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स्टोर रीडिंग प्रकरण: एक साल का खंगाला जाएगा रिकार्ड-City
Updated Sun, 30 Sep 2018 01:29 AM IST
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बिजली: एक साल का खंगाला जाएगा रिकार्ड
झांसी। बिजली विभाग में खराब मीटर दिखाकर स्टोर रीडिंग को खत्म करने के खेल की जांच के दौरान एक साल का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। इस खेल में शामिल अधिकारी और कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। कोई सिफारिश लगाने में तो कोई अपने अधीनस्थ को धमकाने में लगा है।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा के निर्देश पर बिजली विभाग में खराब मीटर दिखाकर स्टोर रीडिंग को खत्म करने के खेल की जांच शुरू हो गई है। इस मामले में अधीक्षण अभियंता राकेश वर्मा ने संबंधित अधिशासी अभियंताओं से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। कोई अधिकारी बचाव के लिए सिफारिश लगा रहा है तो कोई अपने अधीनस्थ पर संदेह कर उसे डांटने में लगा है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि तीनों अधिशासी अभियंताओं की रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर जांच समिति का गठन होगा। जांच समिति की रिपोर्ट प्रबंध निदेशक पास भेजी जाएगी। प्रबंध निदेशक ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश देंगे। रिपोर्ट के बाद इस मामले में पिछले एक साल का रिकार्ड भी खंगाला जाएगा।
मालूम हो कि अमर उजाला ने शुक्रवार के अपने अंक में प्रकाशित किया था कि कई उपभोक्ता न्यूनतम रीडिंग का बिल बनवाने के बाद मीटर में रीडिंग स्टोर कर लेते हैं। जब स्टोर रीडिंग हजारों में पहुंच जाती हैं तो उपभोक्ता मीटर शाखा से सांठगांठ करके मीटर बदलवा लेते हैं। इस घालमेल में शामिल अधिकारी भी मीटर खराब दिखाकर ओके रिपोर्ट लगा देते हैं। सीलिंग प्रमाण पत्र में वह रीडिंग दर्शायी जाती है, जहां तक उपभोक्ता बिल जमा कर चुका होता है। पिछले एक साल में सौ से अधिक ऐसे मामलों में 50 लाख से अधिक का चूना विभाग को लगाया गया।
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झांसी। बिजली विभाग में खराब मीटर दिखाकर स्टोर रीडिंग को खत्म करने के खेल की जांच के दौरान एक साल का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। इस खेल में शामिल अधिकारी और कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। कोई सिफारिश लगाने में तो कोई अपने अधीनस्थ को धमकाने में लगा है।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा के निर्देश पर बिजली विभाग में खराब मीटर दिखाकर स्टोर रीडिंग को खत्म करने के खेल की जांच शुरू हो गई है। इस मामले में अधीक्षण अभियंता राकेश वर्मा ने संबंधित अधिशासी अभियंताओं से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। कोई अधिकारी बचाव के लिए सिफारिश लगा रहा है तो कोई अपने अधीनस्थ पर संदेह कर उसे डांटने में लगा है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि तीनों अधिशासी अभियंताओं की रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर जांच समिति का गठन होगा। जांच समिति की रिपोर्ट प्रबंध निदेशक पास भेजी जाएगी। प्रबंध निदेशक ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश देंगे। रिपोर्ट के बाद इस मामले में पिछले एक साल का रिकार्ड भी खंगाला जाएगा।
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मालूम हो कि अमर उजाला ने शुक्रवार के अपने अंक में प्रकाशित किया था कि कई उपभोक्ता न्यूनतम रीडिंग का बिल बनवाने के बाद मीटर में रीडिंग स्टोर कर लेते हैं। जब स्टोर रीडिंग हजारों में पहुंच जाती हैं तो उपभोक्ता मीटर शाखा से सांठगांठ करके मीटर बदलवा लेते हैं। इस घालमेल में शामिल अधिकारी भी मीटर खराब दिखाकर ओके रिपोर्ट लगा देते हैं। सीलिंग प्रमाण पत्र में वह रीडिंग दर्शायी जाती है, जहां तक उपभोक्ता बिल जमा कर चुका होता है। पिछले एक साल में सौ से अधिक ऐसे मामलों में 50 लाख से अधिक का चूना विभाग को लगाया गया।
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