलासा, लालपुर, तिलौची, पामा, भीमसेन आदि स्टेशन स्थित हैं। इस रूट पर 20 स्टेशन होने के बाद भी यात्रियों को पैसेंजर ट्रेनों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दरअसल, इस रूट पर दो ही पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होता है। इनमें एक गाड़ी झांसी- लखनऊ पैसेंजर तड़के 2.50 बजे व दूसरी गाड़ी झांसी - कानपुर पैसेंजर सुबह 7.55 बजे झांसी से चलती है। इनमें रात 2.50 पर चलने वाली पैसेंजर और सुबह 6.15 बजे चलने वाली इंटरसिटी का संचालन 15 दिसंबर से बंद चल रहा है। इससे यात्री परेशान हो रहे हैं। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कोहरे के मद्देनजर रेलवे बोर्ड ने इन ट्रेनों को निरस्त किया था। एक अप्रैल से इनका संचालन दोबारा शुरू हो जाएगा।
यह भी उठ रही मांग
कानपुर ट्रैक पर 19 घंटे के बीच कोई दूसरी पैसेंजर ट्रेन नहीं है। इतना ही नहीं रात 2.50 बजे चलने वाली गाड़ी के लिए यात्रियों को अपनी पूरी रात खराब करनी पड़ती है। उक्त स्टेशनों के यात्री लंबे समय से दिन के समय पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू करने की मांग कर रहे हैं, मगर अभी तक इस तरफ कोई कदम नहीं उठाया गया है। वहीं, कई यात्रियों का सुझाव है कि कानपुर से चलकर झांसी आने वाली पैसेंजर ट्रेन दोपहर 12.25 बजे झांसी आ जाती है। इसके बाद इसी रैक को अगले दिन सुबह 7.55 बजे कानपुर के लिए चलाया जाता है। यह गाड़ी 18 घंटे तक झांसी में खड़ी रहती है। अगर झांसी आने के बाद इसी गाड़ी को झांसी से उरई के मध्य इस अवधि में चला दिया जाए, तो यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। झांसी - कानपुर रेल मार्ग पर पैसेंजर ट्रेनों की कमी से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 7.55 बजे के बाद अगले 24 घंटे तक कोई पैसेंजर ट्रेन उपलब्ध नहीं होने के कारण इस मार्ग के 20 स्टेशनों के यात्रियों को सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। झांसी- लखनऊ इंटरसिटी और पैसेंजर के निरस्त चलने से यह स्थिति बनी हुई है।
झांसी- कानपुर रेल मार्ग पर मुस्तरा, गढ़मऊ, पारीछा, चिरगांव, नंदखास, मोंठ, एरच रोड, पिरौना, एट, भुआ, उरई, आटा, कालपी, चौराहा, पुखरांया, मलासा, लालपुर, तिलौची, पामा, भीमसेन आदि स्टेशन स्थित हैं। इस रूट पर 20 स्टेशन होने के बाद भी यात्रियों को पैसेंजर ट्रेनों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दरअसल, इस रूट पर दो ही पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होता है। इनमें एक गाड़ी झांसी- लखनऊ पैसेंजर तड़के 2.50 बजे व दूसरी गाड़ी झांसी - कानपुर पैसेंजर सुबह 7.55 बजे झांसी से चलती है। इनमें रात 2.50 पर चलने वाली पैसेंजर और सुबह 6.15 बजे चलने वाली इंटरसिटी का संचालन 15 दिसंबर से बंद चल रहा है। इससे यात्री परेशान हो रहे हैं। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कोहरे के मद्देनजर रेलवे बोर्ड ने इन ट्रेनों को निरस्त किया था। एक अप्रैल से इनका संचालन दोबारा शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
यह भी उठ रही मांग
कानपुर ट्रैक पर 19 घंटे के बीच कोई दूसरी पैसेंजर ट्रेन नहीं है। इतना ही नहीं रात 2.50 बजे चलने वाली गाड़ी के लिए यात्रियों को अपनी पूरी रात खराब करनी पड़ती है। उक्त स्टेशनों के यात्री लंबे समय से दिन के समय पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू करने की मांग कर रहे हैं, मगर अभी तक इस तरफ कोई कदम नहीं उठाया गया है। वहीं, कई यात्रियों का सुझाव है कि कानपुर से चलकर झांसी आने वाली पैसेंजर ट्रेन दोपहर 12.25 बजे झांसी आ जाती है। इसके बाद इसी रैक को अगले दिन सुबह 7.55 बजे कानपुर के लिए चलाया जाता है। यह गाड़ी 18 घंटे तक झांसी में खड़ी रहती है। अगर झांसी आने के बाद इसी गाड़ी को झांसी से उरई के मध्य इस अवधि में चला दिया जाए, तो यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है।
विज्ञापन