{"_id":"5b73409342c7926ea20646bd","slug":"51534279827-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश: जनपद में सूखे का साया-City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश: जनपद में सूखे का साया-City
Updated Wed, 15 Aug 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जिले में सूखे का साया
झांसी। अगस्त में बरसात का सिलसिला थमने से जनपद में सूखे के आसार बनने शुरू हो गए हैं। जून से अभी तक मात्र 358 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई, जो औसत से पांच सौ मिलीमीटर कम है। इन स्थितियों को देखते हुए सूखे से निपटने के लिए संबंधित विभागों को कार्य योजना बनाने में जुट गए हैं।
बुंदेलखंड की त्रासदी है कि हर तीसरे और चौथे साल यहां पर सूखा पड़ता है। अबकी बार भी ऐसी ही स्थितियां हैं। एक बार फिर सूखा का संकट मंडरा रहा है। अकेले चित्रकूट जिले को छोड़ दिया जाए तो बाकी छह जिले बरसात के सीजन में पानी के लिए तरस रहे हैं। अभी तक हुई बरसात से कृषि विभाग के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। विभाग ने सूखा की संभावनाओं को देखते हुए सर्वे कराने का निर्णय लिया है। वहीं, संभावित सूखे से निपटने के लिए अन्य विभागों को भी कार्य योजना बनाने की तैयारियां करने को कहा गया है।
ढाई महीने में 358 मिलीमीटर पानी
जिले की औसत वर्षा 825 मिलीमीटर है। जून और जुलाई में 331 मिलमीटर बरसात दर्ज की गई। अगस्त में एक पखवाड़ा बीतने के बाद भी 27 मिलीमीटर बारिश हो सकी। जबकि, पिछले साल जून में 90.70 मिलीमीटर, जुलाई में 144.54 मिलीमीटर और अगस्त में 94 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।
झांसी। अगस्त में बरसात का सिलसिला थमने से जनपद में सूखे के आसार बनने शुरू हो गए हैं। जून से अभी तक मात्र 358 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई, जो औसत से पांच सौ मिलीमीटर कम है। इन स्थितियों को देखते हुए सूखे से निपटने के लिए संबंधित विभागों को कार्य योजना बनाने में जुट गए हैं।
बुंदेलखंड की त्रासदी है कि हर तीसरे और चौथे साल यहां पर सूखा पड़ता है। अबकी बार भी ऐसी ही स्थितियां हैं। एक बार फिर सूखा का संकट मंडरा रहा है। अकेले चित्रकूट जिले को छोड़ दिया जाए तो बाकी छह जिले बरसात के सीजन में पानी के लिए तरस रहे हैं। अभी तक हुई बरसात से कृषि विभाग के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। विभाग ने सूखा की संभावनाओं को देखते हुए सर्वे कराने का निर्णय लिया है। वहीं, संभावित सूखे से निपटने के लिए अन्य विभागों को भी कार्य योजना बनाने की तैयारियां करने को कहा गया है।
विज्ञापन
ढाई महीने में 358 मिलीमीटर पानी
जिले की औसत वर्षा 825 मिलीमीटर है। जून और जुलाई में 331 मिलमीटर बरसात दर्ज की गई। अगस्त में एक पखवाड़ा बीतने के बाद भी 27 मिलीमीटर बारिश हो सकी। जबकि, पिछले साल जून में 90.70 मिलीमीटर, जुलाई में 144.54 मिलीमीटर और अगस्त में 94 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।
विज्ञापन