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ये मेरी आखिरी सभा है, आपको बहुत - बहुत प्रणाम
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ये मेरी आखिरी सभा है, आपको बहुत - बहुत प्रणाम
झांसी। चुनाव न लड़ने का पहले एलान कर चुकीं क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने जनसभा में कहा कि एक प्रकार से ये मेरी आखिरी सभा है, आपको बहुत - बहुत प्रणाम करती हूं। हालांकि, वोट मांगने आपके बीच आऊं गी। इस दौरान उन्होंने एक गाने की लाइन ‘दिल की किताब से तुम मेरा नाम भी मिटा देना, गुण तो न कोई भी तुम अवगुण मेरे भुला देना’ सुनाते हुए कहा कि मैं झांसी और ललितपुर की जनता का बोझ जीवन पर्यंत उतारती रहूंगी।
उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन की शुरुआत में जालौन के सांसद भानु प्रताप वर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि इनके बारे में एक बात प्रसिद्ध है कि वे लगातार गांव-गांव में घूमकर मिलते रहते हैं। लेकिन, मैं इसके विपरीत निकम्मी सांसद साबित हुई। सच में मुझे जिस तरह से आपसे संपर्क करना था, मैंने नहीं किया। फिर भी आपकी मेरे ऊपर बहुत कृपा रही। आप मेरी निंदा नहीं करते हो। ये भी नहीं कहते हो कि दीदी घूमीं नहीं।
गडकरी की जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका
उमा भारती ने कहा कि नितिन गडकरी की उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनसे पहली मुलाकात अटल सरकार में मंत्री रहते हुए हुई थी, तब वे महाराष्ट्र में मंत्री थे। मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने पर मुझे उनकी आवश्यकता पड़ी। मध्य प्रदेश की खराब सड़कों को सुधारने में उनकी मदद ली। अटल जी की फोरलेन सड़क के रचनाकार भी गडकरी रहे। इसके बाद में पार्टी से बाहर हो गई। लेकिन, गडकरी ने भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही प्रेस कांफ्रेंस में मेरे पार्टी में शामिल होने की घोषणा कर दी। 2014 में मैं चुनाव नहीं लड़ रही थी। लेकिन गडकरी के कहने पर मैं चुनाव लड़ी और केंद्र में कैबिनेट मंत्री भी उन्होंने ही बनवाया। गंगा सफाई की कमान भी उन्होंने ही मुझे सौंपी। उन्होंने कहा कि दुनिया में एक से एक काबिल लोग देखे, परंतु नितिन गडकरी जैसा नहीं देखा। उनके अंदर विकास की समझ है। इस दौरान उमा ने नितिन गडकरी को आभार जताते हुए गुलदस्ता भेंट किया।
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किसानों को नुकसान का मिलेगा मुआवजा
उमा भारती ने कहा कि बीती पूरी रात बारिश हुई है। इससे फसलों को नुकसान हुआ होगा। इसका आकलन कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। झांसी और ललितपुर के किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाया जाएगा। ईमानदारी से आकलन कर उन्हें क्षतिपूर्ति राशि दिलाई जाएगी।
फूड प्रोसेसिंग पार्क की कसक
उमा भारती ने कहा कि बुंदेलखंड में दलहन, तिलहन का अच्छा उत्पादन होता है। लेकिन, प्रोसेसिंग की सही व्यवस्था न होने की वजह से किसानों को उपज का सही मूल्य नहीं मिल पाता है। फूड प्रोसेसिंग पार्क की स्थापना के लिए झांसी और ललितपुर में जमीन भी चिह्नित है। लेकिन, निवेश नहीं हो पाया, जिससे ये योजना आकार नहीं ले पाई।
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झांसी। चुनाव न लड़ने का पहले एलान कर चुकीं क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने जनसभा में कहा कि एक प्रकार से ये मेरी आखिरी सभा है, आपको बहुत - बहुत प्रणाम करती हूं। हालांकि, वोट मांगने आपके बीच आऊं गी। इस दौरान उन्होंने एक गाने की लाइन ‘दिल की किताब से तुम मेरा नाम भी मिटा देना, गुण तो न कोई भी तुम अवगुण मेरे भुला देना’ सुनाते हुए कहा कि मैं झांसी और ललितपुर की जनता का बोझ जीवन पर्यंत उतारती रहूंगी।
उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन की शुरुआत में जालौन के सांसद भानु प्रताप वर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि इनके बारे में एक बात प्रसिद्ध है कि वे लगातार गांव-गांव में घूमकर मिलते रहते हैं। लेकिन, मैं इसके विपरीत निकम्मी सांसद साबित हुई। सच में मुझे जिस तरह से आपसे संपर्क करना था, मैंने नहीं किया। फिर भी आपकी मेरे ऊपर बहुत कृपा रही। आप मेरी निंदा नहीं करते हो। ये भी नहीं कहते हो कि दीदी घूमीं नहीं।
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गडकरी की जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका
उमा भारती ने कहा कि नितिन गडकरी की उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनसे पहली मुलाकात अटल सरकार में मंत्री रहते हुए हुई थी, तब वे महाराष्ट्र में मंत्री थे। मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने पर मुझे उनकी आवश्यकता पड़ी। मध्य प्रदेश की खराब सड़कों को सुधारने में उनकी मदद ली। अटल जी की फोरलेन सड़क के रचनाकार भी गडकरी रहे। इसके बाद में पार्टी से बाहर हो गई। लेकिन, गडकरी ने भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही प्रेस कांफ्रेंस में मेरे पार्टी में शामिल होने की घोषणा कर दी। 2014 में मैं चुनाव नहीं लड़ रही थी। लेकिन गडकरी के कहने पर मैं चुनाव लड़ी और केंद्र में कैबिनेट मंत्री भी उन्होंने ही बनवाया। गंगा सफाई की कमान भी उन्होंने ही मुझे सौंपी। उन्होंने कहा कि दुनिया में एक से एक काबिल लोग देखे, परंतु नितिन गडकरी जैसा नहीं देखा। उनके अंदर विकास की समझ है। इस दौरान उमा ने नितिन गडकरी को आभार जताते हुए गुलदस्ता भेंट किया।
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किसानों को नुकसान का मिलेगा मुआवजा
उमा भारती ने कहा कि बीती पूरी रात बारिश हुई है। इससे फसलों को नुकसान हुआ होगा। इसका आकलन कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। झांसी और ललितपुर के किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाया जाएगा। ईमानदारी से आकलन कर उन्हें क्षतिपूर्ति राशि दिलाई जाएगी।
फूड प्रोसेसिंग पार्क की कसक
उमा भारती ने कहा कि बुंदेलखंड में दलहन, तिलहन का अच्छा उत्पादन होता है। लेकिन, प्रोसेसिंग की सही व्यवस्था न होने की वजह से किसानों को उपज का सही मूल्य नहीं मिल पाता है। फूड प्रोसेसिंग पार्क की स्थापना के लिए झांसी और ललितपुर में जमीन भी चिह्नित है। लेकिन, निवेश नहीं हो पाया, जिससे ये योजना आकार नहीं ले पाई।